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एक शब्‍द में उत्‍तर लिखो: कवि की जिह्‌वा पर इसके गीत हों −

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प्रश्न

एक शब्‍द में उत्‍तर लिखो:

कवि की जिह्‌वा पर इसके गीत हों −

एक शब्द/वाक्यांश उत्तर
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उत्तर

मातृभूमि

shaalaa.com
पद्य (8th Standard)
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अध्याय 1.1: हे मातृभूमि ! - सूचना के अनुसार कृतियाँ करो [पृष्ठ २]

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बालभारती Hindi Sulabhbharati Standard 8 Maharashtra State Board
अध्याय 1.1 हे मातृभूमि !
सूचना के अनुसार कृतियाँ करो | Q (३) १. | पृष्ठ २

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प्रतिदिन सुनने/सुनाने योग्‍य नाम - ______


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मातृभूमि के चरणों में इसे नवाना है - ______


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बदले-से लगते हैं - ______


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जहाँ तिल रखने की जगह नहीं है - ______


उत्‍तर लिखो :

काँटे बोने वाले 


उत्‍तर लिखो :

चुभने वाली 


उत्‍तर लिखो :

फटने वाले 


कविता की अंतिम चार पंक्‍तियों का अर्थ लिखो।

बात बेबात कोई चुभने लगे तो,
बदलकर उसे मोड़ना सीख लीजे।

ये किसने कहा होंठ सीकर के बैठो,
जरूरत पे मुँह खोलना सीख लीजे।


कविता में इस अर्थ में आए शब्‍द लिखो :

बलराम


कृति पूर्ण करो :


उत्‍तर लिखो :

मेधा की ऊँचाई नापेगा 


कविता (सौहार्द-सौमनस्य) में इस अर्थ में प्रयुक्‍त शब्‍द लिखो :

दीपक


कृति करो :


कृति करो :


संजाल पूर्ण करो :


कृति करो :

 


अंतिम चार पंक्‍तियों का अर्थ लिखो।

चख-चख जीवन मधुरस प्रतिक्षण
विपुल मनोवैभव कर संचित,
जन मधुकर अनुभूति द्रवित जब
करते भव मधु छत्र विनिर्मित
नहीं प्रार्थना इससे शुचितर !


कविता में उल्‍लिखित मानव के विभिन्न रूप लिखोः

१. ______

२. ______

३. ______

4. ______


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