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कृति पूर्ण करो : ऐसी वाणी बोलनी है जिससे - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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प्रश्न

कृति पूर्ण करो :

सारिणी
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उत्तर

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अध्याय 1.9: अनमोल वाणी - सूचना के अनुसार कृतियाँ करो [पृष्ठ २४]

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बालभारती Hindi Sulabhbharati [English] Standard 8 Maharashtra State Board
अध्याय 1.9 अनमोल वाणी
सूचना के अनुसार कृतियाँ करो | Q 1 | पृष्ठ २४

संबंधित प्रश्न

कृति पूर्ण करो:

मातृभूमि की विशेषताएँ

  1. ______
  2. ______
  3. ______
  4. ______

कृति पूर्ण करो :


एक शब्‍द में उत्‍तर लिखो :

मातृभूमि के चरण धोने वाला - ______


एक शब्‍द में उत्‍तर लिखो :

प्रतिदिन सुनने/सुनाने योग्‍य नाम - ______


एक शब्‍द में उत्‍तर लिखो :

मातृभूमि के चरणों में इसे नवाना है - ______


तुलना करो :

गाँव शहर
______ ______
______ ______
______ ______

उचित जोड़ियाँ मिलाओ :

उत्‍तर
१. मेट्रो ______ गाँव
२. पीपल ______ कस्‍बा
    शहर

कृति पूर्ण करो :


एक शब्‍द में उत्‍तर लिखो :

लँगड़ाकर चलने वाली - ______


कविता की अंतिम चार पंक्‍तियों का अर्थ लिखो।

बात बेबात कोई चुभने लगे तो,
बदलकर उसे मोड़ना सीख लीजे।

ये किसने कहा होंठ सीकर के बैठो,
जरूरत पे मुँह खोलना सीख लीजे।


कविता में इस अर्थ में आए शब्‍द लिखो :

ठंडा


कृति पूर्ण करो :


कृति करो :


कविता (सौहार्द-सौमनस्‍य) में इस अर्थ में प्रयुक्‍त शब्‍द लिखो :

प्रेम


कृति करो :


संजाल पूर्ण करो :


कृति करो :

 


अंतिम चार पंक्‍तियों का अर्थ लिखो।

चख-चख जीवन मधुरस प्रतिक्षण
विपुल मनोवैभव कर संचित,
जन मधुकर अनुभूति द्रवित जब
करते भव मधु छत्र विनिर्मित
नहीं प्रार्थना इससे शुचितर !


कविता में उल्‍लिखित मानव के विभिन्न रूप लिखोः

१. ______

२. ______

३. ______

4. ______


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