Advertisements
Advertisements
Question
कविता की पंक्तियाँ पूर्ण करो :
सेवा में तेरी ____________;
__________________ ।।
__________________ ।
बलिदान मैं जाऊँ ।।
Advertisements
Solution
सेवा में तेरी माता! मैं भेदभाव तजकर;
वह पुण्य नाम तेरा, प्रतिदिन सुनूँ-सुनाऊँ।।
तेरे ही काम आऊँ, तेरा ही मंत्र गाऊँ।
मन और देह तुम पर बलिदान मैं जाऊँ।।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
कृति पूर्ण करो:
मातृभूमि की विशेषताएँ
- ______
- ______
- ______
- ______
एक शब्द में उत्तर लिखो :
मातृभूमि के चरण धोने वाला - ______
एक शब्द में उत्तर लिखो:
कवि की जिह्वा पर इसके गीत हों −
उचित जोड़ियाँ मिलाओ :
| अ | उत्तर | आ |
| १. मेट्रो | ______ | गाँव |
| २. पीपल | ______ | कस्बा |
| शहर |
एक शब्द में उत्तर लिखो :
जहाँ तिल रखने की जगह नहीं है - ______
प्रवाह तालिका पूर्ण करो :

उत्तर लिखो :
काँटे बोने वाले
उत्तर लिखो :
चुभने वाली
उत्तर लिखो :
फटने वाले
कविता में आए इस अर्थ के शब्द लिखो :
| अर्थ | शब्द | |
| (१) | मधु | ______ |
| (२) | कड़वे | ______ |
| (३) | विचार | ______ |
| (४) | आवश्यकता | ______ |
प्रवाह तालिका पूर्ण करो:

कृति पूर्ण करो :

कृति पूर्ण करो :

कविता (सौहार्द-सौमनस्य) में इस अर्थ में प्रयुक्त शब्द लिखो :
पुष्प
कृति करो :

कृति करो :

उत्तर लिखो :
कविता में प्रयुक्त पात्र
- ______
- ______
- ______
कृति करो :
कविता में उल्लिखित मानव के विभिन्न रूप लिखोः
१. ______
२. ______
३. ______
4. ______
