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कौन-कौन सी चीजें तुम्हें बिल्कुल बेकार लगती हैं? खेल - Hindi (हिंदी)

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Question

कौन-कौन सी चीजें तुम्हें बिल्कुल बेकार लगती हैं?

 खेल 

One Line Answer
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Solution

खेल – कबड्डी, पतंगबाजी

shaalaa.com
एक दिन की बादशाहत
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Chapter 10: एक दिन की बादशाहत - एक दिन की बादशाहत [Page 82]

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NCERT Hindi - Rimjhim Class 5
Chapter 10 एक दिन की बादशाहत
एक दिन की बादशाहत | Q 2. (घ) | Page 82

RELATED QUESTIONS

अब्बा ने क्या सोचकर कहानी की बात मान ली?


वह एक दिन बहुत अनोखा था जब बच्चों को बड़ों के अधिकार मिल गए थे। वह दिन बीत जाने पर इन्होंने क्या सोचा होगा-

आरिफ ने


वह एक दिन बहुत अनोखा था जब बच्चों को बड़ों के अधिकार मिल गए थे। वह दिन बीत जाने पर इन्होंने क्या सोचा होगा-

अम्मी ने


वह एक दिन बहुत अनोखा था जब बच्चों को बड़ों के अधिकार मिल गए थे। वह दिन बीत जाने पर इन्होंने क्या सोचा होगा-

दादी ने


अगर तुम्हें घर में एक दिन के लिए सारे अधिकार दे दिए जाएँ तो तुम क्या-क्या करोगी?


कहानी में ऐसे कई काम बताए गए हैं जो बड़े लोग आरिफ और सलीम से करने के लिए कहते थे। तुम्हारे विचार से उनमें से कौन-कौन से काम उन्हें बिना शिकायत किए कर लेने चाहिए थे और कौन-कौन से कामों के लिए मना कर देना चाहिए था?


"दोनों घंटों बैठकर इन पाबंदियों से बच निकलने की तरकीबें सोचा करते थे।"

कौन-सी तरकीब से उनकी इच्छा पूरी हो गई थी?


क्या तुम उन दोनों को इस तरकीब से भी अच्छी तरकीब सुझा सकती हो?


“… आज तो उनके सारे अधिकार छीने जा चुके हैं।”

अम्मी के अधिकार किसने छीन लिए थे?


“… आज तो उनके सारे अधिकार छीने जा चुके हैं।”

क्या उन्हें अम्मी के अधिकार छीनने चाहिए थे?


‘बादशाहत’ क्या होती है? चर्चा करो।


तुम्हारे विचार से इस कहानी का नाम ‘एक दिन की बादशाहत’ क्यों रखा गया है? तुम भी अपने मन से सोचकर कहानी को कोई शीर्षक दो।


कहानी में उस दिन बच्चों को सारे बड़ों वाले काम करने पड़े थे। ऐसे में कौन एक दिन का असली ‘बादशाह’ बन गया था?


"रोज़ की तरह आज वह तर माल अपने लिए न रख सकती थी।"

कुछ ऐसी चीज़ों के नाम भी बताओ, जो तुम्हें ‘तर माल’ नहीं लगतीं।


"रोज़ की तरह आज वह तर माल अपने लिए न रख सकती थी।"

इन चीज़ों को तुम क्या नाम देना चाहोगी? सुझाओ।


कौन-कौन सी चीजें तुम्हें बिल्कुल बेकार लगती हैं?

खाने-पीने की चीजें


कौन-कौन सी चीजें तुम्हें बिल्कुल बेकार लगती हैं?

करने के काम


  • भारी साड़ी
  • भारी अटैची
  • भारी काम
  • भारी बारिश।

ऊपर 'भारी' विशेषण का चार अलग-अलग संज्ञाओं के साथ इस्तेमाल किया गया है।
इन चारों में 'भारी' का अर्थ एक-सा नहीं है। इनमें क्या अंतर है?


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