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तुम्हारे विचार से इस कहानी का नाम ‘एक दिन की बादशाहत’ क्यों रखा गया है? तुम भी अपने मन से सोचकर कहानी को कोई शीर्षक दो। - Hindi (हिंदी)

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Question

तुम्हारे विचार से इस कहानी का नाम ‘एक दिन की बादशाहत’ क्यों रखा गया है? तुम भी अपने मन से सोचकर कहानी को कोई शीर्षक दो।

Answer in Brief
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Solution

ऐसा शीर्षक इसलिए रखा गया है क्योंकि आरिफ़ और सलीम एक दिन के लिए बादशाह की तरह अपनी मर्जी से घर का शासन चलाते हैं। वे घर के सभी सदस्यों को आदेश देते हैं। उन्हें क्या करना है, क्या पहनना है, क्या खाना है… आदि निर्देश देते हैं। इस कहानी का दूसरा शीर्षक हो सकता है ‘बच्चों की हुकूमत’।

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एक दिन की बादशाहत
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Chapter 10: एक दिन की बादशाहत - एक दिन की बादशाहत [Page 81]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Rimjhim Class 5
Chapter 10 एक दिन की बादशाहत
एक दिन की बादशाहत | Q 2. | Page 81

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अब्बा ने क्या सोचकर कहानी की बात मान ली?


वह एक दिन बहुत अनोखा था जब बच्चों को बड़ों के अधिकार मिल गए थे। वह दिन बीत जाने पर इन्होंने क्या सोचा होगा-

अम्मी ने


कहानी में ऐसे कई काम बताए गए हैं जो बड़े लोग आरिफ और सलीम से करने के लिए कहते थे। तुम्हारे विचार से उनमें से कौन-कौन से काम उन्हें बिना शिकायत किए कर लेने चाहिए थे और कौन-कौन से कामों के लिए मना कर देना चाहिए था?


"दोनों घंटों बैठकर इन पाबंदियों से बच निकलने की तरकीबें सोचा करते थे।"

कौन-सी तरकीब से उनकी इच्छा पूरी हो गई थी?


क्या तुम उन दोनों को इस तरकीब से भी अच्छी तरकीब सुझा सकती हो?


“… आज तो उनके सारे अधिकार छीने जा चुके हैं।”

क्या उन्हें अम्मी के अधिकार छीनने चाहिए थे?


‘बादशाहत’ क्या होती है? चर्चा करो।


कहानी में उस दिन बच्चों को सारे बड़ों वाले काम करने पड़े थे। ऐसे में कौन एक दिन का असली ‘बादशाह’ बन गया था?


"रोज़ की तरह आज वह तर माल अपने लिए न रख सकती थी।"

कहानी में किन-किन चीज़ों को तर माल कहा गया है?


"रोज़ की तरह आज वह तर माल अपने लिए न रख सकती थी।"

इन चीज़ों के अलावा और किन-किन चीज़ों को ‘तर माल’ कहा जा सकता है?


"रोज़ की तरह आज वह तर माल अपने लिए न रख सकती थी।"

कुछ ऐसी चीज़ों के नाम भी बताओ, जो तुम्हें ‘तर माल’ नहीं लगतीं।


"बिल्कुल इसी तरह तो वह आरिफ़ और सलीम से उनकी मनपसंद कमीज़ उतरवा कर निहायत बेकार कपड़े पहनने का हुक्म लगाया करती हैं।"

तुम्हें भी अपना कोई खास कपड़ा सबसे अच्छा लगता होगा। उस कपड़े के बारे में बताओ। वह तुम्हें सबसे अच्छा क्यों लगता है?


कौन-कौन सी चीजें तुम्हें बिल्कुल बेकार लगती हैं?

करने के काम


कौन-कौन सी चीजें तुम्हें बिल्कुल बेकार लगती हैं?

 खेल 


“इतनी भारी साड़ी क्यों पहनी?”

यहाँ पर ‘भारी साड़ी’ से क्या मतलब है?


  • भारी साड़ी
  • भारी अटैची
  • भारी काम
  • भारी बारिश।

ऊपर 'भारी' विशेषण का चार अलग-अलग संज्ञाओं के साथ इस्तेमाल किया गया है।
इन चारों में 'भारी' का अर्थ एक-सा नहीं है। इनमें क्या अंतर है?


'भारी' की तरह हल्का का भी अलग-अलग अर्थों में इस्तेमाल करो।


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