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“… आज तो उनके सारे अधिकार छीने जा चुके हैं।” उन्होंने अम्मी के कौन-कौन से अधिकार छीने होंगे?

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Question

“… आज तो उनके सारे अधिकार छीने जा चुके हैं।”

उन्होंने अम्मी के कौन-कौन से अधिकार छीने होंगे?

Answer in Brief
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Solution

उन्होंने अम्मी के निम्न अधिकार छीने होंगे।

  • डाँटने का अधिकार।
  • अपना मनपसंद भोजन बनवाने का अधिकार।
  • पाबंदियाँ लगाने का अधिकार।
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एक दिन की बादशाहत
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Chapter 10: एक दिन की बादशाहत - एक दिन की बादशाहत [Page 81]

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NCERT Hindi - Rimjhim Class 5
Chapter 10 एक दिन की बादशाहत
एक दिन की बादशाहत | Q 3. | Page 81

RELATED QUESTIONS

अब्बा ने क्या सोचकर कहानी की बात मान ली?


वह एक दिन बहुत अनोखा था जब बच्चों को बड़ों के अधिकार मिल गए थे। वह दिन बीत जाने पर इन्होंने क्या सोचा होगा-

अम्मी ने


कहानी में ऐसे कई काम बताए गए हैं जो बड़े लोग आरिफ और सलीम से करने के लिए कहते थे। तुम्हारे विचार से उनमें से कौन-कौन से काम उन्हें बिना शिकायत किए कर लेने चाहिए थे और कौन-कौन से कामों के लिए मना कर देना चाहिए था?


"दोनों घंटों बैठकर इन पाबंदियों से बच निकलने की तरकीबें सोचा करते थे।"

तुम्हारे विचार से वे कौन कौन-सी तरकीबें सोचते होंगे?


क्या तुम उन दोनों को इस तरकीब से भी अच्छी तरकीब सुझा सकती हो?


“… आज तो उनके सारे अधिकार छीने जा चुके हैं।”

अम्मी के अधिकार किसने छीन लिए थे?


“… आज तो उनके सारे अधिकार छीने जा चुके हैं।”

क्या उन्हें अम्मी के अधिकार छीनने चाहिए थे?


‘बादशाहत’ क्या होती है? चर्चा करो।


तुम्हारे विचार से इस कहानी का नाम ‘एक दिन की बादशाहत’ क्यों रखा गया है? तुम भी अपने मन से सोचकर कहानी को कोई शीर्षक दो।


कहानी में उस दिन बच्चों को सारे बड़ों वाले काम करने पड़े थे। ऐसे में कौन एक दिन का असली ‘बादशाह’ बन गया था?


"रोज़ की तरह आज वह तर माल अपने लिए न रख सकती थी।"

कहानी में किन-किन चीज़ों को तर माल कहा गया है?


"रोज़ की तरह आज वह तर माल अपने लिए न रख सकती थी।"

कुछ ऐसी चीज़ों के नाम भी बताओ, जो तुम्हें ‘तर माल’ नहीं लगतीं।


कौन-कौन सी चीजें तुम्हें बिल्कुल बेकार लगती हैं?

पहनने की चीजें


कौन-कौन सी चीजें तुम्हें बिल्कुल बेकार लगती हैं?

खाने-पीने की चीजें


“इतनी भारी साड़ी क्यों पहनी?”

यहाँ पर ‘भारी साड़ी’ से क्या मतलब है?


  • भारी साड़ी
  • भारी अटैची
  • भारी काम
  • भारी बारिश।

ऊपर 'भारी' विशेषण का चार अलग-अलग संज्ञाओं के साथ इस्तेमाल किया गया है।
इन चारों में 'भारी' का अर्थ एक-सा नहीं है। इनमें क्या अंतर है?


'भारी' की तरह हल्का का भी अलग-अलग अर्थों में इस्तेमाल करो।


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