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भारी साड़ी भारी अटैची भारी काम भारी बारिश। ऊपर 'भारी' विशेषण का चार अलग-अलग संज्ञाओं के साथ इस्तेमाल किया गया है।इन चारों में 'भारी' का अर्थ एक-सा नहीं है।

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Question

  • भारी साड़ी
  • भारी अटैची
  • भारी काम
  • भारी बारिश।

ऊपर 'भारी' विशेषण का चार अलग-अलग संज्ञाओं के साथ इस्तेमाल किया गया है।
इन चारों में 'भारी' का अर्थ एक-सा नहीं है। इनमें क्या अंतर है?

Answer in Brief
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Solution

  • भारी साड़ी - साड़ी पर बेल-बूटों की कढ़ाई होने पर यह भारी लगने लगती है। ऐसी साड़ी मँहगी भी होती हैं। अतः यहाँ ‘भारी’ का अर्थ मँहगी और अत्यधिक कढ़ाईदार होने से है।
  • भारी अटैची - अटैची में वज़नदार सामान है जिससे वह भारी हो गई है। अतः यहाँ ‘भारी’ का अर्थ है। वज़नदार।
  • भारी काम - कोई काम जब बहुत बड़ा, मुश्किल और पेचीदा होता है तब उसके पहले ‘भारी’ विशेषण का प्रयोग किया जाता है। अतः यहाँ ‘भारी’ का अर्थ काम के ‘बड़े, मुश्किल और पेचीदा होने से है।
  • भारी बारिश - वर्षा जब बहुत अधिक होती है तो उसके पहले प्रायः हम ‘भारी विशेषण लगाते हैं। अतः यहाँ ‘भारी’ का अर्थ ‘अधिक’ से है।
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एक दिन की बादशाहत
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Chapter 10: एक दिन की बादशाहत - एक दिन की बादशाहत [Page 82]

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NCERT Hindi - Rimjhim Class 5
Chapter 10 एक दिन की बादशाहत
एक दिन की बादशाहत | Q (ख) | Page 82

RELATED QUESTIONS

अब्बा ने क्या सोचकर कहानी की बात मान ली?


वह एक दिन बहुत अनोखा था जब बच्चों को बड़ों के अधिकार मिल गए थे। वह दिन बीत जाने पर इन्होंने क्या सोचा होगा-

अम्मी ने


अगर तुम्हें घर में एक दिन के लिए सारे अधिकार दे दिए जाएँ तो तुम क्या-क्या करोगी?


कहानी में ऐसे कई काम बताए गए हैं जो बड़े लोग आरिफ और सलीम से करने के लिए कहते थे। तुम्हारे विचार से उनमें से कौन-कौन से काम उन्हें बिना शिकायत किए कर लेने चाहिए थे और कौन-कौन से कामों के लिए मना कर देना चाहिए था?


"दोनों घंटों बैठकर इन पाबंदियों से बच निकलने की तरकीबें सोचा करते थे।"

तुम्हारे विचार से वे कौन कौन-सी तरकीबें सोचते होंगे?


"दोनों घंटों बैठकर इन पाबंदियों से बच निकलने की तरकीबें सोचा करते थे।"

कौन-सी तरकीब से उनकी इच्छा पूरी हो गई थी?


क्या तुम उन दोनों को इस तरकीब से भी अच्छी तरकीब सुझा सकती हो?


“… आज तो उनके सारे अधिकार छीने जा चुके हैं।”

अम्मी के अधिकार किसने छीन लिए थे?


“… आज तो उनके सारे अधिकार छीने जा चुके हैं।”

क्या उन्हें अम्मी के अधिकार छीनने चाहिए थे?


‘बादशाहत’ क्या होती है? चर्चा करो।


कहानी में उस दिन बच्चों को सारे बड़ों वाले काम करने पड़े थे। ऐसे में कौन एक दिन का असली ‘बादशाह’ बन गया था?


"रोज़ की तरह आज वह तर माल अपने लिए न रख सकती थी।"

कहानी में किन-किन चीज़ों को तर माल कहा गया है?


"रोज़ की तरह आज वह तर माल अपने लिए न रख सकती थी।"

इन चीज़ों के अलावा और किन-किन चीज़ों को ‘तर माल’ कहा जा सकता है?


"बिल्कुल इसी तरह तो वह आरिफ़ और सलीम से उनकी मनपसंद कमीज़ उतरवा कर निहायत बेकार कपड़े पहनने का हुक्म लगाया करती हैं।"

तुम्हें भी अपना कोई खास कपड़ा सबसे अच्छा लगता होगा। उस कपड़े के बारे में बताओ। वह तुम्हें सबसे अच्छा क्यों लगता है?


कौन-कौन सी चीजें तुम्हें बिल्कुल बेकार लगती हैं?

करने के काम


कौन-कौन सी चीजें तुम्हें बिल्कुल बेकार लगती हैं?

 खेल 


'भारी' की तरह हल्का का भी अलग-अलग अर्थों में इस्तेमाल करो।


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