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Question
हमारे देश में पुराने समय से ही पेड़-पौधों को लगाने और उन्हें कटने से बचाने की परंपरा रही है। कई बार लोगों ने मिलकर पेड़ों को बचाने के लिए आंदोलन भी किया। ऐसे ही किसी आंदोलन के बारे में जानकारी इकट्ठी करके कॉपी में लिखो। इसके लिए तुम्हें पुस्तकालय, समाचार-पत्रों, शिक्षिका या माता-पिता और इंटरनेट से भी सहायता मिल सकती है।
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Solution
चिपको आंदोलन- यह आंदोलन पेड़ों को कटने से बचाने के लिए सन् 1973 में गढ़वाल के चमोली जिले में आरंभ हुआ था। इसने धीरे-धीरे पूरे उत्तराखण्ड में जागरूकता फैलायी और पेड़ों को कटने से बचाया गया। सुंदर लाल बहुगुणा के नेतृत्व में स्त्रियों ने बढ़-चढ़कर इस आंदोलन में भाग लिया। स्त्रियों की सजगता के कारण ही यह आंदोलन सफल हुआ और कई असंख्य पेड़ों को बलि चढ़ने से बचाया जा सका। यह आंदोलन सत्याग्रह पर आधारित था। स्त्रियाँ पेड़ों से चिपक गई और बल प्रयोग करने पर भी नहीं हठीं। इस तरह से आंदोलन ने पूरे भारत के लोगों को जागरूक किया। यह ऐसा अनोखा आंदोलन था, जहाँ स्त्रियों की भागीदारी सबसे अधिक थी। इस आंदोलन को पूरे विश्व में सराहा गया।
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छप से
टप से
थर्र से
फुर्र से
सन् से।
(क)मेंढक पानी में _________ कूद गया।
(ख)नल बंद होने के बाद पानी की एक बूंद _________ च गई।
(ग)शोर होते ही चिड़िया __________ उड़ी।
(घ) ठंडी हवा__________गुजरी, मैं ठंड में _________ काँप गया।
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