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गौरव जानी ने ऐसा क्यों कहा - ‘इतनी उँचाई पर साँस लेने में भी मुश्किल हो रही थी’? - Environmental Studies (पर्यावरण अध्ययन)

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Question

गौरव जानी ने ऐसा क्यों कहा - ‘इतनी उँचाई पर साँस लेने में भी मुश्किल हो रही थी’?

Short/Brief Note
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Solution

ज्यादा ऊँचाई पर हवा पतली हो जाती है जिसके कारण ऑक्सीजन का स्तर भी कम जाता है। इसलिये वहाँ ऑक्सीजन कम होने के कारण साँस लेने में कठिनाई होती है। इसलिए गौरव जानी ने “इतनी ऊँचाई पर साँस लेने में भी मुश्किल हो रही थी” ऐसा कहा।

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बसेरा ऊँचाई पर
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Chapter 13: बसेरा ऊँचाई पर - पता करो [Page 124]

APPEARS IN

NCERT Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 5
Chapter 13 बसेरा ऊँचाई पर
पता करो | Q 2 | Page 124

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तुम ज़्यादा-से-ज़्यादा कितनी उँचाई तक गए हो?


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