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एथिलीन क्लोराइड एवं एथिलिडीन क्लोराइड समावयव हैं। इनके विषय में सही कथन पहचानिए। (i) ऐल्कोहॉली KOH से अभिक्रिया में दोनों यौगिक एक ही उत्पाद् बनाते हैं।

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Question

एथिलीन क्लोराइड एवं एथिलिडीन क्लोराइड समावयव हैं। इनके विषय में सही कथन पहचानिए।

(i) ऐल्कोहॉली KOH से अभिक्रिया में दोनों यौगिक एक ही उत्पाद् बनाते हैं।

(ii) जलीय NaOH के साथ अभिक्रिया में दोनों यौगिक एक ही उत्पाद् बनाते हैं।

(iii) दोनों यौगिक अपचयन से एक ही उत्पाद् बनाते हैं।

(iv) दोनों यौगिक ध्रुवण घूर्णक हैं।

Short/Brief Note
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Solution

(i) ऐल्कोहॉली KOH से अभिक्रिया में दोनों यौगिक एक ही उत्पाद् बनाते हैं।

(iii) दोनों यौगिक अपचयन से एक ही उत्पाद् बनाते हैं।

स्पष्टीकरण:

\[\ce{\underset{{(एथिलिडीन क्लोराइड)}}{H3C - CHCl2}}\] एवं \[\begin{array}{cc}
\phantom{}\ce{H2C - CH2}\phantom{}\\
\phantom{}|\phantom{....}|\\
\phantom{....}\ce{\underset{{(एथिलीन क्लोराइड)}}{\phantom{}Cl\phantom{..}Cl}}
\end{array}\]  समावयव हैं।

(1) ऐल्कोहॉली KOH से अभिक्रिया होने पर एथिलिडीन क्लोराइड और एथिलिडीन क्लोराइड दोनों ही एथाइन के रूप में अपना उत्पाद देते हैं।

\[\ce{CH3CHCl2 ->[alc.][KOH] CH ≡ CH + 2KCl + 2H2O}\]

\[\ce{Cl - CH2 - CH2 - Cl ->[alc.KOH] CH ≡ CH + 2KCl + H2O}\]

(2) ऐल्कोहॉली में Zn धूलि के साथ, दोनों ही यौगिकों का एथीलिन में अपचयन हो जाता है।

\[\ce{CH3CHCl2 + Zn ->[CH3OH] CH2 ≡ CH}\]

\[\ce{Cl - CH2 - CH2 - Cl + Zn ->[CH3OH] CH2 = CH2}\]

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रासायनिक अभिक्रियाएँ
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Chapter 10: हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन - अभ्यास [Page 151]

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NCERT Exemplar Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन
अभ्यास | Q II. 38. | Page 151

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वे अणु जिनके प्रतिबिंब उन पर अध्यासित नहीं हो सकते काइरल कहलाते हैं। निम्नलिखित अणुओं में से कौन-सा अणु काइरल है?


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निम्नलिखित यौगिकों को नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया में अभिक्रिया दर के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

(a)
(b)
(c)

निम्नलिखित यौगिकों को नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया में अभिक्रिया दर के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

(a)
(b)
(c)

उपरोक्त अभिक्रिया के लिए कौन-से कथन सही हैं?

(i) (a) और (e) दोनों नाभिकरागी हैं।

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(iii) (c) में कार्बन परमाणु sp2 संकरित है।

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कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।

कॉलम I कॉलम II
(i) SN1 अभिक्रिया (a) विस-डाइब्रोमाइड
(ii) अग्निशामक में रसायन (b) जेम-डाइहैलाइड
(iii) ऐल्कीनों का ब्रोमीनन (c) रेसिमीकरण
(iv) ऐल्किलिडीन हैलाइड (d) सेत्जेफ नियम
(v) ऐल्किल हैलाइड से HX का निकलना (e) क्लोरोब्रोमोकार्बन

कॉलम I में दी गई अभिक्रियाओं को कॉलम II में दिए गए अभिक्रिया के प्रकारों से सुमेलित कीजिए।

  कॉलम I कॉलम II
(i) (a) नाभिकरागी ऐरोमैटिक प्रतिस्थापन
(ii) \[\begin{array}{cc}
\ce{CH3 - CH = CH2 + HBr -> CH3 - CH - CH3}\\
\phantom{............................}|\phantom{}\\
\phantom{.............................}\ce{Br}\phantom{}
\end{array}\]
(b) इलेक्ट्रॉनरागी ऐरोमैटिक प्रतिस्थापन
(iii) (c) सेत्जेफ निराकरण
(iv) (d) इलेक्ट्रॉनरागी योगज
(v) \[\begin{array}{cc}
\ce{CH3  CH2 CH CH3 ->[{ऐल्कोहॉली KOH}] CH3  CH = CH CH3}\\
\phantom{}|\phantom{..........................}\\
\phantom{}\ce{Br}\phantom{.........................}
\end{array}\]
(e) नाभिकरागी प्रतिस्थापन (SN1)

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