Advertisements
Advertisements
Question
एक विद्यार्थी ने दो पृथक बिकरों में (i) एक अम्ल तथा (ii) एक क्षार का विलयन बनाया। वह विलयनों को लेबल (चिन्हत) करना भूल गई तथा प्रयोगशाला में लिटमस पत्र उपलब्ध नहीं था। चूँकि दोनों रंगहीन हैं वह इन दोनों में विभेद कैसे करेगी?
Advertisements
Solution
फेनोल्फथेलिन और मिथाइल ऑरेंज भी अम्ल-क्षार संकेतक हैं। इनका उपयोग लिटमस के स्थान पर किया जा सकता है।
प्रक्रिया : रंगहीन विलयन के एक भाग को कांच की दो नलियों में डालें। इसमें एक या दो बूंद फेनोल्फथेलिन सूचक मिलाएं। अम्लीय विलयन रंगहीन रहेगा, जबकि क्षार विलयन गुलाबी हो जाएगा। अब इस प्रयोग को मिथाइल ऑरेंज सूचक के साथ दोहराएं। अम्लीय विलयन में सूचक लाल हो जाएगा जबकि आधार में यह पीला हो जाएगा।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
अम्ल का जलीय विलयन क्यों विद्युत का चालन करता है?
अम्ल को तनुकृत करते समय यह क्यों अनुशंसित करते हैं कि अम्ल को जल में मिलाना चाहिए,न कि जल को अम्ल में?
NaOH का 10 mL विलयन, HCl के 8 mL विलयन से पूर्णतः उदासीन हो जाता है। यदि हम NaOH के उसी विलयन का 20 mL लें तो इसे उदासीन करने के लिए HCl के उसी विलयन की कितनी मात्रा की आवश्यकता होगी?
उदासीनीकरण अभिक्रिया क्या है?
सोडियम कार्बोनेट क्षारकीय लवण है। क्योंकि यह लवण है ______
एक विद्यार्थी के हाथ पर दुर्घटनावश सांद्र अम्ल की कुछ बूँद गिर जाती हैं। उसे क्या करना चाहिए?
समान सांद्रता वाले हाइड्रोक्लोरिक अम्ल तथा सोडियम हाइड्रोक्साइड विलयनों के समान आयतनों की मिश्रित किया गया तथा परिणामी विलयन की pH को एक pH पेपर द्वारा जाँचा गया। कौन-सा रंग प्राप्त होगा?

अम्लों के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
चींटी के दंश में उपस्थित अम्ल का नाम तथा इसका रासायनिक सूत्र दीजिए। चींटी के दंश के कारण हुई जलन से राहत पाने के लिए सामान्य विधि भी दीजिए।
एक धातु कार्बोनेट X, एक अम्ल से अभिक्रिया कर एक गैस देता है जो एक विलयन Y से गुजारने पर पुनः धातु कार्बोनेट देती है। वहीं दूसरी और एक गैस G जो की ब्राइन के विदयुत अपघटन पर ऐनोड पर प्राप्त होती है। शुष्क Y में से प्रवाहित करने पर एक यौगिक Z देती है जिसका उपयोग पेयजल को रोगाणुनाशी करने के लिए होता है। X, Y, G तथा Z को पहचानिए।
