मराठी

एक विद्यार्थी ने दो पृथक बिकरों में (i) एक अम्ल तथा (ii) एक क्षार का विलयन बनाया। वह विलयनों को लेबल (चिन्हत) करना भूल गई तथा प्रयोगशाला में लिटमस पत्र उपलब्ध नहीं था - Science (विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

एक विद्यार्थी ने दो पृथक बिकरों में (i) एक अम्ल तथा (ii) एक क्षार का विलयन बनाया। वह विलयनों को लेबल (चिन्हत) करना भूल गई तथा प्रयोगशाला में लिटमस पत्र उपलब्ध नहीं था। चूँकि दोनों रंगहीन हैं वह इन दोनों में विभेद कैसे करेगी?

थोडक्यात उत्तर
Advertisements

उत्तर

फेनोल्फथेलिन और मिथाइल ऑरेंज भी अम्ल-क्षार संकेतक हैं। इनका उपयोग लिटमस के स्थान पर किया जा सकता है।

प्रक्रिया : रंगहीन विलयन के एक भाग को कांच की दो नलियों में डालें। इसमें एक या दो बूंद फेनोल्फथेलिन सूचक मिलाएं। अम्लीय विलयन रंगहीन रहेगा, जबकि क्षार विलयन गुलाबी हो जाएगा। अब इस प्रयोग को मिथाइल ऑरेंज सूचक के साथ दोहराएं। अम्लीय विलयन में सूचक लाल हो जाएगा जबकि आधार में यह पीला हो जाएगा।

shaalaa.com
अम्ल एवं क्षारक के रासायनिक गुणधर्म समझना
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2: अम्ल, क्षारक एवं लवण - Exemplar [पृष्ठ १५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Science [Hindi] Class 10
पाठ 2 अम्ल, क्षारक एवं लवण
Exemplar | Q 36. | पृष्ठ १५

संबंधित प्रश्‍न

अम्ल को तनुकृत करते समय यह क्यों अनुशंसित करते हैं कि अम्ल को जल में मिलाना चाहिए,न कि जल को अम्ल में?


एक विद्यार्थी के हाथ पर दुर्घटनावश सांद्र अम्ल की कुछ बूँद गिर जाती हैं। उसे क्या करना चाहिए?


सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट को जब ऐसीटिक अम्ल में मिलाते है तो एक गैस निकलती है। मुक्त गैस के संदर्भ में कौन-से कथन सत्य है?

  1. यह चुने के पानी को दूधिया कर देती है
  2. यह जलती हुई तीली को बुझा देती है
  3. यह सोडियम हाइड्रोक्साइड के विलयन में घुल जाती है
  4. इसमें अरुचिकर गंध देती है।

दॄष्टि दोष युक्त विद्यार्थी के लिए निम्नलिखित में से किसको अम्ल-क्षारक सूचक के रूप में प्रयुक्त कर सकते हैं?


गोल्ड को घोलने के लिए निम्नलिखित में से किसका उपयोग किया जाता है?


क्लोर-क्षारक प्रक्रम में अभिक्रिया के सही प्रदर्शन को पहचनिए।


सोडियम हाइड्रोक्साइड के निर्माण के लिए प्रयुक्त औद्योगिक प्रक्रमों में से एक में गैस X एक सह-उत्पाद के रूप में बनती है। गैस X चूने के पानी से अभिक्रिया यौगिक Y देती है जो की रासायनिक उद्योगों में विरंजक कारक के रूप में प्रयुक्त होता है। संबंधित अभिक्रिया एवं रासायनिक समीकरण देते हुए X तथा Y को पहचानिए।


चित्र में हाइड्रोजन गैस के विरचन के लिए दर्शाए गए रेखांकित चित्र में, यदि निम्नलिखित परिवर्तन कर दिए जाए तो क्या होगा?

  1. परखनली में दानेदार जिंक के स्थान पर जिनक धूल की कुछ मात्रा ली जाए।
  2. तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल लिया जाए।
  3. जिंक के स्थान पर कॉपर टर्निंग ली जाए।
  4. तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के स्थान पर सोडियम हाइड्रोक्साइड लिया जाए तथा परखनली को गरम किया जाए।

आवर्त सारणी के समूह 2 के तत्त्व का एक सल्फेट, श्वेत एवं मुलायम पदार्थ है जिसको जल में गूँध-गूँध कर विभिन्न प्रकार की आकृतियों में ढाला जा सकता है। जब इस यौगिक को कुछ समय के लिए खुला छोड़ते है तो यह ठोस द्रव्यमान बन जाता है तथा साँचे में ढालने में योग्य नहीं रहता है। सल्फेट लवण को पहचानिए तथा यह इस प्रकार का व्यवहार क्यों प्रदर्शित करता है? संबंधित अभिक्रिया दीजिए।


नीचे दी गई अभिक्रियाओं के आधार पर यौगिक X को पहचानिए। A, B तथा C के रासायनिक सूत्र तथा नाम भी लिखिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×