Advertisements
Advertisements
प्रश्न
समान सांद्रता वाले हाइड्रोक्लोरिक अम्ल तथा सोडियम हाइड्रोक्साइड विलयनों के समान आयतनों की मिश्रित किया गया तथा परिणामी विलयन की pH को एक pH पेपर द्वारा जाँचा गया। कौन-सा रंग प्राप्त होगा?

पर्याय
लाल
पीला
पीला-हरा
नीला
Advertisements
उत्तर
पीला-हरा
स्पष्टीकरण -
पीएच पेपर हल्का हरा हो जाएगा, यह दर्शाता है कि समाधान तटस्थ प्रकृति का है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
अम्ल का जलीय विलयन क्यों विद्युत का चालन करता है?
शुष्क हाइड्रोक्लोरिक गैस शुष्क लिटमस पत्र के रंग को क्यों नहीं बदलती है?
अम्ल के विलयन को तनुकृत करते समय हाइड्रोनियम आयन (H3O+) की संlद्रता कैसे प्रभावित हो जाती है?
निम्न अभिक्रिया के लिए पहले शब्द-समीकरण लिखिए तथा उसके बाद संतुलित समीकरण लिखिएः
तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल लौह के रेतन के साथ अभिक्रिया करता है।
क्या होता है जब एक परखनली में एक अम्ल का विलयन, एक क्षार के विलयन के साथ मिलाया जाता है?
- विलयन का ताप बढ़ता है
- विलयन का ताप घटता है
- विलयन का ताप समान रहता है
- लवण का निर्माण होता है
मृदा के एक नमूने को कल में मिश्रित किया गया तथा इसे स्थिर छोड़ दिया गया। स्वच्छ अधिप्लवी विलयन pH पत्र को पीला-नारंगी कर देता है। निम्नलिखित में से कौन-सा pH पत्र के रंग को हरा-नीला कर देगा ?
सामान्य लवण रसोई में उपयोग किए जाने के अतिरिक्त किसके निर्माण में कच्चे माल के रूप में उपयोग में आता है?
- धावन सोडा
- विरंजक चूर्ण
- बेकिंग सोडा
- बुझा सोना
दंत क्षय रोकने के लिए हमें नियमित रूप से दाँतों को ब्रश करने की सलाह दी जाती है। सामान्यतः काम में लिए जाने वाले टूथपेस्ट की प्रकृति होती है ______
विद्युत्-अपघट्य के विद्युत चालकता के प्रदर्शन के प्रयास के लिए निम्नलिखित उपकरण लगाया गया।

निम्नलिखित में से कौन-सा (कौन-से) कथन सत्य है (हैं)?
- बल्ब नहीं चमकेगा क्योंकि विद्युत अपघट्य अम्ल नहीं है।
- बल्ब चमकेगा क्योंकि NaOH एक प्रबल क्षार है तथा चालन के लिए आयन उपलब्ध कराएगा।
- बल्ब नहीं चमकेगा क्योंकि परिपथ अपूर्ण है।
- बल्ब नहीं चमकेगा क्योंकि यह विद्युत-अपघट्य के विलयन के प्रकार पर निर्भर करता है।
चित्र में हाइड्रोजन गैस के विरचन के लिए दर्शाए गए रेखांकित चित्र में, यदि निम्नलिखित परिवर्तन कर दिए जाए तो क्या होगा?

- परखनली में दानेदार जिंक के स्थान पर जिनक धूल की कुछ मात्रा ली जाए।
- तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल लिया जाए।
- जिंक के स्थान पर कॉपर टर्निंग ली जाए।
- तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के स्थान पर सोडियम हाइड्रोक्साइड लिया जाए तथा परखनली को गरम किया जाए।
