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HCl, HNO3 आदि जलीय विलयन में अम्लीय अभिलक्षण क्यों प्रदर्शित करते हैं, जबकि ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज़ जैसे यौगिकों के विलयनों में अम्लीयता के अभिलक्षण नहीं प्रदर्शित होते हैं?

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प्रश्न

HCl, HNO3 आदि जलीय विलयन में अम्लीय अभिलक्षण क्यों प्रदर्शित करते हैं, जबकि ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज़ जैसे यौगिकों के विलयनों में अम्लीयता के अभिलक्षण नहीं प्रदर्शित होते हैं?

लघु उत्तर
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उत्तर १

  1. जब HCl या HNO3 को पानी में मिलाया जाता है तो वे पानी में घुलकर H+ या H3O+ आयन बनाते हैं जो उनके अम्लीय चरित्र को दर्शाता है।
  2. उदाहरण के लिए निम्नलिखित अभिक्रियाएँ देखें:
    1. \[\ce{HCl(aq) -> H+ + Cl-}\]
    2. \[\ce{H+ + H2O -> H3O+}\]
  3. जब अल्कोहल और ग्लूकोज़ को पानी में मिलाया जाता है तो वे घुलकर आयन नहीं बनाते। इसलिए वे अम्लीय गुण नहीं दिखाते।
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उत्तर २

  1. एसिड ऐसे पदार्थ हैं जो पानी में घुलने पर अलग हो सकते हैं, जिसके परिणामस्वरूप हाइड्रोजन आयनों का उत्पादन होता है। कुछ एसिड अम्लीय गुण दिखाते हैं क्योंकि वे जलीय घोल में अलग हो जाते हैं जिसके परिणामस्वरूप हाइड्रोजन आयनों (HCl, HNO3 जैसे एसिड) का उत्पादन होता है।
  2. ग्लूकोज या अल्कोहल जैसे यौगिकों में भी हाइड्रोजन तत्व होता है, लेकिन वे अम्लीय प्रकृति के लक्षण नहीं दिखाते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि उनमें मौजूद हाइड्रोजन एसिड में मौजूद हाइड्रोजन की तरह अलग नहीं होगा। वे पानी में घुलने पर हाइड्रोजन आयन बनने के लिए अलग नहीं होंगे।
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अम्ल एवं क्षारक के रासायनिक गुणधर्म समझना
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पाठ 2: अम्ल, क्षारक एवं लवण - पाठय प्रश्न [पृष्ठ २७]

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एनसीईआरटी Vigyaan [Hindi] Class 10
पाठ 2 अम्ल, क्षारक एवं लवण
पाठय प्रश्न | Q 5. | पृष्ठ २७

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अम्ल का जलीय विलयन क्यों विद्युत का चालन करता है?


क्या होता है जब एक परखनली में एक अम्ल का विलयन, एक क्षार के विलयन के साथ मिलाया जाता है?

  1. विलयन का ताप बढ़ता है
  2. विलयन का ताप घटता है
  3. विलयन का ताप समान रहता है
  4. लवण का निर्माण होता है

सोडियम कार्बोनेट क्षारकीय लवण है। क्योंकि यह लवण है ______ 


सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट को जब ऐसीटिक अम्ल में मिलाते है तो एक गैस निकलती है। मुक्त गैस के संदर्भ में कौन-से कथन सत्य है?

  1. यह चुने के पानी को दूधिया कर देती है
  2. यह जलती हुई तीली को बुझा देती है
  3. यह सोडियम हाइड्रोक्साइड के विलयन में घुल जाती है
  4. इसमें अरुचिकर गंध देती है।

कॉलम (A) में दिए गए रासायनिक पदार्थों का सुमेलन कॉलम (B) में दिए गए उनके अनुप्रयोगों से कीजिए।

कॉलम (A)  कॉलम (B)
ब्लीचिंग पाउडर काँच का विरचन
बेकिंग सोडा H2 तथा Cl2 का उत्पादन 
धावन सोडा विरंजन
सोडियम क्लोराइड प्रति-अम्ल

सुमेलन का सही सेट है -


समान सांद्रता वाले हाइड्रोक्लोरिक अम्ल तथा सोडियम हाइड्रोक्साइड विलयनों के समान आयतनों की मिश्रित किया गया तथा परिणामी विलयन की pH को एक pH पेपर द्वारा जाँचा गया। कौन-सा रंग प्राप्त होगा?


क्लोर-क्षारक प्रक्रम में अभिक्रिया के सही प्रदर्शन को पहचनिए।


कॉलम (A) में दिए गए अम्लों का सुमेलन कॉलम (B) में दिए गए उनके सही स्त्रोतों से कीजिए।

कॉलम (A) कॉलम (B)
(a) लेक्टिक अम्ल (i) टमाटर
(b) ऐसीटिक अम्ल (ii) नींबू
(c) सिट्रिक अम्ल (iii) सिरका
(d) ऑक्सेलिक अम्ल (iv) दही

चित्र में हाइड्रोजन गैस के विरचन के लिए दर्शाए गए रेखांकित चित्र में, यदि निम्नलिखित परिवर्तन कर दिए जाए तो क्या होगा?

  1. परखनली में दानेदार जिंक के स्थान पर जिनक धूल की कुछ मात्रा ली जाए।
  2. तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल लिया जाए।
  3. जिंक के स्थान पर कॉपर टर्निंग ली जाए।
  4. तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के स्थान पर सोडियम हाइड्रोक्साइड लिया जाए तथा परखनली को गरम किया जाए।

उदासीनीकरण अभिक्रिया के दो उदाहरण दीजिए।


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