मराठी

सोडियम कार्बोनेट क्षारकीय लवण है। क्योंकि यह लवण है ______ - Science (विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

सोडियम कार्बोनेट क्षारकीय लवण है। क्योंकि यह लवण है ______ 

पर्याय

  • प्रबल अम्ल तथा प्रबल क्षारक का

  • दुर्बल अम्ल तथा दुर्बल क्षारक का

  • प्रबल अम्ल तथा दुर्बल क्षारक का

  • दुर्बल अम्ल तथा प्रबल क्षारक का

MCQ
रिकाम्या जागा भरा
Advertisements

उत्तर

सोडियम कार्बोनेट क्षारकीय लवण है। क्योंकि यह लवण है दुर्बल अम्ल तथा प्रबल क्षारक का। 

स्पष्टीकरण -

Na2CO3 दुर्बल अम्ल (H2CO3) और प्रबल क्षार (NaOH) का लवण है। 

shaalaa.com
अम्ल एवं क्षारक के रासायनिक गुणधर्म समझना
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2: अम्ल, क्षारक एवं लवण - Exemplar [पृष्ठ १०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Science [Hindi] Class 10
पाठ 2 अम्ल, क्षारक एवं लवण
Exemplar | Q 5. | पृष्ठ १०

संबंधित प्रश्‍न

HCl, HNO3 आदि जलीय विलयन में अम्लीय अभिलक्षण क्यों प्रदर्शित करते हैं, जबकि ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज़ जैसे यौगिकों के विलयनों में अम्लीयता के अभिलक्षण नहीं प्रदर्शित होते हैं?


अम्ल के विलयन को तनुकृत करते समय हाइड्रोनियम आयन (H3O+) की संlद्रता कैसे प्रभावित हो जाती है?


उदासीनीकरण अभिक्रिया क्या है?


दाँत के इनेमल में कैल्सियम फॉस्फेट होता है। इसकी प्रकृति है ______ 


मृदा के एक नमूने को कल में मिश्रित किया गया तथा इसे स्थिर छोड़ दिया गया। स्वच्छ अधिप्लवी विलयन pH पत्र को पीला-नारंगी कर देता है। निम्नलिखित में से कौन-सा pH पत्र के रंग को हरा-नीला कर देगा ?


सामान्य लवण रसोई में उपयोग किए जाने के अतिरिक्त किसके निर्माण में कच्चे माल के रूप में उपयोग में आता है?

  1. धावन सोडा
  2. विरंजक चूर्ण
  3. बेकिंग सोडा
  4. बुझा सोना

निम्नलिखित में से कौन-सा सत्य नहीं है?


जब HCl (g) को जल से गुजारते हैं तो निम्नलिखित में से कौन-सा (कौन-से) कथन सत्य है/हैं?

  1. यह विलयन में आयनित नहीं होता है क्योंकि यह एक सह-संयोजक यौगिक है।
  2. यह विलयन में आयनित होता है।
  3. यह विलयन में हाइड्रोजन तथा हाइड्रॉक्सिल दोनों आयन देता है।
  4. यह जल के अणु से संयोग के कारण विलयन में हाइड्रोनियम आयन बनता है। 

क्लोर-क्षारक प्रक्रम में अभिक्रिया के सही प्रदर्शन को पहचनिए।


चित्र में हाइड्रोजन गैस के विरचन के लिए दर्शाए गए रेखांकित चित्र में, यदि निम्नलिखित परिवर्तन कर दिए जाए तो क्या होगा?

  1. परखनली में दानेदार जिंक के स्थान पर जिनक धूल की कुछ मात्रा ली जाए।
  2. तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल लिया जाए।
  3. जिंक के स्थान पर कॉपर टर्निंग ली जाए।
  4. तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के स्थान पर सोडियम हाइड्रोक्साइड लिया जाए तथा परखनली को गरम किया जाए।

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×