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दो सर्वसम घनों, जिनमें से प्रत्येक का आयतन 64cm3 है, को सिरे से सिरा मिला कर जोड़ा जाता है। इस प्रकार प्राप्त घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल क्या है? - Mathematics (गणित)

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Question

दो सर्वसम घनों, जिनमें से प्रत्येक का आयतन 64cm3 है, को सिरे से सिरा मिला कर जोड़ा जाता है। इस प्रकार प्राप्त घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल क्या है?

Sum
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Solution


माना एक घन की भुजा = a

परिणामी घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2(घन का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल) – 2(एकल पृष्ठ का क्षेत्रफल)

हम जानते हैं कि,

घन का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 6a2, जहाँ a = घन की भुजा

⇒ परिणामी घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2(6a2) – 2(a2) = 10a2

भी,

प्रश्न के अनुसार,

घन का आयतन = 64 cm3

घन का आयतन = a3

64 = a3

a = 4 cm

इसलिए, परिणामी घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 10a2 = 10(4)2 = 160 cm2 

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ठोसों के संयोजन का पृष्ठीय क्षेत्रफल
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Chapter 12: पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन - प्रश्नावली 12.3 [Page 148]

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NCERT Exemplar Mathematics [Hindi] Class 10
Chapter 12 पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन
प्रश्नावली 12.3 | Q 5. | Page 148

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कोई तंबू एक बेलन के आकार का है जिस पर एक शंकु अध्यारोपित है। यदि बेलनाकार भाग की ऊँचाई और व्यास क्रमश: 2.1 मी और 4 मी है तथा शंकु की तिर्यक ऊँचाई 2.8 मी है तो इस तंबू को बनाने में प्रयुक्त कैनवस का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। साथ ही, 500 रु प्रति वर्ग मी2 की दर से इसमें प्रयुक्त कैनवस की लागत ज्ञात कीजिए। (ध्यान दें कि तम्बू का आधार कैनवास से ढका नहीं होगा।)

[उपयोग π = `22/7`]


ऊँचाई 2.4 सेमी और व्यास 1.4 सेमी वाले एक ठोस बेलन में से इसी ऊँचाई और इसी व्यास वाला एक शंक्वाकार खोल काट लिया जाता है। शेष बचे ठोस का निकटम वर्ग सेंटीमीटर तक पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।  

[उपयोग π = `22/7`]


लकड़ी के एक ठोस बेलन के प्रत्येक सिरे पर एक अर्धगोला खोदकर निकालते हुए, एक वस्तु बनाई गई है, जैसा की आकृति में दिखाया गया है। यदि बेलन की ऊँचाई 10 सेमी है और आधार की त्रिज्या 3.5 सेमी है तो इस वस्तु का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। [उपयोग π = `22/7`]


एक साहुल निम्नलिखित का संयोजन है:


विमाओं 49 cm × 33 cm × 24 cm के घनाभ के आकार के लोहे के किसी ठोस टुकड़े को पिघलाकर एक ठोस गोले के रूप में ढाला जाता है। गोले की त्रिज्या ______ है।


तिर्यक ऊँचाई 45 cm वाली एक बाल्टी के ऊपरी और निचले सिरों की त्रिज्याएँ क्रमशः 28 cm और 7 cm हैं। इस बाल्टी का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल ______ है।


एक ही आधार त्रिज्या r वाले दो ठोस अर्धगोलों को उनके आधारों के अनुदिश जोड़ दिया गया है। तब नये ठोस का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल ______ है।


समान आधार त्रिज्या r वाले दो सर्वसम ठोस अर्धगोलों को उनके आधारों के अनुदिश जोड़ दिया गया है। इस संयोजन का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल 6πr2 है।


त्रिज्या r और ऊचाई h वाले एक बेलन को उसी ऊँचाई और त्रिज्या वाले बेलन के ऊपर रख दिया जाता है। इस प्रकार बने आकार का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल 4πrh + 4πr2 है।


एक बेलनाकार बर्तन, जिसकी तली में अर्धगोलाकार भाग आकृति में दर्शाए अनुसार ऊपर की ओर उठा हुआ है, की धारिता `(πr^2)/3[3h - 2r]` है।


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