Advertisements
Advertisements
Question
दो लेन वाली किसी सड़क पर कार A 36 kmh-1 की चाल से चल रही है। एक-दूसरे की विपरीत दिशाओं में चलती दो कारें B वा C जिनमें से प्रत्येक की चाल 54 kmh-1 है, कार A तक पहुँचना चाहती है। किसी क्षण जब दूरी AB दूरी AC के बराबर है तथा दोनों 1 km हैं, कार B का चालक यह निर्णय करता है कि कार C के कार A तक पहुँचने के पहले ही वह कार A से आगे निकल जाए। किसी दुर्घटना से बचने के लिए कार B का कितना न्यूनतम त्वरण जरूरी है?
Advertisements
Solution

कार A की चाल = (36 x 5/18) मी/से = 10 मी/से
कार B तथा कार C दोनों की चाल एकसमान है, अर्थात्,
νB = νC = 54 किमी/घंटा = (54 × 5/18) मी/से = 15 मी/से
A के सापेक्ष कार B का आपेक्षिक वेग νBA = νB - νA
= (15 - 10) मी/से = 5 मी/से
A के सापेक्ष कार C का आपेक्षिक वेग νcA = (νc + νA) = (10 + 15) मी/से = 25 मी/से
AB = AC = 1 किमी (दिया है)
माना कार C द्वारा दूरी AC तय करने में लगा समय 't' है।
चूँकि कार C का वेग नियत है, अतः सूत्र x = u × t से,
`"AC"= "ν"_("CA") xx "t"`
∴ `"t" = ("AC")/"v"_("CA") = (1000 "मी")/(25 "मी/से") ` = 40 सेकंड
माना कार B का त्वरण 'a' है तथा यह t = 40 सेकंड में BA = 1 किमी या 1000 मी दूरी तय करेगी।
∴ सूत्र - `"x"_"t" - "x"_0 = ("v"_0)"t" + 1/2 "at"^2` से
`"AB" = "ν"_"BA" xx "t" + 1/2 "at"^2`
∴ `1000 = 5 xx 40 + 1/2 xx "a" xx 40^2`
या 1000 = 200 + 800a
∴ `a = ((1000 - 200)/800) "मी"/"से"^2 `
= 1 मी/से2
