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‘चूल्हा ठंडा किया होता, तो दुश्मनों का कलेजा कैसे ठंडा होता?’ नायकराम के इस कथन में निहित भाव को स्पष्ट कीजिए। - Hindi (Elective)

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Question

‘चूल्हा ठंडा किया होता, तो दुश्मनों का कलेजा कैसे ठंडा होता?’ नायकराम के इस कथन में निहित भाव को स्पष्ट कीजिए।

Short Answer
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Solution

यह कथन नायकराम ने व्यंग्य के रूप में जगधर के पूछने पर कहा था “चूल्हा ठंडा किया होता तो दुश्मनों का कलेजा कैसे ठंडा होता।” इसका आशय यह है कि सूरदास की झोंपड़ी किसी शत्रु ने जलायी है, जो ईर्ष्यावश ऐसा करके अपने मन की दुश्मनी की आग को शांत करना चाहता था।
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सूरदास की झोंपड़ी
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