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Question
बार-बार नष्ट करने की कोशिशों के बाद भी किताबें समाप्त नहीं हुईं। क्यों?
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Solution
बार-बार नष्ट करने की कोशिशों के बाद भी किताबें समाप्त नहीं हुईं। क्योंकि पुस्तक प्रेमियों ने उसे कंठस्थ किया हुआ था। मनुष्य लकड़ी को जला सकता है, दीवार या शीलाओं को तोड़ सकता है। परन्तु मनुष्य के मन को नहीं मार सकता। इसलिए पुस्तकें जलाने के बाद भी लोगों के मन के अंदर जीवित रहीं। जैसे ही राजा मरा सबने उन्हें पुनः लकड़ी के टुकड़ों में उकेर दिया। ऐसा करने से अन्य लोग भी उन पुस्तकों को पुनः पढ़ पाए।
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सही मिलान करो
|
(क) |
बे-सिर-पैर |
तुरंत |
|
(ख) |
पलक झपकते ही |
बिना मतलब की |
|
(ग) |
बँधी हुई बातें |
चेहरा सामने से हटा लेना |
|
(घ) |
बात चलना |
निश्चित बातें/एक ही तरह की बातचीत |
|
(ङ) |
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सन् साठ का देशक – छोले-भटूरे
सन् सत्तर का दशक – इडली, डोसा
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सन् नब्बे का दशक – पीजा, पाव-भाजी
इसी प्रकार आप कुछ कपड़ों या पोशाकों की बदलती तसवीर का खाका खींचिए।
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रिक्त स्थान भरो -
नमूना → गुड़िया जैसी सुंदर
हाथी जैसा ______
अपने प्राणों के बलिदान का अवसर आ गया है। इस वाक्य में "प्राणों का बलिदान देना" मुहावरे का प्रयोग हुआ है।
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प्राणों की बाजी लगाना
