English

इन वाक्य को पढ़ो और इसे प्रश्नवाचक वाक्य में बदलो। ज्ञान असीमित है। - Hindi (हिंदी)

Advertisements
Advertisements

Question

इन वाक्य को पढ़ो और इसे प्रश्नवाचक वाक्य में बदलो।

ज्ञान असीमित है।

One Line Answer
Advertisements

Solution

क्या ज्ञान असीमित होता है?

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 7)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 9: विश्वेश्वरैया - अभ्यास [Page 56]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Durva Part 2 Class 7
Chapter 9 विश्वेश्वरैया
अभ्यास | Q 5. क | Page 56

RELATED QUESTIONS

लंबी उड़ान में क्या-क्या संभावनाएं हो सकती थी?


धनराज ने कृत्रिम घास पर सबसे पहले हॉकी कब खेली?


रक्त के विभिन्न कण-शरीर में क्या-क्या भूमिका अदा करते हैं? विस्तारपूर्वक लिखिए।


मंजरी को कनक क्यों नहीं भाती थी?


रोबोट ऐसे कौन-कौन से काम कर सकता है जो मनुष्य नहीं कर सकता?


सही शब्द चुनकर वाक्य पूरा करो।

वेणु सातवीं कक्षा में पढ़ता है ______ उसकी बहन आठवीं कक्षा में पढ़ती है।


नीचे लिखा वाक्य पढ़ो। उसमें इस्तेमाल हुए मुहावरे को अपने ढंग से इस्तेमाल करके कुछ और वाक्य बनाओ।

बलदेव का दिल काँप उठा


पढ़ो और समझो

शांति + प्रिय = शांतिप्रिय


'काबुलीवाला के साथ बातचीत करने से बाहर जाने का काम हो जाता है।' मिनी के पिता का ऐसा कहना बताता है कि वह काबुली से बात करके बाहर के देश-दुनिया के बारे में जानकारी प्राप्त कर लेता था। आज उसके अलावा और किन किन साधनों से देश-विदेश के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है?

सूची बनाओ।


लेखक को अपनी दादी माँ की याद के साथ-साथ बचपन की और किन-किन बातों की याद आ जाती है?


लड़की को उसके घर पहुँचाने के लिए क्या उपाय सोची गई?


'अब इस बार ये पैसे न लूँगा'-कहानी के अंत में मिठाईवाले ने ऐसा क्यों कहा?


रक्त में हीमोग्लोबिन के लिए किस खनिज की आवश्यकता पड़ती है


बिंबाणु (प्लेटलैट कण) की कमी किस बीमारी में पाई जाती है


माधवदास क्यों बार-बार चिड़िया से कहता है कि यह बगीचा तुम्हारा ही है? क्या माधवदास निःस्वार्थ मन से ऐसा कह रहा था? स्पष्ट कीजिए।


माधवदास के बार-बार समझाने पर भी चिड़िया सोने के पिंजरे और सुख-सुविधाओं को कोई महत्त्व नहीं दे रही थी। दूसरी तरफ़ माधवदास की नज़र में चिड़िया की ज़िद का कोई तुक न था। माधवदास और चिड़िया के मनोभावों के अंतर क्या-क्या थे? अपने शब्दों में लिखिए।


पाठ में खोजकर देखिए-कब सूरज का ताप यासुकी-चान और तोत्तो-चान पर पड़ रहा था, वे दोनों पसीने से तरबतर हो रहे थे और कब बादल का एक टुकड़ा उन्हें छाया देकर कड़कती धूप से बचाने लगा था। आपके अनुसार इस प्रकार परिस्थिति के बदलने का कारण क्या हो सकता है?


तोत्तो-चान ने अपनी योजना को बड़ों से इसलिए छिपा लिया कि उसमें जोखिम था, यासुकी-चान के गिर जाने की संभावना थी। फिर भी उसके मन मे यासुकी-चान को पेड़ पर चढ़ाने की दृढ़ इच्छा थी। ऐसी दृढ़ इच्छाएँ बुद्धि और कठोर परिश्रम से अवश्य पूरी हो जाती हैं। आप किस तरह की सफलता के लिए तीव्र इच्छा और बुद्धि का उपयोग कर कठोर परिश्रम करना चाहते हैं?


क्या आपको कंचे अच्छे लगते हैं? क्या आप उनसे कभी खेले हैं?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×