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NCERT solutions for हिन्दी गंगा [इंग्रजी] इयत्ता १२ chapter 10 - भारति, जय, विजयकरे! [Latest edition]

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Chapters

गद्य खंड

   Chapter 1: दो बैलों की कथा

   Chapter 2: क्या लिखूँ?

   Chapter 3: संवादहीन

   Chapter 4: ऐसी भी बातें होती हैं (लता मंगेशकर से साक्षात्कार)

   Chapter 5: आखिरी चट्टान तक

   Chapter 6: रीढ़ की हड्डी

    7: मैं और मेरा देश

काव्य खंड

    8: पद

    9: राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

▶ 10: भारति, जय, विजयकरे!

    11: झाँसी की रानी

    12: घर की याद

NCERT solutions for हिन्दी गंगा [इंग्रजी] इयत्ता १२ chapter 10 - भारति, जय, विजयकरे! - Shaalaa.com
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Solutions for Chapter 10: भारति, जय, विजयकरे!

Below listed, you can find solutions for Chapter 10 of CBSE NCERT for हिन्दी गंगा [इंग्रजी] इयत्ता १२.


अभ्यास
अभ्यास [Pages 168 - 174]

NCERT solutions for हिन्दी गंगा [इंग्रजी] इयत्ता १२ 10 भारति, जय, विजयकरे! अभ्यास [Pages 168 - 174]

रचना से संवाद - मेरे उत्तर मेरे तर्क

1.Page 168

निम्नलिखित प्रश्न का सटीक उत्तर चुनिए और यह भी बताइए कि आपको ये उत्तर उपयुक्त क्यों लगता है?

“भारति, जय, विजयकरे” कविता में विशेष रूप से ______

  • भारत की भौगोलिक संरचना की प्रशस्ति की गई है।

  • भारत की सांस्कृतिक विविधता बताई गई है।

  • भारत के ज्ञान, प्रकृति और संपन्नता की प्रशंसा की गई है।

  • भारत के खनिज पदार्थों के बारे में बताया गया है।

2.Page 168

निम्नलिखित प्रश्न का सटीक उत्तर चुनिए और यह भी बताइए कि आपको ये उत्तर उपयुक्त क्यों लगता है?

“कनक-शस्य-कमल धरे” पंक्ति का भावार्थ है-

  • भारत की धन-धान्य संपन्नता

  • भारत की नदियों का सौंदर्य

  • भारत के लोक-जीवन की सुंदरता

  • भारत की सैन्य शक्ति और औद्योगिक विकास

3.Page 168

निम्नलिखित प्रश्न का सटीक उत्तर चुनिए और यह भी बताइए कि आपको ये उत्तर उपयुक्त क्यों लगता है?

समस्त विश्व में भारत के महत्व का उद्घोष करने वाली पंक्तियाँ हैं-

  • गंगा ज्योतिर्जल-कण/धवल धार हार गले

  • गंगा ज्योतिर्जल-कण/धवल धार हार गले

  • भारति, जय, विजयकरे/कनक शस्य कमलधरे!

  • ध्वनित दिशाएँ उदार/शतमुख- शतरव- -मुखरे!

4.Page 168

निम्नलिखित प्रश्न का सटीक उत्तर चुनिए और यह भी बताइए कि आपको ये उत्तर उपयुक्त क्यों लगता है?

कविता की भाषा और शैली किस विशेषता से संपन्न है?

  • सरल, बोल-चाल की भाषा

  • संस्कृतनिष्ठ और समासयुक्त

  • सरस और हास्य-व्यंग्यपूर्ण

  • संवादात्मक और विश्लेषणात्मक

5.Page 169

निम्नलिखित प्रश्न का सटीक उत्तर चुनिए और यह भी बताइए कि आपको ये उत्तर उपयुक्त क्यों लगता है?

भारत के वस्त्रों में ‘तरु-तृण-वन-लता’ और गले में ‘गंगा-धारा’ को चित्रित कर कवि किस प्रकार की चेतना का संदेश देते हैं?

  • पर्यावरणीय और सांस्कृतिक

  • राष्ट्रीयता और देशप्रेम

  • ऐतिहासिक और भौगोलिक

  • सामाजिक और राजनीतिक

अर्थ और भाव

(क)Page 169

नीचे दी गई पंक्ति का अर्थ समझते हुए इनका भाव स्पष्ट कीजिए-

“लंका पदतल शतदल,
गर्जितोर्मि सागर-जल
धोता शुचि चरण युगल!”

(ख)Page 169

नीचे दी गई पंक्ति का अर्थ समझते हुए इनका भाव स्पष्ट कीजिए-

“प्राण प्रणव ओंकार,
ध्वनित दिशाएँ उदार,
शतमुख-शतरव-मुखरे!”

मेरी समझ मेरे विचार

1.Page 169

नीचे दिए गए प्रश्न पर कक्षा में चर्चा कीजिए और उनका उत्तर लिखिए-

कविता में कवि की किस भावना की अभिव्यक्ति मिलती है?

2.Page 169

नीचे दिए गए प्रश्न पर कक्षा में चर्चा कीजिए और उनका उत्तर लिखिए-

कविता में भारत के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन किस प्रकार किया गया है? क्या आप मानते हैं कि प्रकृति का संरक्षण करना भी देशप्रेम का काम है? क्यों?

3.Page 169

नीचे दिए गए प्रश्न पर कक्षा में चर्चा कीजिए और उनका उत्तर लिखिए-

“कनक-शस्य-कमलधरे!” पंक्ति भारतभूमि की किन-किन विशेषताओं की ओर संकेत कर रही है?

4.Page 169

नीचे दिए गए प्रश्न पर कक्षा में चर्चा कीजिए और उनका उत्तर लिखिए-

“मुकुट शुभ्र हिम-तुषार” पंक्ति में हिमालय को भारत का मुकुट बताया गया है, क्यों?

विधा से संवाद - कविता का सौंदर्य

1.Page 169

नीचे दी गई पंक्तियों को पढ़िए-

“भारति, जय, विजयकरे!
कनक- शस्य- कमलधरे!”

इन पंक्तियों में कवि ने चित्रात्मक भाषा का प्रयोग करते हुए भारतभूमि का मनोरम चित्र प्रस्तुत किया है। इस कविता की कुछ अन्य विशेषताओं की सूची नीचे दी गई है। कविता में से उन विशेषताओं वाली पंक्तियों को ढूँढ़कर लिखिए-

विशेषताएँ कविता की पंक्तियाँ
प्रकृति का मानवीकरण  
आलंकारिक प्रयोग  
समस्त पद/सामासिक पद का प्रयोग  
संस्कृतनिष्ठ भाषा प्रयोग  

विषयों से संवाद

1.Page 170

स्वतंत्रता-पूर्व लिखी इस कविता में भारत को ज्ञान, कृषि और संस्कृति के प्रतीक/परिचायक के रूप में प्रस्तुत किया गया है। वर्तमान संदर्भ में यदि आपको भारत को एक नए रूप में प्रस्तुत करने का अवसर मिले तो आप भारत की किन विशेषताओं और विविधताओं को सम्मिलित करेंगे?

2.Page 170

“शतमुख-शतरव-मुखरे!” पंक्ति में भारत के विविध पर्व, उत्सव और रीति-रिवाज किस प्रकार ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना को साकार करते हैं?

3.Page 170

भारत को सुदृढ़ करने में इसकी प्रकृति, संस्कृति और ज्ञान परंपरा के महत्व को बताते हुए संक्षिप्त लेख लिखिए।

4.Page 170

कविता में गंगा को भारत के स्वच्छ और श्वेत हार एवं हिमालय को मुकुट के रूप में अभिव्यक्त किया गया है। वर्तमान संदर्भ में बताइए कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन ने हमारी नदियों और हिमालय को किस प्रकार प्रभावित किया है?

विविध रंग भारत के

1.Page 170

आप अपने कक्षा-समूह में मिलकर भारत की सांस्कृतिक विविधता पर आधारित एक पावरपॉइंट प्रस्तुति/पोस्टर/चार्ट/कोलाज तैयार कीजिए और इसे अपनी कक्षा में दिखाइए। आप भारत के विभिन्न राज्यों पर केंद्रित पावरपॉइंट प्रस्तुति/पोस्टर/चार्ट/कोलाज भी बना सकते हैं।

सृजन

1.Page 170

मान लीजिए, आपको भारत को एक मनुष्य के रूप में कल्पित करते हुए सुसज्जित करने का अवसर मिले तो आप अपने राज्य के किन सांस्कृतिक, पारंपरिक वेशभूषा, आभूषण, चिह्नों, पुष्पों आदि का प्रयोग कर उसकी साज-सज्जा करेंगे?

2.Page 171

भारत पर आधारित एक डाक टिकट, पोस्टर या पुस्तक के लिए आवरण पृष्ठ बनाइए और बताइए कि आप उसमें किन-किन प्रतीकों को सम्मिलित करेंगे और क्यों?

नदी की यात्रा

3.Page 171

गंगा नदी की अपने उद्गम स्रोत से लेकर बंगाल की खाड़ी में विलीन होने तक की पूरी यात्रा के बीच में आने वाली प्राकृतिक, सांस्कृतिक, भाषिक आदि विशेषताओं का वर्णन करते हुए एक रोचक यात्रा-वृत्तांत लिखिए।

(संकेत – पर्वतीय सौंदर्य से लेकर गंगासागर तक की संस्कृति इत्यादि)

भाषा से संवाद - व्याकरण की बात - बहुभाषी देश हमारा

1.Page 171

भारत की एक विशेषता उसकी बहुभाषिकता है। यदि आपको एक सचेत नागरिक के रूप में भारत से अपनी मातृभाषा में संवाद का अवसर मिले तो आप किन विषयों पर और क्या-क्या संवाद करना चाहेंगे? इन संवादों को अपनी मातृभाषा और हिंदी में लिखिए।

(संकेत – समाज, पर्यावरण, संस्कृति आदि।)

मातृभाषा और भाव

1.Page 171

“स्तव कर बहु-अर्थ-भरे”

उपर्युक्त पंक्ति में भारत की प्रशंसा विविध अर्थों में की गई है। आप भी अपनी मातृभाषा में भारत की स्तुति के लिए एक कविता की रचना कीजिए और उसका भावार्थ हिंदी में भी लिखिए।

समास-समस्त पद एवं विग्रह

1.Page 171

“कनक शस्य कमलधरे”

उपर्युक्त पंक्ति में ‘कनक शस्य’ का अर्थ है- कनक के समान शस्य (सोने जैसी फसलें) और कमलधरे का अर्थ है- हे कमल को धारण करने वाली! ये शब्द समास शब्द कहलाते हैं। ‘कनक शस्य’ और ‘कमलधरे’ समस्त पद/सामासिक पद हैं। कमलधरे संबोधन शब्द है।

समास का अर्थ है- संक्षेप। समास में दो या अनेक शब्दों के मेल से एक नए शब्द की रचना होती है। समास-रचना में प्रायः दो पद (शब्द) होते हैं। पहले पद को पूर्वपद और दूसरे पद को उत्तरपद कहते हैं। समास रचना से बने शब्द को ‘समस्त पद’ कहते हैं। यदि समास रचना से बने शब्द (समस्त पद) के अंग अलग-अलग करने हों, तो उस प्रक्रिया को समास विग्रह कहते हैं। आपने ‘क्या लिखूँ?’ निबंध के अभ्यास में समास और सामासिक पदों के बारे में विस्तार से जाना है।

कविता में से चुनकर कुछ सामासिक पद (शब्द) नीचे दिए गए हैं। उनके समास-विग्रह अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।

शतदल, ज्योतिर्जल, शतमुख, सागरजल

अलंकार-समझ और प्रयोग

1.Page 172
  • “शतमुख-शतरव-मुखरे!”

उपर्युक्त पंक्ति के ‘शतमुख’ और ‘शतरव’ में ‘श’ वर्ण की पुनरावृत्ति हो रही है, इसीलिए यहाँ अनुप्रास अलंकार है।

  • “मुकुट शुभ्र हिम- तुषार”

उपर्युक्त पंक्ति में हिमालय को भारत का मुकुट कहा गया है। वास्तव में हिमालय मुकुट नहीं है, लेकिन कवि ने कल्पना के बल पर उसे मुकुट का रूप दे दिया। इससे भारत की छवि भव्य और दिव्य बन जाती है। यहाँ गुण की अत्यंत समानता के कारण उपमेय में उपमान का अभेद स्थापित किया गया है, इसीलिए यहाँ रूपक अलंकार है।

‘रैदास के पद’ पाठ में आपने अलंकार के विषय में विस्तार से जाना – समझा है। अब निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

(क) कविता में जहाँ-जहाँ अनुप्रास अलंकार आया है, उन पंक्तियों को खोजकर लिखिए।

(ख) कविता की उन पंक्तियों को खोजिए जहाँ रूपक अलंकार है। साथ ही यह भी बताइए कि कवि ने किस प्राकृतिक दृश्य या वस्तु को भारत का रूप मानकर चित्रित किया है?

गतिविधियाँ - मिलकर लें शपथ

1.Page 172

“तरु-तृण-वन- लता वसन/अंचल में खचित सुमन”

वन, लता, पुष्प आदि भारत के अमूल्य प्राकृतिक संसाधन हैं। इनके संरक्षण के लिए सरकार द्वारा बनाए गए अधिनियमों के बारे में सूचना एकत्रित कीजिए और वन संरक्षण के लिए बनाए नियमों पर विचार कीजिए।

भाषा संगम

1.Page 173

“कनक-शस्य-कमलधरे”

कविता में आए ‘शस्य’ शब्द का अर्थ ‘उपज’ भी होता है। नीचे ‘उपज’ शब्द के लिए संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित कुछ भारतीय भाषाओं में प्रयुक्त शब्दों की सूची दी गई है।

        जो उपजा हो, पैदावार, फसल (हिंदी); शस्यम् (संस्कृत); उपज, पैदावार (पंजाबी), पैदावार (उर्दू); पॉदावार (कश्मीरी); उपज, पैदावार (सिंधी); पीक (मराठी); ऊपज, पेदाश (गुजराती); पीक न (कोंकणी; उब्जाबाली, उपज (नेपाली); फसल (बांग्ला) ; शस्य, खेति, फचल, कृषि जात ऋतु (असमिया); महै मरोङ थाबा पोत्थोक (मणिपूरी); फसल, खेति (ओड़िआ); पंट (तेलुगु); विळैच्चल् (तमिल); विळवु (मलयालम); बेळे फसलु (कन्नड़)।

  • इनके अतिरिक्त यदि आप ‘शस्य’ शब्द को किसी और भाषा में भी जानते हैं तो उस भाषा में भी लिखिए।
  • उपर्युक्त वाक्य को अपनी मातृभाषा में भी लिखिए।
    https://shabd.education.gov.in/lexicon.jsp

खोजबीन

1.Page 174

देशप्रेम से संबंधित अन्य कविताएँ पुस्तकालय, इंटरनेट से खोजकर पढ़िए और किसी एक कविता का कक्षा में वाचन भी कीजिए।

2.Page 174

इस कविता की तरह ही संस्कृतनिष्ठ शब्दावली से युक्त निराला की एक अन्य कविता, ‘वर दे, वीणावादिनि वर दे!’ पुस्तकालय, इंटरनेट से ढूँढ़कर पढ़िए।

Solutions for 10: भारति, जय, विजयकरे!

अभ्यास
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