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स्वतंत्रता-पूर्व लिखी इस कविता में भारत को ज्ञान, कृषि और संस्कृति के प्रतीक/परिचायक के रूप में प्रस्तुत किया गया है। वर्तमान संदर्भ में यदि आपको भारत को एक नए रूप में प्रस्तुत करने का अवसर

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प्रश्न

स्वतंत्रता-पूर्व लिखी इस कविता में भारत को ज्ञान, कृषि और संस्कृति के प्रतीक/परिचायक के रूप में प्रस्तुत किया गया है। वर्तमान संदर्भ में यदि आपको भारत को एक नए रूप में प्रस्तुत करने का अवसर मिले तो आप भारत की किन विशेषताओं और विविधताओं को सम्मिलित करेंगे?

सविस्तर उत्तर
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उत्तर

यदि आज के संदर्भ में भारत को नए रूप में प्रस्तुत करने का अवसर मिले, तो मैं भारत को केवल कृषि और संस्कृति का देश नहीं, बल्कि “विकासशील, नवाचारशील और विविधता में एकता” वाला राष्ट्र दिखाऊँगा।

मैं इसमें ये विशेषताएँ शामिल करूँगा:

  • तकनीकी और वैज्ञानिक प्रगति – ISRO की उपलब्धियाँ, डिजिटल इंडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्टार्टअप संस्कृति को दिखाऊँगा।
  • युवा शक्ति और शिक्षा – भारत की युवा आबादी को कौशल, शिक्षा और नवाचार की शक्ति के रूप में प्रस्तुत करूँगा।
  • विविधता में एकता – अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं के बावजूद एकता को दर्शाऊँगा।
  • आधुनिक और सतत विकास – हरित ऊर्जा, स्वच्छ भारत और स्मार्ट सिटी जैसे प्रयासों को शामिल करूँगा।
  • लोकतंत्र और सामाजिक समरसता – सभी वर्गों को समान अधिकार देने वाले लोकतांत्रिक भारत को दिखाऊँगा।

इस प्रकार भारत को ऐसा राष्ट्र दिखाऊँगा जो अपनी संस्कृति से जुड़ा है और आधुनिक विकास की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

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पाठ 10: भारति, जय, विजयकरे! - अभ्यास [पृष्ठ १७०]

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एनसीईआरटी Hindi Ganga [English] Class 9
पाठ 10 भारति, जय, विजयकरे!
अभ्यास | Q 1. | पृष्ठ १७०
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