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प्रश्न
कविता में गंगा को भारत के स्वच्छ और श्वेत हार एवं हिमालय को मुकुट के रूप में अभिव्यक्त किया गया है। वर्तमान संदर्भ में बताइए कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन ने हमारी नदियों और हिमालय को किस प्रकार प्रभावित किया है?
दीर्घउत्तर
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उत्तर
कविता में गंगा को ‘श्वेत हार’ और हिमालय को ‘मुकुट’ के रूप में प्रस्तुत किया गया है, लेकिन वर्तमान समय में इनकी स्थिति चिंताजनक हो गई है।
हिमालय पर प्रभाव: जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालय के ग्लेशियर लगातार पिघल रहे हैं, जिससे बर्फ़ की ‘सफेद चादर’ घटती जा रही है और आने वाले समय में जल संकट का खतरा बढ़ रहा है।
नदियों पर प्रभाव: बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण और कचरे के कारण गंगा जैसी नदियों का ‘ज्योतिर्जल’ (प्रकाशमय जल) दूषित हो रहा है, जिससे उनकी पवित्रता और जल में रहने वाले जीवों का जीवन भी खतरे में पड़ गया है।
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
