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प्रश्न
निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’
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उत्तर
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’
पूरे भारत देश में लड़कियों को शिक्षित बनाने और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के नारे से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लड़कियों के लिए एक योजना की शुरुआत की। 22 जनवरी, 2015 को हरियाणा में इसका आरंभ हुआ। पूरे देश में हरियाणा में लिंगानुपात 775 लड़कियों पर 1000 लड़कों का है, जो बेटियों की दयनीय स्थिति को दर्शाता हैं। इसी कारण इसकी शुरुआत हरियाणा राज्य से हुई। देश के 100 जिलों में लड़कियों की स्थिति में सुधार लाने के लिए इसे प्रभावशाली तरीके से लागू किया गया है।
जन्म के बाद लड़कियों को विविध भेदभाव से गुजरना पड़ता है। जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, खान-पान अधिकार आदि दूसरी जरूरतें हैं जो लड़कियों को भी प्राप्त होनी चाहिए। महिलाओं को सशक्त बनाने और जन्म से अधिकार देने के लिए सरकार ने इस योजना की शुरूआत की है। हमारे यहाँ एक कहावत हैं- घर की बेटी सीख गयी तो वह पूरे परिवार को प्रगतिशील बनाती है, परंतु अशिक्षित हो तो परिवार भी अशिक्षित रहता है।
लड़कियों की स्थिति को सुधारने और महत्व देने के लिए हरियाणा सरकार 14 जनवरी को ‘बेटी की लोहड़ी’ नाम से एक कार्यक्रम मनाती है। इस योजना का उददेश्य सामाजिक और आर्थिक रूप से लड़कियों को स्वतंत्र बनाना है।
इस कार्यक्रम की शुरूआत करते समय प्रधानमंत्री ने कहा कि, ‘सामान्य लोगों की यह धारणा है कि लड़कियाँ अपने माता-पिता के लिए पराया धन होती है, अभिभावक सोचते हैं कि लड़के तो उनके अपने होते हैं, जो बुढ़ापे में उनकी देखभाल करेंगे, जबकि लड़कियाँ तो दूसरे घर जाकर अपने ससुराल वालों की सेवा करती हैं।’ लड़कियों के बारे में 21वीं सदी में लोगों की ऐसी मानसिकता वास्तव में शर्मनाक है। जन्म से लड़कियों को पूरे अधिकार देने के लिए लोगों के दिमाग से इसे जड़ से मिटाने की जरूरत है।
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