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महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता १० वी

निम्नलिखित विषय पर 60 से 70 शब्दों में निबंध लिखिए: अनुशासन का महत्त्व

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प्रश्न

निम्नलिखित विषय पर 60 से 70 शब्दों में निबंध लिखिए:

अनुशासन का महत्त्व

दीर्घउत्तर
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उत्तर

अनुशासन का महत्त्व

अनुशासन का अर्थ है-नियमों के अनुसार जीवन-यापन। अनुशासन मानव की प्रगति का मूलमंत्र है। अनुशासन से मनुष्य की सारी शक्तियाँ केंद्रित हो जाती हैं। उससे समय बचता है। बिना अनुशासन के बहुत सारा समय इधर-उधर के सोच-विचार में नष्ट हो जाता है। यदि सूर्य और चंद्रमा को भी अनुशासन ने न बाँध रखा होता, तो शायद ये भी किसी दिन अँगड़ाई लेने ठहर जाते। तब इस सृष्टि का न जाने क्या होता! अनुशासन को सीखने का सबसे बड़ा उदाहरण प्रकृति है जिस प्रकार से सूरज अपने नियमित समय पर उगता है और अपने नियमति समय पर ढल जाता है,नदियाँ हमेशा बहती है,गर्मी और ठंड के मौसम अपने नियमित समय पर आते जाते रहते है। 

मनुष्य को प्रकृति ने छूट दी है। वह चाहे तो अनुशासन अपना कर अपना जीवन सफल कर ले; अन्यथा पश्चात्ताप कर ले । संसार के सभी सफल व्यक्ति अनुशासन की राह से गुजरे हैं। गाँधी जी समय और दिनचर्या के अनुशासन का कठोरता से पालन करते थे। अंग्रेजों की थोड़ी-सी सेना पूरे भारत पर इसलिए शासन कर सकी, क्योंकि उसमें अद्भुत अनुशासन था। इसके विपरीत भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम केवल इसीलिए विफल हो गया, क्योंकि उनमें आपसी तालमेल और अनुशासन नहीं था।अपने जीवन में सफल होने के लिए अपने शिक्षक और माता-पिता केआदेशों का पालन करना चाहिए। अनुशासन एक क्रिया हैं जों अपने शरीर, दिमाग और आत्मा को नियंत्रित करता है।अनुशासनहींनता की वजह से जीवन में ढेर सारी दुविधा हों जाती है और व्यक्ति गैर-जिम्मेदार और आलसी बन जाता है।अनुशासनहीनता हमारे विश्वास के स्तर को कम करता है और आसान कार्यों में भी व्यक्ति को दुविधाग्रस्त बनाता है। अनुशासन हमारे जीवन कामहत्त्वपूर्ण हिस्सा है। इसके बिना हमारा जीवन सुचारू रूप से नहीं चल सकता। आज के आधुनिक समय में अनुशासन बहुत ही आवश्यक है।

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