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कवि किससे और क्या प्रार्थना कर रहा है?

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प्रश्न

कवि किससे और क्या प्रार्थना कर रहा है?

विस्तार में उत्तर
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उत्तर

कवि इस कविता में ईश्वर (या करुणामय शक्ति) से प्रार्थना कर रहा है। वह यह नहीं चाहता कि ईश्वर उसे विपत्तियों या दुखों से बचा लें, बल्कि उसकी प्रार्थना यह है कि जब भी कोई दुख, पीड़ा या विपत्ति आए, तब वह उसका सामना धैर्य, साहस और शक्ति के साथ कर सके।

कवि की यह प्रार्थना बाहरी सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि आंतरिक शक्ति के लिए है। वह ईश्वर से विनती करता है कि उसे इतना बल दें कि वह दुख और संकट के समय भी विचलित न हो, अपने कर्तव्य से न डरे और जीवन की कठिनाइयों का डटकर सामना कर सके।

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आत्मत्राण
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अध्याय 1.9: आत्मत्राण - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ३९]

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एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
अध्याय 1.9 आत्मत्राण
प्रश्न-अभ्यास | Q (क) 1. | पृष्ठ ३९

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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
'विपदाओं से मुझे बचाओं, यह मेरी प्रार्थना नहीं' − कवि इस पंक्ति के द्वारा क्या कहना चाहता है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
कवि सहायक के न मिलने पर क्या प्रार्थना करता है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
अंत में कवि क्या अनुनय करता है?


निम्नलिखित अंशों का भाव स्पष्ट कीजिए-
नत शिर होकर सुख के दिन में
तव मुख पहचानँ छिन-छिन में।


निम्नलिखित अंशों का भाव स्पष्ट कीजिए-
हानि उठानी पड़े जगत् में लाभ अगर वंचना रही
तो भी मन में ना मानूँ क्षय।


निम्नलिखित अंशों का भाव स्पष्ट कीजिए-
तरने की हो शक्ति अनामय
मेरा भार अगर लघु करके न दो सांत्वना नहीं सही।


रवींद्रनाथ ठाकुर ने अनेक गीतों की रचना की है। उनके गीत-संग्रह में से दो गीत छाँटिए और कक्षा में कविता-पाठ कीजिए।


अनेक अन्य कवियों ने भी प्रार्थना गीत लिखे हैं, उन्हें पढ़ने का प्रयास कीजिए; जैसे

  1. महादेवी वर्मा- क्या पूजा क्या अर्चन रे!
  2. सूर्यकांत त्रिपाठी निराला- दलित जन पर करो करुणा।
  3. इतनी शक्ति हमें देना दाता
    मन का विश्वास कमज़ोर हो न
    हम चलें नेक रस्ते पर हम से
    भूल कर भी कोई भूल हो न

इसे प्रार्थना को ढूँढ़कर पूरा पढ़िए और समझिए कि दोनों प्रार्थनाओं में क्या समानता है? क्या आपको दोनों में कोई भी अंतर प्रतीत होता है? इस पर आपस में चर्चा कीजिए।


रवींद्रनाथ ठाकुर की ‘गीतांजलि’ को पुस्तकालय से लेकर पढ़िए।


रवींद्रनाथ ठाकुर ने कलकत्ता (कोलकाता) के निकट एक शिक्षण संस्थान की स्थापना की थी। पुस्तकालय की मदद से उसके विषय में जानकारी एकत्रित कीजिए।


‘सुख के दिन’ के संबंध में जन सामान्य और कवि के दृष्टिकोण में अंतर स्पष्ट कीजिए।


‘आत्मत्राण’ कविता में निहित संदेश स्पष्ट कीजिए।


'आत्मत्राण' कविता में कवि अपने व्यथित चित्त के लिए ईश्वर से क्या माँगता है?


पद्य खंड पर आधारित प्रश्न के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए :

'आत्मत्राण' कविता की कौन-सी दो बातें आपको बहुत प्रेरित करती हैं और क्यों? अपने शब्दों में लिखिए।


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