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कवि किससे और क्या प्रार्थना कर रहा है?

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प्रश्न

कवि किससे और क्या प्रार्थना कर रहा है?

विस्तार में उत्तर
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उत्तर

कवि इस कविता में ईश्वर (या करुणामय शक्ति) से प्रार्थना कर रहा है। वह यह नहीं चाहता कि ईश्वर उसे विपत्तियों या दुखों से बचा लें, बल्कि उसकी प्रार्थना यह है कि जब भी कोई दुख, पीड़ा या विपत्ति आए, तब वह उसका सामना धैर्य, साहस और शक्ति के साथ कर सके।

कवि की यह प्रार्थना बाहरी सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि आंतरिक शक्ति के लिए है। वह ईश्वर से विनती करता है कि उसे इतना बल दें कि वह दुख और संकट के समय भी विचलित न हो, अपने कर्तव्य से न डरे और जीवन की कठिनाइयों का डटकर सामना कर सके।

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आत्मत्राण
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अध्याय 1.9: आत्मत्राण - प्रश्न-अभ्यास (क) [पृष्ठ ४९]

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एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 2 [English] Class 10
अध्याय 1.9 आत्मत्राण
प्रश्न-अभ्यास (क) | Q 1 | पृष्ठ ४९

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