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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −'आत्मत्राण' शीर्षक की सार्थकता कविता के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।

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प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
'आत्मत्राणशीर्षक की सार्थकता कविता के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।

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उत्तर

आत्मत्राण का अर्थ है आत्मा का त्राण अर्थात आत्मा या मन के भय का निवारणउससे मुक्ति। कवि चाहता है कि जीवन में आने वाले दुखों को वह निर्भय होकर सहन करे। दुख न मिले ऐसी प्रार्थना वह नहीं करता बल्कि मिले हुए दुखों को सहनेउसे झेलने की शाक्ति के लिए प्रार्थना करता है। इसलिए यह शीर्षक पूर्णतया सार्थक है।

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आत्मत्राण
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अध्याय 1.9: आत्मत्राण - प्रश्न-अभ्यास (क) [पृष्ठ ४९]

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एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 2 [English] Class 10
अध्याय 1.9 आत्मत्राण
प्रश्न-अभ्यास (क) | Q 5 | पृष्ठ ४९

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