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अनेक अन्य कवियों ने भी प्रार्थना गीत लिखे हैं, उन्हें पढ़ने का प्रयास कीजिए; जैसे महादेवी वर्मा- क्या पूजा क्या अर्चन रे! सूर्यकांत त्रिपाठी निराला- दलित जन पर करो करुणा। इतनी शक्ति हमें देना दाता

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प्रश्न

अनेक अन्य कवियों ने भी प्रार्थना गीत लिखे हैं, उन्हें पढ़ने का प्रयास कीजिए; जैसे

  1. महादेवी वर्मा- क्या पूजा क्या अर्चन रे!
  2. सूर्यकांत त्रिपाठी निराला- दलित जन पर करो करुणा।
  3. इतनी शक्ति हमें देना दाता
    मन का विश्वास कमज़ोर हो न
    हम चलें नेक रस्ते पर हम से
    भूल कर भी कोई भूल हो न

इसे प्रार्थना को ढूँढ़कर पूरा पढ़िए और समझिए कि दोनों प्रार्थनाओं में क्या समानता है? क्या आपको दोनों में कोई भी अंतर प्रतीत होता है? इस पर आपस में चर्चा कीजिए।

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उत्तर

‘इतनी शक्ति हमें देना दाता’ और ‘आत्मत्राण’ दोनों ही कविताएँ प्रार्थना हैं जो पारंपरिक प्रार्थनाओं से हटकर हैं। दोनों ही प्रार्थनाओं में दुख से उबारने या दुख हर लेने की प्रार्थना न करके प्रभु के प्रति अटूट विश्वास बनाए रखने की शक्ति पाने की प्रार्थना की गई है। दोनों ही प्रार्थनाओं का भाव एक समान है किंतु इतनी शक्ति हमें देना दाता में कवि स्वयं नेक रास्ते पर चलने की अभिलाषा भी प्रकट करता है।

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आत्मत्राण
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अध्याय 1.9: आत्मत्राण - योग्यता विस्तार [पृष्ठ ३९]

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एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
अध्याय 1.9 आत्मत्राण
योग्यता विस्तार | Q 2. | पृष्ठ ३९

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