निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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किसी का हमने छीना नहीं, प्रकृति का रहा पालना यहीं हमारी जन्मभूमि थी यहीं, कहीं से हम आए थे नहीं। चरित थे पूत, भुजा में शक्ति, नम्रता रही सदा संपन्न हृदय के गौरव में था गर्व, किसी को देख न सके विपन्न। हमारे संचय में था दान, अतिथि थे सदा हमारे देव वचन में सत्य, हृदय में तेज, प्रतिज्ञा में रहती थी टेव। वही है रक्त, वही है देश, वही साहस है, वैसा ज्ञान वही है शांति, वही है शक्ति, वही हम दिव्य आर्य संतान। जिएँ तो सदा इसी के लिए, यही अभिमान रहे यह हर्ष निछावर कर दें हम सर्वस्व, हमारा प्यारा भारतवर्ष।
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- उत्तर लिखिए: [2]
| वचन में |
संचय में |
भुजा में |
प्रतिज्ञा में |
| ↓ |
↓ |
↓ |
↓ |
| ______ |
______ |
______ |
______ |
-
- पद्यांश से विलोम शब्द की जोड़ी ढूढकर लिखिए: [1]
______ x ______
- निम्नलिखित शब्दों के वचन पहचानकर लिखिए: [1]
- भारत - ______
- भुजाएँ - ______
- उपर्युक्त पद्यांश अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। [2]
[1] भारत महिमा
Chapter: [1] भारत महिमा
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लिखिए:
| निम्नलिखित हाइकु द्वारा मिलने वाला संदेश |
| करते जाओ पाने की मत सोचो जीवन सारा। |
भीतरी कुंठा नयनों के दुवार से आई बाहर। |
| ______ |
______ |
[4] मन (पूरक पठन)
Chapter: [4] मन (पूरक पठन)
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कृति पूर्ण कीजिए :

[4] मन (पूरक पठन)
Chapter: [4] मन (पूरक पठन)
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उत्तर लिखिए :
मँझधार में डोले |
[4] मन (पूरक पठन)
Chapter: [4] मन (पूरक पठन)
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उत्तर लिखिए :
छिपे हुए |
[4] मन (पूरक पठन)
Chapter: [4] मन (पूरक पठन)
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[4] मन (पूरक पठन)
Chapter: [4] मन (पूरक पठन)
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[4] मन (पूरक पठन)
Chapter: [4] मन (पूरक पठन)
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निम्नलिखित काव्य पंक्तियों का केंद्रीय भाव स्पष्ट कीजिए :
चलतीं साथ
पटरियाँ रेल की
फिर भी मौन।
[4] मन (पूरक पठन)
Chapter: [4] मन (पूरक पठन)
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निम्नलिखित काव्य पंक्तियों का केंद्रीय भाव स्पष्ट कीजिए:
काँटों के बीच
खिलखिलाता फूल
देता प्रेरणा।
[4] मन (पूरक पठन)
Chapter: [4] मन (पूरक पठन)
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प्रवाह तालिका पूर्ण कीजिए:

[7] खुला आकाश (पूरक पठन)
Chapter: [7] खुला आकाश (पूरक पठन)
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कृति पूर्ण कीजिए :

[7] खुला आकाश (पूरक पठन)
Chapter: [7] खुला आकाश (पूरक पठन)
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कृति पूर्ण कीजिए :

[7] खुला आकाश (पूरक पठन)
Chapter: [7] खुला आकाश (पूरक पठन)
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आकृति में लिखिए :

[7] खुला आकाश (पूरक पठन)
Chapter: [7] खुला आकाश (पूरक पठन)
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आकृति में लिखिए :

[7] खुला आकाश (पूरक पठन)
Chapter: [7] खुला आकाश (पूरक पठन)
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लिखिए :
[7] खुला आकाश (पूरक पठन)
Chapter: [7] खुला आकाश (पूरक पठन)
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लिखिए :

[7] खुला आकाश (पूरक पठन)
Chapter: [7] खुला आकाश (पूरक पठन)
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‘जो हम शौक से करना चाहते हैं, उसके लिए रास्ते निकाल लेते हैं,’ इसका सोदाहरण अर्थ लिखिए।
[7] खुला आकाश (पूरक पठन)
Chapter: [7] खुला आकाश (पूरक पठन)
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उचित जोड़ियाँ मिलाइए:
| अ |
उत्तर |
आ |
| मछली |
______ |
मौन |
| गीतों के स्वर |
______ |
सूना |
| रेल की पटरियाँ |
______ |
प्यासी |
| आकाश |
______ |
अमर |
| |
|
पीड़ा |
[4] मन (पूरक पठन)
Chapter: [4] मन (पूरक पठन)
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परिणाम लिखिए :
सितारों का छिपना - ______
[4] मन (पूरक पठन)
Chapter: [4] मन (पूरक पठन)
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परिणाम लिखिए :
तुम्हारा गीतों को स्वर देना - ______
[4] मन (पूरक पठन)
Chapter: [4] मन (पूरक पठन)
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