English
Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 10th Standard

निम्‍नलिखित काव्य पंक्‍तियों का केंद्रीय भाव स्‍पष्‍ट कीजिए : चलतीं साथ पटरियाँ रेल की फिर भी मौन । - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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Question

निम्‍नलिखित काव्य पंक्‍तियों का केंद्रीय भाव स्‍पष्‍ट कीजिए :

चलतीं साथ
पटरियाँ रेल की
फिर भी मौन।

One Line Answer
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Solution

कवि कहता है कि रेल की पटरियाँ मौन होकर उसके साथ-साथ चलती हैं, लेकिन वे कभी इसका घमंड नहीं करते।कवि यहाँ संदेश देना चाहता है कि जो हमारे शुभचिंतक होते हैं, वे बिना किसी दिखावे के हर परिस्थिति में हमारा साथ देते हैं। वास्तव में ऐसे शुभचिंतक परछाई की तरह होते हैं, जो हर परिस्थिति में हमारे साथ रहते हैं। मौजूद हैं और जरूरत पड़ने पर हमारी मदद करते हैं।

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मन
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Chapter 1.04: मन (पूरक पठन) - स्‍वाध्याय [Page 17]

APPEARS IN

Balbharati Hindi Lokbharati [English] Standard 10 Maharashtra State Board
Chapter 1.04 मन (पूरक पठन)
स्‍वाध्याय | Q (४) १. | Page 17

RELATED QUESTIONS

लिखिए:

निम्नलिखित हाइकु द्वारा मिलने वाला संदेश
करते जाओ पाने की मत सोचो जीवन सारा। भीतरी कुंठा नयनों के दुवार से आई बाहर।
______ ______

कृति पूर्ण कीजिए :


उत्‍तर लिखिए :

मँझधार में डोले |


उत्‍तर लिखिए :

छिपे हुए |


उत्‍तर लिखिए :

धुल गए |


उत्‍तर लिखिए :

अमर हुए।


निम्‍नलिखित काव्य पंक्‍तियों का केंद्रीय भाव स्‍पष्‍ट कीजिए:

काँटों के बीच
खिलखिलाता फूल
देता प्रेरणा।


उचित जोड़ियाँ मिलाइए:

उत्तर
मछली ______ मौन
गीतों के स्‍वर ______ सूना
रेल की पटरियाँ ______ प्यासी
आकाश ______ अमर
    पीड़ा

परिणाम लिखिए :

सितारों का छिपना - ______


परिणाम लिखिए :

तुम्‍हारा गीतों को स्‍वर देना - ______


सरल अर्थ लिखिए:

मन की ______ बरसीं आँखें।


निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

घना अँधेरा
चमकता प्रकाश
और अधिक।

करते जाओ
पाने की मत सोचो
जीवन सारा।

जीवन नैया
मँझधार में डोले
सँभाले कौन?

रंग-बिरंगे
रंग-संग लेकर
आया फागुन।

(1) ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्न शब्द हों: (2)

  1. जीवन नैया -
  2. फागुन -

(2) ‘जीवन एक संघर्ष है’ इस पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)


निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

सितारे छिपे
बादलों की ओट में
सूना आकाश।

तुमने दिए
जिन गीतों को स्‍वर
हुए अमर।

सागर में भी
रहकर मछली
प्यासी ही रही।

(1) तालिका पूर्ण कीजिए: (2)

  स्थिति निवास स्थान
मछली ______ ______
सितारे ______ ______

(2) ‘रात में सितारे आकाश की शोभा बढ़ाते हैं’ अपने विचार लिखिए। (2)


निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए -

करते जाओ
पाने की मत सोचो
जीवन सारा।

जीवन नैया
मैंझधार में डोले,
सँभाले कौन ?

रंग-बिरंगे
रंग-संग लेकर
आया फागुन।

काँटों के बीच
खिलखिलाता फूल
देता प्रेरणा।

(1) सूचनानुसार लिखिए-   (2)

  1. ऐसी पंक्ति जिसमें शिक्षा है - ______
  2. ऐसी पंक्ति जिसमें प्रेरणा है - ______

(2) कर्म ही जीवन है, अपने विचार 25 - 30 शब्दों में लिखिए।   (2)


निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

मन की पीड़ा
छाई बन बादल
बरसीं आँखें।

चलतीं साथ
पटरियाँ रेल की
फिर भी मौन।

सितारे छिपे
बादलों की ओट में
सूना आकाश।

(1) उत्तर लिखिए: (2)

  1. मौन बनी - ______
  2. छिपे हुए - ______
  3. बरसीं हुईं - ______
  4. सूना - ______

(2) ‘मन के जीते जीत है’ विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)


निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

काँटो के बीच
खिलखिलाता फूल
देता प्रेणा।

भीतरी कुंठा
आँखों के द्‌वार से
आई बाहर।

खारे जल से
धुल गए विषाद
मन पावन ।

  1. उचित जोड़ियाँ मिलाइए :         [2]
      'अ' 'आ'
    (i) खिलखिलाता फूल विषाद
    (ii) भीतरी जल
    (iii) खारा प्रेरणा
    (iv) पावन कुंठा
        मन
  2. काँटों के बीच खिलनेवाला फूल प्रेरणा देता है' विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए।         [2]

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