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निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए-
|
'चरित थे पूत, भुजा में शक्ति, नम्रता रही सदा संपन्न |
(1) संजाल पूर्ण कीजिए- (2)

(2) पद्यांश में ढूँढ़कर लिखिए-
(i) ऐसे शब्द जिनका अर्थ निम्न शब्द हो- (1)
- पवित्र अर्थ के लिए प्रयुक्त शब्द - ______
- गरीब अर्थ के लिएं प्रयुक्त शब्द - ______
(ii) वचन परिवर्तन करके वाक्य फिर से लिखिए- (1)
वचन में सत्य, हृदय में तेज, प्रतिज्ञा में रहती थी टेव।
(3) प्रस्तुत पद्यांश की किन्हीं दो पंक्तियों का भावार्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
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निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए-
| मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरों न कोई जाके सिर मोर मुकट, मेरो पति सोई 'छाँड़ि दई कुल की कानि, कहा करिहै कोई? संतन ढिग बैठि-बैठि, लोक लाज खोई। अँसुवन जल सींचि-सीचि प्रेम बेलि बोई। अब तो बेल फैल गई आँंद फल होई॥ दूध की मथनियाँ बड़े प्रेम से बिलोई। भगत देखि राजी हुई जगत देखि रोई दासी 'मीरा' लाल गिरिधर तारो अब मोहीं ॥ |
(1) पद्यांश के आधार पर संबंध जोड़कर उचित वाक्य तैयार कीजिए: (2)
| (i) तकिया | गुल्लक |
| (ii) बच्चों | शुन्य |
| रूई |
- ____________
- ____________
(2) (i) निम्नलिखित के लिए पद्यांश से शब्द ढूँढ़कर लिखिए। (1)
- दही मथने का बरतन - ______
- साजन - ______
(ii) पद्यांश में आए 'ढिग' शब्द के अलग-अलग अर्थ लिखिए। (1)
- ____________
- ____________
(3) प्रथम दो पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
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निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए-
| फागुन के दिन चार होरी खेल मना रे। बिन करताल पखावज बाजै, अणहद की झनकार रे। बिन सुर राग छतीसूँ गावै, रोम-रोम रणकार रे।। सील संतोख की केसर घोली, प्रेम-प्रीत पिचकार रे। उड़त गुलाल लाल भयो अंबर, बरसत रंग अपार रे।। घट के पट सब खोल दिए हैं, लोकलाज सब डार रे। 'मीरा' के प्रभु गिरिधर नागर, चरण कँवल बलिहार रे।। |
(1) पद्यांश के आधार पर संबंध जोड़कर उचित वाक्य तैयार कीजिए- (2)
| (i) सुमन | काँटे |
| (ii) पँखुड़ी | गंध |
| उपवन |
- ____________
- ____________
(2) (i) निम्नलिखित के लिए पद्यांश से शब्द ढूँढ़कर लिखिए- (1)
- पेड़-पौधों का समूह - ______
- नई कोमल पत्तियाँ - ______
(ii) पद्यांश में आए 'गंध' शब्द के अलग-अलग अर्थ लिखिए- (1)
- ____________
- ____________
(3) प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
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निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
हाथ में संतोष की तलवार ले जो उड़ रहा है, जगत में मधुमास, उसपर सदा पतझर रहा है, दीनता अभिमान जिसका, आज उसपर मान कर लूँ। उस कृषक का गान कर लूँ।। चूसकर श्रम रक्त जिसका, जगत में मधुरस बनाया, एक-सी जिसको बनाई, सृजक ने भी धूप-छाया, मनुजता के ध्वज तले, आह्वान उसका आज कर लूँ। उस कृषक का गान कर लूँ।। |
(1) पद्यांश के आधार पर संबंध जोड़कर उचित वाक्य तैयार कीजिए- (2)
| (i) | मधुमास | मनुजता |
| (ii) | कृषक | पतझर |
(2) (i) निम्नलिखित के लिए पद्यांश से शब्द ढूँढ़कर लिखिए- (1)
- रचना करने वाला - ______
- वसंत ऋतु - ______
(ii) पद्यांश में आए ‘ध्वज’ शब्द के अलग-अलग अर्थ लिखिए- (1)
- ______
- ______
(3) पद्यांश की प्रथम दो पंक्तियों का भावार्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए- (2)
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निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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चूसकर श्रम रक्त जिसका, जगत में मधुरस बनाया, एक-सी जिसको बनाई, सृजक ने भी धूप-छाया, मनुजता के ध्वज तले, आह्वान उसका आज कर लूँ। उस कृषक का गान कर लूँ ।। विश्व का पालक बन जो, अमर उसको कर रहा है .... |
(1) सूचनानुसार लिखिए- (2)
- ऐसी पंक्ति जिसमें श्रमिक के गुणगान का संदर्भ हैं - ______
- कृषक की उपलब्धि - ______
(2) कृषकों के जीवन पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
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निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
करामत अली को लक्ष्मी की पीठ पर रोगन लगाने के बाद भी इत्मीनान नहीं हुआ। वह उसके सिर पर हाथ फेरता रहा। लक्ष्मी स्थिर खड़ी उसकी ओर जिज्ञासापूर्ण दृष्टि से देखती रही। करामत अली को लगा जैसे लक्ष्मी कहना चाहती हो- ‘‘यदि मैं तुम्हारे काम की नहीं हूँ तो मुझे आजाद कर दो। मैं यह घर छोड़कर कहीं चली जाऊँगी।’’ करामत अली ड्यूटी पर जाने की तैयारी में था। तभी रमजानी बोली- ‘‘रहमान के अब्बा, अगर लक्ष्मी दूध नहीं देगी तो हम इसका क्या करेंगे? क्या खूँटे से बाँधकर हम इसे खिलाते-पिलाते रहेंगे ...?’’ |
(1) नाम लिखिए- (2)
(i)

(ii)

(2) लिखिए- (2)
- परिच्छेद के पात्र का नाम - ______
- परिच्छेद में गाय का नाम - ______
(3) गद्यांश में ढूँढ़कर लिखिए- (2)
(i) उई के शब्द -
- ______
- ______
(ii) ऐसे दो शब्द जिनका वचन परिवर्तन नहीं होता -
- ______
- ______
(4) करामत अली के चरित्र पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
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निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
| उस दिन जब मैं पूँजीवादी और समाजवादी अर्थव्यवस्था पर भाषण सुनकर आ रहा था, तो सामने से एक कार आ रही थी। भाषण के प्रभाव से मेरी साइकिल को अधिक जोश आया या कार को गुस्सा अधिक आया, यह मैं निश्चित रूप से नहीं कह सकता; किंतु मेरी साइकिल और वह कार जब करीब आए तो विरोधियों की तरह एक-दूसरे को घृणा की नजरों से देखते हुए आपस में जा भिड़े। मैंने खामखाह पूँजीवादी और समाजवादी के झगड़े में टाँग अड़ाई। फलस्वरूप मेरी टाँग टूट गई। दुर्घटना के बाद आज भी इंसानियत कायम है, यह सिद्ध करने के लिए कुछ लोग मेरी तरफ दौड़े। |
(1) संजाल पूर्ण कीजिए- (2)

(2) गद्यांश में उल्लिखित दो मुहावरे लिखिए- (2)
(3) (i) समानार्थी शब्द लिखिए- (1)
- गुस्सा - ______
- नजर - ______
(ii) गद्यांश से अंग्रेजी शब्द ढूँढ़कर लिखिए- (1)
- ______
- ______
(4) लेखक की मनोवृत्ति पर 25 से 30 शब्दों में प्रकाश डालिए। (2)
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निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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हिमालय के आँगन में उसे, किरणों का दे उपहार उषा ने हँस अभिनंदन किया, और पहनाया हीरक हार। जगे हम, लगे जगाने विश्व, लोक में फैला फिर आलोक व्योमतम पुंज हुआ तब नष्ट, अखिल संसृति हो उठी अशोक। विमल वाणी ने वीणा ली, कमल कोमल कर में सप्रीत सप्तस्वर सप्तसिंधु में उठे, छिड़ा तब मधुर साम संगीत। |
(1) संजाल पूर्ण कीजिए- (2)
(i)

(ii)

(2) (i) पद्यांश में ढूँढ़कर लिखिए- (1)
- हीरों का हार - ______
- शोकरहित - ______
(ii) वचन परिवर्तन करके वाक्य फिर से लिखिए- (1)
हिमालय के आँगन में उसे, किरणों का दे उपहार
(3) प्रस्तुत पद्यांश की किन्हीं दो पंक्तियों का भावार्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
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निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।
| सबसे पहले हम अंजुना बीच पहुँचे। गोवा में छोटे-बड़े करीब 40 बीच हैं लेकिन प्रमुख सात या आठ ही हैं। अंजुना बीच नीले पानीवाला, पथरीला बहुत ही खूबसूरत है। इसके एक ओर लंबी-सी पहाड़ी है, जहाँ से बीच का मनोरम दृश्य देखा जा सकता है। समुद्र तक जाने के लिए थोड़ा नीचे उतरना पड़ता है। नीला पानी काले पत्थरों पर पछाड़ खाता रहता है। पानी ने काट-काटकर इन पत्थरों में कई छेद कर दिए हैं जिससे ये पत्थर कमजोर भी हो गए हैं। साथ ही समुद्र के काफी पीछे हट जाने से कई पत्थरों के बीच में पानी भर गया है। इससे वहाँ काई ने अपना घर बना लिया है। फिसलने का डर हमेशा लगा रहता है लेकिन संघर्षों में ही जीवन है, इसलिए यहाँ घूमने का भी अपना अलग आनंद है। यहाँ युवाओं का दल तो अपनी मस्ती में डूबा रहता है, लेकिन परिवार के साथ आए पर्यटकों का ध्यान अपने बच्चों को खतरों से सावधान रहने के दिशानिर्देश देने में ही लगा रहता है। मैंने देखा कि समुद्र किनारा होते हुए भी बेनालियम बीच तथा अंजुना बीच का अपना-अपना सौंदर्य है। बेनालियम बीच रेतीला तथा उथला है। यह मछुआरों की पहली पसंद है। |
(1) विशेषताएँ लिखिए: (2)
(i) 
(ii)

(2) एक/दो शब्दों में उत्तर लिखिए: (2)
- गोवा के छोटे-बड़े बीच की संख्या - ______
- काई ने यहाँ घर बना लिया था - ______
- अपने बच्चों को खतरों से सावधान कराने वाले - ______
- बेनालियम बीच इनकी पहली पसंद है - ______
(3) (i) निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द गद्यांश से ढूँढ़कर लिखिए: (1)
- बदसूरत × ______
- नापसंद × ______
(ii) निम्नलिखित शब्दों के लिए पर्यायवाची शब्द लिखिए: (1)
- कमजोर - ______
- आनंद - ______
(4) अपने द्वारा किए हुए पर्यटन का एक अनुभव 25 से 30 शब्दों में लिखिए: (2)
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निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।
|
हाथ में संतोष की तलवार ले जो उड़ रहा है, चूसकर श्रम रक्त जिसका, जगत में मधुरस बनाया, |
(1) आकृति में लिखिए: (2)
(i)

(ii)

(2) (i) उपर्युक्त पद्यांश से ‘ता’ प्रत्यययुक्त दो शब्द ढूँढ़कर लिखिए: (1)
- ______
- ______
(ii) पद्यांश में आए दो संस्कृत शब्द ढूँढ़कर लिखिए: (1)
- ______
- ______
(3) उपर्युक्त पद्यांश की प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
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निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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टाँग से ज्यादा फिक्र मुझे उन लोगों की हुई जो हमदर्दी जताने मुझसे मिलने आएँगे। ये मिलने-जुलने वाले कई बार इतने अधिक आते हैं और कभी-कभी इतना परेशान करते हैं कि मरीज का आराम हराम हो जाता है, जिसकी मरीज को खास जरूरत होती है। जनरल वार्ड का तो एक नियम होता है कि आप मरीज को एक निश्चित समय पर आकर ही तकलीफ दे सकते हैं किंतु प्राइवेट वार्ड, यह तो एक खुला निमंत्रण है कि ‘‘हे मेर परिचितो, रिश्तेदारो, मित्रो ! आओ, जब जी चाहे आओ, चाहे जितनी देर रुको, समय का कोई बंधन नहीं। अपने सारे बदले लेने का यही वक्त है।’’ बदले का बदला और हमदर्दी की हमदर्दी। मिलने वालों का खयाल आते ही मुझे लगा मेरी दूसरी टाँग भी टूट गई। मुझसे मिलने के लिए सबसे पहले वे लोग आए जिनकी टाँग या कुछ और टूटने पर मैं कभी उनसे मिलने गया था, मानो वे इसी दिन का इंतजार कर रहे थे कि कब मेरी टाँग टूटे और कब वे अपना एहसान चुकाएँ। इनकी हमदर्दी में यह बात खास छिपी रहती है कि देख बेटा, वक्त सब पर आता है। दर्द के मारे एक तो मरीज को वैसे ही नींद नहीं आती, यदि थोड़ी-बहुत आ भी जाए तो मिलने वाले जगा देते हैं- खास कर वे लोग जो सिर्फ औपचारिकता निभाने आते हैं। |
(1) निम्नलिखित वाक्य पूर्ण कीजिए: [2]
- मरीज का आराम हराम तब हो जाता है जब ______
- जब मिलने वालों का खयाल लेखक को आता है तब ______
(2) उत्तर लिखिए: [2]
- हमदर्दी जताने वालों की फिक्र करने वाला -
- लेखक को परेशान करने वाले -
- मरीज को मिलने के संबंध में यहाँ समय का बंधन पाला जाता है -
- मरीज को इसके कारण नींद नहीं आती -
(3)
- गद्यांश में आई हुई एक समानार्थी शब्द की जोड़ी दूँढकर लिखिए। [1]
- गद्यांश में प्रयुक्त दो उर्दू शब्द ढँढकर लिखिए: [1]
- ___________
- ___________
(4) 'आराम हराम है' विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। [2]
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निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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किसी का हमने छीना नहीं, प्रकृति का रहा पालना यहीं |
- उत्तर लिखिए: [2]
वचन में संचय में भुजा में प्रतिज्ञा में ↓ ↓ ↓ ↓ ______ ______ ______ ______ -
- पद्यांश से विलोम शब्द की जोड़ी ढूढकर लिखिए: [1]
______ x ______ - निम्नलिखित शब्दों के वचन पहचानकर लिखिए: [1]
- भारत - ______
- भुजाएँ - ______
- पद्यांश से विलोम शब्द की जोड़ी ढूढकर लिखिए: [1]
- उपर्युक्त पद्यांश अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। [2]
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लिखिए:
| निम्नलिखित हाइकु द्वारा मिलने वाला संदेश | |
| करते जाओ पाने की मत सोचो जीवन सारा। | भीतरी कुंठा नयनों के दुवार से आई बाहर। |
| ______ | ______ |
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उत्तर लिखिए :
मँझधार में डोले |
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उत्तर लिखिए :
छिपे हुए |
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निम्नलिखित काव्य पंक्तियों का केंद्रीय भाव स्पष्ट कीजिए :
चलतीं साथ
पटरियाँ रेल की
फिर भी मौन।
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निम्नलिखित काव्य पंक्तियों का केंद्रीय भाव स्पष्ट कीजिए:
काँटों के बीच
खिलखिलाता फूल
देता प्रेरणा।
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