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Science (English Medium) Class 12 - CBSE Question Bank Solutions

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विशेष लेखन की शब्दावली के उचित मिलान को दर्शाने वाले विकल्प का चयन कीजिए -

अ ब
(I) पर्यावरण (i) रौंदा
(II) व्यापार (ii) सेंसेक्स
(III) खेल (iii) आर्द्रता
(IV) शेयर बाज़ार (iv) तेजड़िए
[3] विशेष लेखन-स्वरुप और प्रकार
Chapter: [3] विशेष लेखन-स्वरुप और प्रकार
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दिए गए कथनों में से अंशकालिक पत्रकार के लिए सही कथन का चयन कीजिए -

[2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
Chapter: [2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
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ड्राई एंकर वह होता है जो ______

[1] विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन
Chapter: [1] विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन
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एंकर बाइट कौन देता है?

[1] विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन
Chapter: [1] विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन
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निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनिए - 

भर जलद धरा को ज्यों अपार;
वे ही सुख-दुख में रहे न्यस्त,
तेरे हित सदा समस्त व्यस्त;
वह लता वहीं की, जहाँ कली
तू खिली, स्नेह से हिली, पली,
अंत भी उसी गोद में शरण
ली, मूँदे दृग वर महामरण!

मुझ भाग्यहीन की तू संबल
युग वर्ष बाद जब हुई विकल,
दुख ही जीवन की कथा रही
क्या कहूँ आज, जो नहीं कही!
हो इसी कर्म पर वज्रपात 
यदि धर्म, रहे नत सदा माथ।

(1) ‘भर जलद धरा को ज्यों अपार’ पंक्ति द्वारा प्रतिपादित किया गया है - (1)

(क) वैमनस्य
(ख) अनुभव
(ग) स्नेह
(घ) प्रकाश

(2) कवि स्वयं को भाग्यहीन कहकर क्या सिद्ध करना चाहते हैं? (1)

(क) मनचाही प्रसिद्धि न मिलना
(ख) सरोज की आर्थिक दशा
(ग) सरोज ही एकमात्र सहारा
(घ) पारिवारिक सदस्यों से बिछोह

(3) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए - (1)

  1. कवि सरोज को शकुंतला के समान मानते थे।
  2. पुत्री सरोज की मृत्यु असमय हो गई थी।
  3. सरोज की मृत्यु अपनी ससुराल में हुई थी।

इन कथनों में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं -

(क) केवल (i)
(ख) (ii) और (iii)
(ग) केवल (ii)
(घ) (ii) और (iii)

(4) ‘हो इसी कर्म पर वज्रपात’ के माध्यम से कवि कहना चाहते हैं कि वह - (1)

(क) कष्टदायक जीवन के बाद धार्मिक बन रहे हैं।
(ख) मस्तक पर वज्रपात सहने का साहस कर रहे हैं।
(ग) समस्त जीवन दुख में ही व्यतीत करते रहे हैं।
(घ) प्रतिकूलताओं के आगे आत्मसमर्पण कर रहे हैं।

(5) दुख ही जीवन की कथा रही के माध्यम से प्रकट हो रही है - (1)

(क) शैशवावस्था
(ख) वृदूधावस्था
(ग) वियोगावस्था
(घ) विश्लेषणावस्था

(6) ‘क्या कहूँ आज, जो नहीं कही!’
पंक्ति के माध्यम से कवि की स्वाभाविक विशेषता बताने के लिए सूक्ति कहीं जा सकती है - (1)

(क) पर उपदेश कुशल बहुतेरे
(ख) बिथा मन ही राखो गोय
(ग) मुझसे बुरा न कोय
(घ) मन के हारे हार है

[2] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : सरोज स्मृति
Chapter: [2] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : सरोज स्मृति
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बिस्कोहर की माटी पाठ के अनुसार निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए -

  1. पाठ में मनुष्य के संबंधों की मार्मिक पड़ताल निहित है।
  2. जीवन की स्थितियाँ ऋतुओं के साथ बदलती हैं।
  3. प्रकृति के प्रकोप को ग्रामीण जीवन झेलता है।
  4. ग्रामीण जीवन में प्रकृति के प्रति अलगाव है।

इन कथनों में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं -

[2] विश्वनाथ त्रिपाठी : बिस्कोहर की माटी
Chapter: [2] विश्वनाथ त्रिपाठी : बिस्कोहर की माटी
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विकास की औद्योगिक सभ्यता उजाड़ की अपसभ्यता बन गई है। इसका कारण है -

[3] प्रभाष जोशी : अपना मालवा-खाऊ-उजाडू सभ्यता में
Chapter: [3] प्रभाष जोशी : अपना मालवा-खाऊ-उजाडू सभ्यता में
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निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए -

  1. भरभंडा : फूल
  2. डोंडहा : साँप
  3. कोइयाँ : जलपुष्प
  4. धामिन : अनाज

इन युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं -

[2] विश्वनाथ त्रिपाठी : बिस्कोहर की माटी
Chapter: [2] विश्वनाथ त्रिपाठी : बिस्कोहर की माटी
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अभिलाषाओं की राख से तात्पर्य है -

[1] प्रेमचंद : सूरदास की झोपड़ी
Chapter: [1] प्रेमचंद : सूरदास की झोपड़ी
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‘कोई भी तालाब अकेला नहीं है।’ यह कथन दर्शाता है -

[2] विश्वनाथ त्रिपाठी : बिस्कोहर की माटी
Chapter: [2] विश्वनाथ त्रिपाठी : बिस्कोहर की माटी
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‘कविता कोने में घात लगाए बैठी है। यह हमारे जीवन मैं किसी भी क्षण वसंत की तरह आ सकती है।’ इस कथन की सार्थकता सिद्ध कीजिए।

[4] कैसे बनती है कविता
Chapter: [4] कैसे बनती है कविता
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रंगमंच को प्रतिरोध का सशक्त माध्यम कहना कहाँ तक उचित है? तीन कारणों का उल्लेख कीजिए।

[5] नाटक लिखने का व्याकरण
Chapter: [5] नाटक लिखने का व्याकरण
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कहानी के पात्रों का चरित्र-चित्रण कथानक की आवश्यकता के अनुसार प्रभावशाली ढंग से कैसे प्रस्तुत किया जाता है। किन्हीं दो तरीकों का वर्णन उदाहरण सहित दीजिए।

[6] कैसे लिखें कहानी
Chapter: [6] कैसे लिखें कहानी
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अधिकांश समाचार एक विशेष शैली में लिखे जाते हैं। इसका कारण बताते हुए शैली का विस्तृत परिचय दीजिए।

[2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
Chapter: [2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
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अच्छे फीचर की किन्हीं तीन विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

[2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
Chapter: [2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
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आशय स्पष्ट कीजिए।

अधर लगे हैं आनि करि कै पयान प्रान,
चाहत चलन ये सैंदेसो लै सुजान को।

[9] घनानंद : कवित्त
Chapter: [9] घनानंद : कवित्त
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धरती का वातावरण गरम हो रहा है। कारण बताते हुए निवारण के उपाय भी बताइए।

[3] प्रभाष जोशी : अपना मालवा-खाऊ-उजाडू सभ्यता में
Chapter: [3] प्रभाष जोशी : अपना मालवा-खाऊ-उजाडू सभ्यता में
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सूरदास कहाँ तो नैराश्य, ग्लानि, चिंता और क्षोभ के अपार जल में गोते खा रहा था, कहाँ यह चेतावनी सुनते ही उसे ऐसा मालूम हुआ किसी ने उसका हाथ पकड़कर किनारे पर खड़ा कर दिया।

नकारात्मक मानवीय पहलुओं पर अकेले सूरदास का व्यक्तित्व भारी पड़ गया। जीवन मूल्यों की दृष्टि से इस कथन पर विचार कीजिए।

[1] प्रेमचंद : सूरदास की झोपड़ी
Chapter: [1] प्रेमचंद : सूरदास की झोपड़ी
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निम्नलिखित काव्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए।

महीं सकल अनरथ कर मूला। सो सुनि समुझि सहिउँ सब सूला॥
सुनि बन गवनु कीन्ह रघुनाथा। करि मुनि बेष लखन सिय साथा॥
बिन पानहिन्ह पयादेहि पाएँ। संकरु साखि रहेउँ ऐहि घाएँ॥
बहुरि निहारि निषाद सनेहू। कुलिस कठिन उर भयउ न बेहू॥
अब सबु आँखिन्ह देखेउँ आई। जिअत जीव जड़ सबइ सहाई॥
जिन्हहि निरखि मग साँपिनि बीछी। तजहिं बिषम बिषु तापस तीछी॥

[6] तुलसीदास : भरत-राम का प्रेम, पद
Chapter: [6] तुलसीदास : भरत-राम का प्रेम, पद
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विशेष लेखन के लिए सबसे जरूरी बात है -

[3] विशेष लेखन-स्वरुप और प्रकार
Chapter: [3] विशेष लेखन-स्वरुप और प्रकार
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