मराठी

Science (English Medium) इयत्ता १२ - CBSE Question Bank Solutions

Advertisements
विषय
अध्याय
विषय
मुख्य विषय
अध्याय

Please select a subject first

Advertisements
Advertisements
< prev  7421 to 7440 of 18300  next > 

विशेष लेखन की शब्दावली के उचित मिलान को दर्शाने वाले विकल्प का चयन कीजिए -

अ ब
(I) पर्यावरण (i) रौंदा
(II) व्यापार (ii) सेंसेक्स
(III) खेल (iii) आर्द्रता
(IV) शेयर बाज़ार (iv) तेजड़िए
[3] विशेष लेखन-स्वरुप और प्रकार
Chapter: [3] विशेष लेखन-स्वरुप और प्रकार
Concept: undefined >> undefined

दिए गए कथनों में से अंशकालिक पत्रकार के लिए सही कथन का चयन कीजिए -

[2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
Chapter: [2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
Concept: undefined >> undefined

Advertisements

ड्राई एंकर वह होता है जो ______

[1] विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन
Chapter: [1] विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन
Concept: undefined >> undefined

एंकर बाइट कौन देता है?

[1] विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन
Chapter: [1] विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनिए - 

भर जलद धरा को ज्यों अपार;
वे ही सुख-दुख में रहे न्यस्त,
तेरे हित सदा समस्त व्यस्त;
वह लता वहीं की, जहाँ कली
तू खिली, स्नेह से हिली, पली,
अंत भी उसी गोद में शरण
ली, मूँदे दृग वर महामरण!

मुझ भाग्यहीन की तू संबल
युग वर्ष बाद जब हुई विकल,
दुख ही जीवन की कथा रही
क्या कहूँ आज, जो नहीं कही!
हो इसी कर्म पर वज्रपात 
यदि धर्म, रहे नत सदा माथ।

(1) ‘भर जलद धरा को ज्यों अपार’ पंक्ति द्वारा प्रतिपादित किया गया है - (1)

(क) वैमनस्य
(ख) अनुभव
(ग) स्नेह
(घ) प्रकाश

(2) कवि स्वयं को भाग्यहीन कहकर क्या सिद्ध करना चाहते हैं? (1)

(क) मनचाही प्रसिद्धि न मिलना
(ख) सरोज की आर्थिक दशा
(ग) सरोज ही एकमात्र सहारा
(घ) पारिवारिक सदस्यों से बिछोह

(3) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए - (1)

  1. कवि सरोज को शकुंतला के समान मानते थे।
  2. पुत्री सरोज की मृत्यु असमय हो गई थी।
  3. सरोज की मृत्यु अपनी ससुराल में हुई थी।

इन कथनों में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं -

(क) केवल (i)
(ख) (ii) और (iii)
(ग) केवल (ii)
(घ) (ii) और (iii)

(4) ‘हो इसी कर्म पर वज्रपात’ के माध्यम से कवि कहना चाहते हैं कि वह - (1)

(क) कष्टदायक जीवन के बाद धार्मिक बन रहे हैं।
(ख) मस्तक पर वज्रपात सहने का साहस कर रहे हैं।
(ग) समस्त जीवन दुख में ही व्यतीत करते रहे हैं।
(घ) प्रतिकूलताओं के आगे आत्मसमर्पण कर रहे हैं।

(5) दुख ही जीवन की कथा रही के माध्यम से प्रकट हो रही है - (1)

(क) शैशवावस्था
(ख) वृदूधावस्था
(ग) वियोगावस्था
(घ) विश्लेषणावस्था

(6) ‘क्या कहूँ आज, जो नहीं कही!’
पंक्ति के माध्यम से कवि की स्वाभाविक विशेषता बताने के लिए सूक्ति कहीं जा सकती है - (1)

(क) पर उपदेश कुशल बहुतेरे
(ख) बिथा मन ही राखो गोय
(ग) मुझसे बुरा न कोय
(घ) मन के हारे हार है

[2] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : सरोज स्मृति
Chapter: [2] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : सरोज स्मृति
Concept: undefined >> undefined

बिस्कोहर की माटी पाठ के अनुसार निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए -

  1. पाठ में मनुष्य के संबंधों की मार्मिक पड़ताल निहित है।
  2. जीवन की स्थितियाँ ऋतुओं के साथ बदलती हैं।
  3. प्रकृति के प्रकोप को ग्रामीण जीवन झेलता है।
  4. ग्रामीण जीवन में प्रकृति के प्रति अलगाव है।

इन कथनों में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं -

[2] विश्वनाथ त्रिपाठी : बिस्कोहर की माटी
Chapter: [2] विश्वनाथ त्रिपाठी : बिस्कोहर की माटी
Concept: undefined >> undefined

विकास की औद्योगिक सभ्यता उजाड़ की अपसभ्यता बन गई है। इसका कारण है -

[3] प्रभाष जोशी : अपना मालवा-खाऊ-उजाडू सभ्यता में
Chapter: [3] प्रभाष जोशी : अपना मालवा-खाऊ-उजाडू सभ्यता में
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए -

  1. भरभंडा : फूल
  2. डोंडहा : साँप
  3. कोइयाँ : जलपुष्प
  4. धामिन : अनाज

इन युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं -

[2] विश्वनाथ त्रिपाठी : बिस्कोहर की माटी
Chapter: [2] विश्वनाथ त्रिपाठी : बिस्कोहर की माटी
Concept: undefined >> undefined

अभिलाषाओं की राख से तात्पर्य है -

[1] प्रेमचंद : सूरदास की झोपड़ी
Chapter: [1] प्रेमचंद : सूरदास की झोपड़ी
Concept: undefined >> undefined

‘कोई भी तालाब अकेला नहीं है।’ यह कथन दर्शाता है -

[2] विश्वनाथ त्रिपाठी : बिस्कोहर की माटी
Chapter: [2] विश्वनाथ त्रिपाठी : बिस्कोहर की माटी
Concept: undefined >> undefined

‘कविता कोने में घात लगाए बैठी है। यह हमारे जीवन मैं किसी भी क्षण वसंत की तरह आ सकती है।’ इस कथन की सार्थकता सिद्ध कीजिए।

[4] कैसे बनती है कविता
Chapter: [4] कैसे बनती है कविता
Concept: undefined >> undefined

रंगमंच को प्रतिरोध का सशक्त माध्यम कहना कहाँ तक उचित है? तीन कारणों का उल्लेख कीजिए।

[5] नाटक लिखने का व्याकरण
Chapter: [5] नाटक लिखने का व्याकरण
Concept: undefined >> undefined

कहानी के पात्रों का चरित्र-चित्रण कथानक की आवश्यकता के अनुसार प्रभावशाली ढंग से कैसे प्रस्तुत किया जाता है। किन्हीं दो तरीकों का वर्णन उदाहरण सहित दीजिए।

[6] कैसे लिखें कहानी
Chapter: [6] कैसे लिखें कहानी
Concept: undefined >> undefined

अधिकांश समाचार एक विशेष शैली में लिखे जाते हैं। इसका कारण बताते हुए शैली का विस्तृत परिचय दीजिए।

[2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
Chapter: [2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
Concept: undefined >> undefined

अच्छे फीचर की किन्हीं तीन विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

[2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
Chapter: [2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
Concept: undefined >> undefined

आशय स्पष्ट कीजिए।

अधर लगे हैं आनि करि कै पयान प्रान,
चाहत चलन ये सैंदेसो लै सुजान को।

[9] घनानंद : कवित्त
Chapter: [9] घनानंद : कवित्त
Concept: undefined >> undefined

धरती का वातावरण गरम हो रहा है। कारण बताते हुए निवारण के उपाय भी बताइए।

[3] प्रभाष जोशी : अपना मालवा-खाऊ-उजाडू सभ्यता में
Chapter: [3] प्रभाष जोशी : अपना मालवा-खाऊ-उजाडू सभ्यता में
Concept: undefined >> undefined

सूरदास कहाँ तो नैराश्य, ग्लानि, चिंता और क्षोभ के अपार जल में गोते खा रहा था, कहाँ यह चेतावनी सुनते ही उसे ऐसा मालूम हुआ किसी ने उसका हाथ पकड़कर किनारे पर खड़ा कर दिया।

नकारात्मक मानवीय पहलुओं पर अकेले सूरदास का व्यक्तित्व भारी पड़ गया। जीवन मूल्यों की दृष्टि से इस कथन पर विचार कीजिए।

[1] प्रेमचंद : सूरदास की झोपड़ी
Chapter: [1] प्रेमचंद : सूरदास की झोपड़ी
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित काव्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए।

महीं सकल अनरथ कर मूला। सो सुनि समुझि सहिउँ सब सूला॥
सुनि बन गवनु कीन्ह रघुनाथा। करि मुनि बेष लखन सिय साथा॥
बिन पानहिन्ह पयादेहि पाएँ। संकरु साखि रहेउँ ऐहि घाएँ॥
बहुरि निहारि निषाद सनेहू। कुलिस कठिन उर भयउ न बेहू॥
अब सबु आँखिन्ह देखेउँ आई। जिअत जीव जड़ सबइ सहाई॥
जिन्हहि निरखि मग साँपिनि बीछी। तजहिं बिषम बिषु तापस तीछी॥

[6] तुलसीदास : भरत-राम का प्रेम, पद
Chapter: [6] तुलसीदास : भरत-राम का प्रेम, पद
Concept: undefined >> undefined

विशेष लेखन के लिए सबसे जरूरी बात है -

[3] विशेष लेखन-स्वरुप और प्रकार
Chapter: [3] विशेष लेखन-स्वरुप और प्रकार
Concept: undefined >> undefined
< prev  7421 to 7440 of 18300  next > 
Advertisements
Advertisements
CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Question Bank Solutions
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Biology
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Chemistry
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Computer Science (C++)
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ English Core
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ English Elective - NCERT
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Entrepreneurship
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Hindi (Core)
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Hindi (Elective)
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ History
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Informatics Practices
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Mathematics
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Physical Education
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Physics
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Political Science
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Psychology
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Sanskrit (Core)
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Sanskrit (Elective)
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Sociology
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×