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प्रश्न
रंगमंच को प्रतिरोध का सशक्त माध्यम कहना कहाँ तक उचित है? तीन कारणों का उल्लेख कीजिए।
थोडक्यात उत्तर
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उत्तर
नाटक स्वयं में एक जीवंत माध्यम है। कोई भी दो चरित्र जब भी आपस में मिलते हैं तो विचारों के आदान-प्रदान में टकराहट पैदा होना स्वाभाविक है। यही कारण है कि रंगमंच प्रतिरोध का सबसे सशक्त माध्यम है।
- नायक-प्रतिनायक एवं सूत्रधार द्वारा तनाव, उत्सुकता, रहस्य, रोमांच तथा उपन्साहार की शसक्त प्रस्तिति द्वारा।
- जिस नाटक में इस तरह की असंतुष्टि, छटपटाहट, प्रतिरोध और अस्वीकार जैसे नकारात्मक तत्त्वों की जितनी ज्यादा उपस्थिति होगी वह उतना ही गहरा और सशक्त नाटक साबित होगा। उदाहरण के लिए हम अंधायुग, तुगलक आदि नाटक।
- एक रंगमंच की प्रस्तति द्वारा समाज में विभिन्न मुद्दों के बफर में लोगों को जागरूक किया जा सकता है।
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नाटक लिखने का व्याकरण
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
