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Science (Hindi Medium) Class 12 [कक्षा १२] - CBSE Question Bank Solutions

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निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
सो घनआनंद जान अजान लौं टूक कियौ पर वाँचि न देख्यौ।

[1.11] घनानंद : कवित्त / सवैया
Chapter: [1.11] घनानंद : कवित्त / सवैया
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निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-

तब हार पहार से लागत हे, अब बीच में आन पहार परे।

[1.11] घनानंद : कवित्त / सवैया
Chapter: [1.11] घनानंद : कवित्त / सवैया
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संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए-
तब तौ छबि पीवत जीवत हे, ______ बिललात महा दुःख दोष भरे।

[1.11] घनानंद : कवित्त / सवैया
Chapter: [1.11] घनानंद : कवित्त / सवैया
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संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए-
ऐसो हियो हित पत्र पवित्र ______ टूक कियौ पर बाँचि न देख्यौ।

[1.11] घनानंद : कवित्त / सवैया
Chapter: [1.11] घनानंद : कवित्त / सवैया
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लेखक ने अपने पिता जी की किन-किन विशेषताओं का उल्लेख किया है?

[2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Chapter: [2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
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बचपन में लेखक के मन में भारतेंदु जी के संबंध में कैसी भावना जगी रहती थी?

[2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Chapter: [2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
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उपाध्याय बदरीनारायण चौधरी 'प्रेमघन' की पहली झलक लेखक ने किस प्रकार देखी?

[2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Chapter: [2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
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लेखक का हिंदी-साहित्य के प्रति झुकाव किस प्रकार बढ़ता गया?

[2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Chapter: [2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
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'निस्संदेह' शब्द को लेकर लेखक ने किस प्रसंग का ज़िक्र किया है?

[2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Chapter: [2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
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पाठ में कुछ रोचक घटनाओं का उल्लेख है। ऐसी तीन घटनाएँ चुनकर उन्हें अपने शब्दों में लिखिए।

[2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Chapter: [2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
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"इस पुरातत्व की दृष्टि में प्रेम और कुतूहल का अद्भुत मिश्रण रहता था।" यह कथन किसके संदर्भ में कहा गया है और क्यों? स्पष्ट कीजिए।

[2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Chapter: [2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
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प्रस्तुत संस्मरण में लेखक ने चौधरी साहब के व्यक्तित्व के किन-किन पहलुओं को उजागर किया है?

[2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Chapter: [2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
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समवयस्क हिंदी प्रेमियों की मंडली में कौन-कौन से लेखक मुख्य थे?

[2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Chapter: [2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
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‘भारतेंदु जी के मकान के नीचे का यह ह्दय परिचय बहुत शीघ्र गहरी मैत्री में परिणत हो गया।’- कथन का आशय स्पष्ट कीजिए।

[2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Chapter: [2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
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चौधरी जी के व्यक्तित्व को बताने के लिए पाठ में कुछ मज़ेदार वाक्य आए हैं- उन्हें छाँटकर उनका संदर्भ लिखिए।

[2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Chapter: [2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
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पाठ की शैली की रोचकता पर टिप्पणी कीजिए।

[2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Chapter: [2.01] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
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बालक से उसकी उम्र और योग्यता से ऊपर के कौन-कौन से प्रश्न पूछे गए?

[2.02] पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी : सुमिरिनी के मनके
Chapter: [2.02] पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी : सुमिरिनी के मनके
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बालक ने क्यों कहा कि मैं यावज्जन्म लोकसेवा करूँगा?

[2.02] पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी : सुमिरिनी के मनके
Chapter: [2.02] पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी : सुमिरिनी के मनके
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बालक द्वारा इनाम में लड्डू माँगने पर लेखक ने सुख की साँस क्यों भरी?

[2.02] पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी : सुमिरिनी के मनके
Chapter: [2.02] पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी : सुमिरिनी के मनके
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बालक की प्रवृत्तियों का गला घोंटना अनुचित है, पाठ में ऐसा आभास किन स्थलों पर होता है कि उसकी प्रवृत्तियों का गला घोटा जाता है?

[2.02] पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी : सुमिरिनी के मनके
Chapter: [2.02] पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी : सुमिरिनी के मनके
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