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English Medium Class 10 - CBSE Question Bank Solutions

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मंगलध्वनि किसे कहते हैं?

[1.16] यतींद्र मिश्र : नौबतखाने में इबादत
Chapter: [1.16] यतींद्र मिश्र : नौबतखाने में इबादत
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'क्रोध से बात और अधिक बिगड़ जाती है।' 'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' कविता के आलोक में इस कथन की पुष्टि कीजिए।

[1.02] तुलसीदास : राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
Chapter: [1.02] तुलसीदास : राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
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आपके पाठ्यक्रम की किस कविता में कवि ने बादल से फुहार, रिमझिम तथा बरसने के स्थान पर गरजने के लिए कहा है? इस आहवान का क्या कारण है? अपने शब्दों में लिखिए।

[1.05] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : उत्साह और अट नहीं रही है
Chapter: [1.05] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : उत्साह और अट नहीं रही है
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आत्मकथा लिखने के लिए किन गुणों की आवश्यकता होती है? कवि के लिए यह कार्य कठिन क्यों था? सोचकर लिखिए।

[1.04] जयशंकर प्रसाद : आत्मकथ्य
Chapter: [1.04] जयशंकर प्रसाद : आत्मकथ्य
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फ़ादर कामिल बुल्के द्वारा भारत को ही अपनी कर्मभूमि चुनने का कारण ‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार परस्पष्ट कीजिए।

[1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
Chapter: [1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
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‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर लिखिए कि फ़ादर कामिल बुल्के की मृत्यु से बहुत बड़ी संख्या में लोग शोक-संतप्त क्यों हुए?

[1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
Chapter: [1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
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नवाब साहब ने खीरा न खाने का जो कारण बताया, क्या वह सही था? ‘लखनवी अंदाज़’ पाठ के आधार पर कारण सहित लिखिए।

[1.12] यशपाल : लखनवी अंदाज़
Chapter: [1.12] यशपाल : लखनवी अंदाज़
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‘लेखक की तुलना में नवाब साहब अधिक शिष्ट और सभ्य थे।’ ‘लखनवी अंदाज़’ पाठ के आधार पर सोदाहरण बताइए।

[1.12] यशपाल : लखनवी अंदाज़
Chapter: [1.12] यशपाल : लखनवी अंदाज़
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‘उत्साह’ कविता के काव्य-सौंदर्य पर प्रकाश डालिए।

[1.05] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : उत्साह और अट नहीं रही है
Chapter: [1.05] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : उत्साह और अट नहीं रही है
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‘निराला’ ने ‘उत्साह’ कविता के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन के क्या संदेश दिए हैं? तर्कसंगत उत्तर दीजिए।

[1.05] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : उत्साह और अट नहीं रही है
Chapter: [1.05] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : उत्साह और अट नहीं रही है
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‘कन्यादान’ कविता में शाब्दिक भ्रम किसे और क्यों कहा गया है?

[1.08] ऋतुराज : कन्यादान
Chapter: [1.08] ऋतुराज : कन्यादान
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वर्तमान में ‘कन्यादान’ जैसी परंपरा के औचित्य-अनौचित्य पर अपने तर्कसंगत विचार लिखिए।

[1.08] ऋतुराज : कन्यादान
Chapter: [1.08] ऋतुराज : कन्यादान
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‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर फ़ादर कामिल बुल्के का अपने शब्दों में रेखाचित्र प्रस्तुत कीजिए।

[1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
Chapter: [1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
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“फ़ादर कामिल बुल्के को ज़हरबाद से नहीं मरना चाहिए था”- लेखक ने ऐसा क्यों कहा?

‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

[1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
Chapter: [1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
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इच्छा होते हुए भी लेखक और नवाब साहब दोनों के खीरा न खाने का कारण ‘लखनवी अंदाज’ पाठ के आधार पर बताइए।

[1.12] यशपाल : लखनवी अंदाज़
Chapter: [1.12] यशपाल : लखनवी अंदाज़
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“फ़ादर कामिल बुल्के का सान्निध्य लेखक के लिए सुखद अनुभूति थी।” कथन का आशय ‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

[1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
Chapter: [1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
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‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ से क्या संदेश मिलता है? अपने शब्दों में समझाइए।

[1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
Chapter: [1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
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‘नवाबी नस्ल’ से आप क्या समझते हैं? ‘लखनवी अंदाज’ पाठ के संदर्भ में लिखिए।

[1.12] यशपाल : लखनवी अंदाज़
Chapter: [1.12] यशपाल : लखनवी अंदाज़
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लेखक को देखकर नवाब साहब असहज क्यों हो गए? ‘लखनवी अंदाज’ पाठ के आधार पर लिखिए।

[1.12] यशपाल : लखनवी अंदाज़
Chapter: [1.12] यशपाल : लखनवी अंदाज़
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‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर फ़ादर कामिल बुल्के के व्यक्तित्व के किन्हीं दो पहलुओं का उल्लेख कीजिए, जिनसे आप प्रभावित हैं। इस प्रभाव के उपयुक्त कारण भी स्पष्ट कीजिए।

[1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
Chapter: [1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
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