English

Science (English Medium) Class 12 - CBSE Important Questions for Hindi (Core)

Advertisements
[object Object]
[object Object]
Subjects
Popular subjects
Topics
Advertisements
Advertisements
Hindi (Core)
< prev  21 to 40 of 115  next > 

फ़िराक की गज़ल में अपना परदा खोलने से क्या आशय है?

Appears in 1 question paper
Chapter: [1.09] फ़िराक गोरखपुरी : रुबाइयाँ, गज़ल
Concept: गज़ल

‘रस का अक्षयपात्र’ से कवि ने रचनाकर्म की किन विशेषताओं की और इंगित किया है?

Appears in 1 question paper
Chapter: [1.1] उमाशंकर जोशी : छोटा मेरा खेत, बगुलों के पंख
Concept: छोटा मेरा खेत

निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के लगभग 60 शब्दों में उत्तर दीजिए :-

‘छोटा मेरा खेत’ कविता में अंधड़ और बीज से कवि का क्या तात्पर्य है?

Appears in 1 question paper
Chapter: [1.1] उमाशंकर जोशी : छोटा मेरा खेत, बगुलों के पंख
Concept: छोटा मेरा खेत

भक्तिन के आ जाने से महादेवी अधिक देहाती कैसे हो गईं?

Appears in 1 question paper
Chapter: [1.11] महादेवी वर्मा : भक्तिन
Concept: भक्तिन
बाज़ार किसी का लिंग, जाति, धर्म या क्षेत्र नहीं देखता; वह देखता है सिर्फ़ उसकी क्रय शक्ति को। इस रूप में वह एक प्रकार से सामाजिक समता की भी रचना कर रहा है। आप इससे कहाँ तक सहमत हैं?
Appears in 1 question paper
Chapter: [1.12] जैनेन्द्र कुमार : बाज़ार दर्शन
Concept: बाज़ार दर्शन

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:

         मैंने मन में कहा, ठीक। बाज़ार आमंत्रित करता है कि आओ मुझे लूटो और लूटो। सब भूल जाओ, मुझे देखो। मेरा रूप और किसके लिए है? मैं तुम्हारे लिए हूँ। नहीं कुछ चाहते हो, तो भी देखने में क्या हरज़ है। अजी आओ भी। इस आमंत्रण में यह खूबी है कि आग्रह नहीं है आग्रह तिरस्कार जगाता है। लेकिन ऊँचे बाज़ार का आमंत्रण मूक होता है और उससे चाह जगती है। चाह मतलब अभाव। चौक बाज़ार में खड़े होकर आदमी को लगने लगता है कि उसके अपने पास काफ़ी नहीं है और चाहिए, और चाहिए। मेरे यहाँ कितना परिमित है और यहाँ कितना अतुलित है ओह!

         कोई अपने को न जाने तो बाज़ार का यह चौक उसे कामना से विकल बना छोड़े। विकल क्यों, पागल। असंतोष, तृष्णा और ईर्ष्या से घायल कर मनुष्य को सदा के लिए यह बेकार बना डाल सकता है।

  1. गद्यांश में प्रयुक्त 'अतुलित' शब्द का समानार्थी शब्द हो सकता है?  1
    1. अरिहंत
    2. अथाह
    3. अभाव
    4. अक्षय
  2. गद्यांश का केंद्रीय भाव है?   1 
    1. बाज़ार के प्रकार बताना
    2. बाज़ार न जाने की सलाह
    3. मनुष्य की तृष्णा को इंगित करना
    4. मनुष्य पर बाज़ार के जादू का असर
  3. निम्नलिखित कथनों पर विचार करते हुए गद्यांश के अनुसार सही कथन को चयनित कर लिखिए।  1
    1. जब मनुष्य बैचैन हो जाता है तब वह बाज़ार की ओर उन्मुख हो जाता है।
    2. जब मनुष्य तुलना करने लगता है तब असंतोष, तृष्णा और ईर्ष्या के भाव मनुष्य में उभरते हैं।
    3. जब मनुष्य को बाज़ार आमंत्रित करता है तब मनुष्य की व्याकुलता इसका कारण होती है।
    4. जब मनुष्य बाज़ार का तिरस्कार करता है तब वह इसका सही लाभ ले पाता है।
  4. कॉलम 1 को कॉलम 2 से सुमेलित कीजिए और सही विकल्प चुनकर लिखिए।  1

    कॉलम 1 कॉलम 2
    1 आग्रह का तिरस्कार जागता (i) मौन रहकर कार्य करना
    2 बड़े बाज़ार का जादू (ii) अपनी तृष्णा को रोकना
    3 बाज़ार के जादू से बचने का उपाय (iii) इच्छा पूर्ण ना होना
    1. 1-(iii), 2-(i), 3-(ii)
    2. 1-(i), 2-(iii), 3-(ii)
    3. 1-(i), 2-(ii), 3-(iii)
    4. 1-(ii), 2-(i), 3-(iii)
  5. बाज़ार का आमंत्रण कि, 'आओ मुझे लूटो' से क्या आशय है?  1

    1. बाज़ार लुट जाना चाहता है।
    2. बाज़ार के पास वस्तुएँ बहुत ज्यादा हैं।
    3. बाज़ार केवल खुद का रूप दिखाना चाहता है।
    4. बाज़ार आकर्षित करना चाह रहा है।
Appears in 1 question paper
Chapter: [1.12] जैनेन्द्र कुमार : बाज़ार दर्शन
Concept: बाज़ार दर्शन

निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए :-

जिन्हें अपनी ज़रूरत का पता नहीं होता, वे लोग बाज़ार का बाज़ारूपन कैसे बढ़ाते हैं?

Appears in 1 question paper
Chapter: [1.12] जैनेन्द्र कुमार : बाज़ार दर्शन
Concept: बाज़ार दर्शन
लोगों ने लड़कों की टोली को मेंढक-मंडली नाम किस आधार पर दिया? यह टोली अपने आप को इंद्रसेना कहकर क्यों बुलाती थी?
Appears in 1 question paper
Chapter: [1.13] धर्मवीर भारती : काले मेघा पानी दे
Concept: काले मेघा पानी दे

जीजी ने इंदर सेना पर पानी फेंके जाने को किस तरह सही ठहराया?

Appears in 1 question paper
Chapter: [1.13] धर्मवीर भारती : काले मेघा पानी दे
Concept: काले मेघा पानी दे

निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के लगभग 60 शब्दों में उत्तर दीजिए :-

'काले मेघा पानी दे' पाठ के आधार पर पानी और बारिश के अभाव में गाँव की दशा का अपने शब्दों में वर्णन कीजिए।

Appears in 1 question paper
Chapter: [1.13] धर्मवीर भारती : काले मेघा पानी दे
Concept: काले मेघा पानी दे

कहानी के किस-किस मोड़ पर लुट्टन के जीवन में क्या-क्या परिवर्तन आए?

Appears in 1 question paper
Chapter: [1.14] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Concept: पहलवान की ढोलक

ढोलक की आवाज़ का पूरे गाँव पर क्या असर होता था?

Appears in 1 question paper
Chapter: [1.14] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Concept: पहलवान की ढोलक

‘ढोल में तो जैसे पहलवान की जान बसी थी।’ ‘पहलवान की ढोलक पाठ के आधार पर तर्क सहित पंक्ति को सिद्ध कीजिए।

Appears in 1 question paper
Chapter: [1.14] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Concept: पहलवान की ढोलक

निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए :-

कहानी 'पहलवान की ढोलक' व्यवस्था के बदलने के साथ लोक कला और इसके कलाकार के अप्रासंगिक हो जाने की कहानी है। पंक्ति को विस्तार दीजिए।

Appears in 1 question paper
Chapter: [1.14] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Concept: पहलवान की ढोलक

नमक कहानी में नमक की पुड़िया इतनी महत्त्वपूर्ण क्यों हो गई थी? कस्टम अधिकारी उसे लौटाते हुए भावुक क्यों हो उठा था?

Appears in 1 question paper
Chapter: [1.16] रज़िया सज्जाद ज़हीर : नमक
Concept: नमक

लेखक ने शिरीष को कालजयी अवधूत (संन्यासी) की तरह क्यों माना है?

Appears in 1 question paper
Chapter: [1.17] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: शिरीष के फूल

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प को चुनिए।

कालिदास सौंदर्य के बाह्य आवरण को भेदकर उसके भीतर तक पहुँच सकते थे, दुख हो कि सुख, वे अपना भाव-रस उस अनासक्त कृपीवल की भाँति खींच लेते थे जो निर्दलित ईक्षुदंड से रस निकाल लेता है। कालिदास महान थे, क्योंकि वे अनासक्त रह सके थे। कुछ इसी श्रेणी की अनासक्ति आधुनिक हिंदी कवि सुमित्रानंदन पंत में है। कविवर रवींद्रनाथ में यह अनासक्ति थी। एक जगह उन्होंने लिखा- ‘राजोद्यान का सिंहद्वार कितना ही अभ्रभेदी क्यों न हो, उसकी शिल्पकला कितनी ही सुंदर क्यों न हो, वह यह नहीं कहता कि हममें आकर ही सारा रास्ता समाप्त हो गया। असल गंतव्य स्थान उसे अतिक्रम करने के बाद ही है, यही बताना उसका कर्तव्य है।’ फूल हो या पेड़, वह अपने-आप में समाप्त नहीं है। वह किसी अन्य वस्तु को दिखाने के लिए उठी हुई अँगुली है। वह इशारा है।

(i) कालिदास की सौंदर्य-दृष्टि कैसी थी? (1)

(क) स्थूल और बाहरी
(ख) सूक्ष्म और संपूर्ण
(ग) आसक्ति और आडंबरों
(घ) अतिक्रम और अभ्रभेदी

(ii) कौन-से गुण के कारण कालिदास, सुमित्रानंदन पंत और रवींद्रनाथ टैगोर कविताओं के साथ न्याय कर पाए? (1)

(क) गंतव्यता
(ख) निर्दलीयता
(ग) कृषिवलता
(घ) तटस्थता

(iii) फूलों और पेड़ों से हमें जीवन की ______ की प्रेरणा मिलती है। (1)

(क) निरंतरता
(ख) भावपूर्णता
(ग) समापनता
(घ) अतिक्रमणता

(iv) निम्नलिखित कथन कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए। (1)

कथन (A): पुष्प या पेड़ अपने सौंदर्य से यह बताते हैं कि यह सौंदर्य अंतिम नहीं है।

कारण (R): भारतीय शिल्पकला विशेष रूप से प्रसिद्ध है। विभिन्न कवियों ने इस बात की पुष्टि की है।

(क) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
(ख) कथन (A) गलत है लेकिन कारण (R) सही है।
(ग) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों गलत हैं।
(घ) कथन (A) सही है लेकिन कारण (R) उसकी गलत व्याख्या करता है।

(v) गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। (1)

(I) कला की कोई सीमा नहीं होती।

(II) शिरीष के वृक्ष को कालजयी अवधूत के समान कहा गया है।

(III) कालिदास की समानता आधुनिक काल के कवियों के साथ दिखाई गई है।

उपरिलिखित कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?

(क) केवल I
(ख) केवल II
(ग) I और II
(घ) I और III

Appears in 1 question paper
Chapter: [1.17] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: शिरीष के फूल

निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के लगभग 60 शब्दों में उत्तर दीजिए :-

शिरीष के फूल निबंध में अवधूत रूप के रूप में लेखक ने किस महात्मा को याद किया है और क्यों?

Appears in 1 question paper
Chapter: [1.17] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: शिरीष के फूल

जाति-प्रथा भारतीय समाज में बेरोजगारी व भुखमरी का भी एक कारण कैसे बनती जा रही है? क्या यह स्थिति आज भी है?

Appears in 1 question paper
Chapter: [1.18] बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर : श्रम विभाजन और जाति-प्रथा, मेरी कल्पना का आदर्श समाज
Concept: श्रम विभाजन और जाति-प्रथा

जाति प्रथा को श्रम विभाजन का ही एक अंग न मानने के पीछे डॉ. आंबेडकर के क्या तर्क थे?

Appears in 1 question paper
Chapter: [1.18] बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर : श्रम विभाजन और जाति-प्रथा, मेरी कल्पना का आदर्श समाज
Concept: श्रम विभाजन और जाति-प्रथा
< prev  21 to 40 of 115  next > 
Advertisements
Advertisements
CBSE Science (English Medium) Class 12 Important Questions
Important Questions for CBSE Science (English Medium) Class 12 Biology
Important Questions for CBSE Science (English Medium) Class 12 Chemistry
Important Questions for CBSE Science (English Medium) Class 12 Computer Science (C++)
Important Questions for CBSE Science (English Medium) Class 12 Computer Science (Python)
Important Questions for CBSE Science (English Medium) Class 12 English Core
Important Questions for CBSE Science (English Medium) Class 12 English Elective - NCERT
Important Questions for CBSE Science (English Medium) Class 12 Entrepreneurship
Important Questions for CBSE Science (English Medium) Class 12 Geography
Important Questions for CBSE Science (English Medium) Class 12 Hindi (Core)
Important Questions for CBSE Science (English Medium) Class 12 Hindi (Elective)
Important Questions for CBSE Science (English Medium) Class 12 History
Important Questions for CBSE Science (English Medium) Class 12 Informatics Practices
Important Questions for CBSE Science (English Medium) Class 12 Mathematics
Important Questions for CBSE Science (English Medium) Class 12 Physical Education
Important Questions for CBSE Science (English Medium) Class 12 Physics
Important Questions for CBSE Science (English Medium) Class 12 Political Science
Important Questions for CBSE Science (English Medium) Class 12 Psychology
Important Questions for CBSE Science (English Medium) Class 12 Sanskrit (Core)
Important Questions for CBSE Science (English Medium) Class 12 Sociology
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×