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शेर के मुँह में जानवरों का घुसना विसंगति को प्रतिपादित करता है। स्पष्ट कीजिए।
Concept: शेर
'शेर' कहानी में उद्धृत व्यंग्य को स्पष्ट करते हुए लेखक के उद्देश्य का वर्णन कीजिए।
Concept: शेर
निम्नलिखित पंक्ति का भाव-सौंदर्य लिखिए:
कभी-कभी किसी इलाके की संपदा ही उसका अभिशाप बन जाती है।
Concept: जहाँ कोई वापसी नहीं
‘जहाँ कोई वापसी नहीं’ पाठ के लिए कोई दूसरा शीर्षक लिखें तथा इसे चुनने के लिए अपने तर्क दें।
Concept: जहाँ कोई वापसी नहीं
औद्योगीकरण ने पर्यावरण को कैसे प्रभावित किया है? "जहाँ कोई वापसी नहीं" पाठ के आधार पर बताइए।
Concept: जहाँ कोई वापसी नहीं
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर सप्रसंग व्याख्या कीजिए।
| विकास का यह ‘उजला’ पहलू अपने पीछे कितने व्यापक पैमाने पर विनाश का अंधेरा लेकर आया था, हम उसका छोटा-सा जायज़ा लेने दिल्ली में स्थित ‘लोकायन’ संस्था की ओर से सिंगरौली गए थे। सिंगरौली जाने से पहले मेरे मन में इस तरह का कोई सुखद भ्रम नहीं था कि औद्योगीकरण का चक्का, जो स्वतंत्रता के बाद चलाया गया, उसे रोका जा सकता है। शायद पैंतीस वर्ष पहले हम कोई दूसरा विकल्प चुन सकते थे, जिसमें मानव सुख की कसौटी भौतिक लिप्सा न होकर जीवन की जरूरतों द्वारा निर्धारित होती। पश्चिम जिस विकल्प को खो चुका था भारत में उसकी संभावनाएँ खुली थीं, क्योंकि अपनी समस्त कोशिशों के बावजूद अंग्रेजी राज हिंदुस्तान को संपूर्ण रूप से अपनी ‘सांस्कृतिक कॉलोनी’ बनाने में असफल रहा था। |
Concept: जहाँ कोई वापसी नहीं
निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए -
| मेरे लिए एक दूसरी दृष्टि से भी यह अनूठा अनुभव था। लोग अपने गाँवों से विस्थापित होकर कैसी अनाथ, उन्मूलित ज़िंदगी बिताते हैं, यह मैंने हिंदुस्तानी शहरों के बीच बसी मज़दूरों की गंदी, दम घुटती, भयावह बस्तियों और स्लम्स में कई बार देखा था, किंतु विस्थापन से पूर्व वे कैसे परिवेश में रहते होंगे, किस तरह की ज़िंदगी बिताते होंगे, इसका दृश्य अपने स्वच्छ, पवित्र खुलेपन में पहली बार अमझर गाँव में देखने को मिला। |
Concept: जहाँ कोई वापसी नहीं
पारो और संभव में से आप किसके प्रति अधिक सहानुभूति रखते हैं और क्यों? ‘दूसरा देवदास’ पाठ के आधार पर उस पात्र की मन:स्थिति का वर्णन कीजिए।
Concept: दूसरा देवदास
"व्यापार यहाँ भी था।" - 'दूसरा देवदास' पाठ के आधार पर इस कथन का आशय स्पष्ट कीजिए।
Concept: दूसरा देवदास
‘भीड़ लड़के ने दिल्ली में भी देखी थी, बल्कि रोज़ देखता था। लेकिन इस भीड़ का अंदाज निराला था।’ पंक्ति के माध्यम से भीड़ की तुलनात्मक विवेचना कीजिए।
Concept: दूसरा देवदास
लेखक बिसनाथ ने किन आधारों पर अपनी माँ की तुलना बत्तख से की है?
Concept: बिस्कोहर की माटी
लेखक बिसनाथ ने किन आधारों पर अपनी माँ की तलुना बत्तख से की है?
Concept: बिस्कोहर की माटी
| शरद में ही हरसिंगार फूलता है। पितर-पक्ख (पितृपक्ष) में मालिन दाई घर के दरवाजे पर हरसिंगार की राशि रख जाती थीं, तो खड़ी बोली हुई। गाँव की बोली में 'कुरइ जात रहीं।' बहुत ढेर सारे फूल मानो इकट्ठे ही अनायास उनसे गिर पड़ते थे। 'कुरइ देना' है तो सकर्मक लेकिन सहजता अकर्मक की है। |
उपर्युक्त पंक्तियाँ किसकी आत्मकथा का वर्णन कर रही हैं और इस कथा के केंद्र में क्या है?
Concept: बिस्कोहर की माटी
बिस्कोहर की माटी पाठ के अनुसार निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए -
- पाठ में मनुष्य के संबंधों की मार्मिक पड़ताल निहित है।
- जीवन की स्थितियाँ ऋतुओं के साथ बदलती हैं।
- प्रकृति के प्रकोप को ग्रामीण जीवन झेलता है।
- ग्रामीण जीवन में प्रकृति के प्रति अलगाव है।
इन कथनों में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं -
Concept: बिस्कोहर की माटी
निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए -
- भरभंडा : फूल
- डोंडहा : साँप
- कोइयाँ : जलपुष्प
- धामिन : अनाज
इन युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं -
Concept: बिस्कोहर की माटी
‘कोई भी तालाब अकेला नहीं है।’ यह कथन दर्शाता है -
Concept: बिस्कोहर की माटी
कथन (A) - नारी प्रकृति का सजीव रूप है।
कारण (R) - नारी शरीर से उन्हें बिस्कोहर की फसलों, वनस्पतियों की उत्कट गंध आती है।
Concept: बिस्कोहर की माटी
निम्नलिखित शब्द-युग्मों को सुमेलित कीजिए -
| भाग-1 | भाग-2 | ||
| (1) | भरभंडा | (क) | खेतों में पानी देने के लिए छोटी-छोटी नालियाँ बनाई जाती है |
| (2) | कोइयां | (ख) | एक प्रकार का फल |
| (3) | बरहा | (ग) | कमल का फूल |
| (4) | पुरइ | (घ) | कोका-बेली |
Concept: बिस्कोहर की माटी
ड्राई एंकर वह होता है जो ______
Concept: विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन
एंकर बाइट कौन देता है?
Concept: विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन
