Advertisements
Advertisements
Question
योग्यं पर्यायं चिनुत ।
त्वं धनुः ______।
Options
त्यज
त्यजतु
Advertisements
Solution
त्वं धनुः त्यज।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत।
उपकारकम् × ______
मञ्जूषातः नामानि सर्वनामानि च पृथक्क्रुत।
| नाम | सर्वनाम |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - त्वम्, मनसा, बाल्ये, कस्मै, गृहम्)
मञ्जृषातः क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथक्कुरुत।
| क्रियापदम् | धातुसाधित -विशेषणम् |
| ______ | ______ |
(मञ्जृषा- खादन्ति, पूजितः, मतुक्तः, लभते, भेतव्यम्)
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् विरुद्धार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
पादः - ______
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
त्वं पादान्स्तब्धीकृत्य तिष्ठ । (‘त्वं’ स्थाने ‘भवान्’ योजयत ।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
भवानपि अपरिचितः एव आसीत्। (‘भवान्’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत।)
सन्धिविग्रहं कुरुत ।
आत्मनो मुखदोषेण
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| क्षेत्रपति: | ______ | ______ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
शिशिर-ऋतौ पद्यं व्यकसत्। (बहुवचने लिखत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
सुदासः सुगतचरणाभ्यां कमलं समर्पितवान्। (वाच्यपरिवर्तनं कुरुत।)
नामतालिकां पूरयत ।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | ______ | बलवत : | द्वितीया |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| सूक्ष्मकणाः | ______ | ______ |
नामतालिकां पूरयत
| ए. व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
| रज्जवे | .... | .... | चतुर्थी |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
महिला मयि पाषाणखण्डान् अक्षिपत् ।
धातु-तालिकां पूरयत
| लकारा : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| लृट् | गमिष्यसि | ______ | ______ | मध्यमः |
सर्वनाम तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| अस्य | ______ | ______ | षष्ठी |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत
माता आर्याम्बा पुत्रस्य विवाहविषये सदैव चिन्तयति स्म।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत
आचार्यः स्तोत्रं रचितवान् ।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत
मात्रे प्रतिश्रुत्य सः गृहाद् निरगच्छत् ।
(पूर्वकालकवाचकं निष्कासयत ।)
समासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| आयतलोचना | ______ | ______ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
यो जानाति स पण्डितः । (बहुवचने परिवर्तयत।)
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
प्रसादेन संस्कृतस्य अध्ययनं शालायां कृतम् ।
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
| रभ् (१ आ.प.) | रब्धः | ______ | ______ | रभमाण : |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
| मुच्-मुञ्च् (६ उ.प.) | ______ | ______ | मोचनीय: | मुञ्चन् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
| प्र + विश् (६ उ.प.) | प्रविष्ट: | ______ | ______ | प्रविशन् |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
अल्पानामपि - ______
उचितं पर्यायं चित्वा वाक्यं पुनर्लिखत ।
______ समीपे सुभाषितसङ्यरहं दृष्टा मया चिन्तितम् । (भवत्यै/भवत्याः)
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| रामाभिषेकः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| पन्नगभूषण: | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| समीपस्थः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| सावधानमनः | ______ | ______ |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
| आसीत् | ______ | ______ | प्रथमः | लङ् |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
| अकुरुथाः | अकुर्वाथाम् | ______ | मध्यमः | लङ् |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत ।
सप्तनवतिः
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत ।
षण्णवतिः - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
४२ - ______
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| मानवताधर्मः | ______ | ______ |
सङ्ख्या अक्षरै: लिखत।
१८
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
कुसुमम् = ______।
