Advertisements
Advertisements
Question
यात्रा में तुम खुद को सुरक्षित कैसे रखते हो?
Advertisements
Solution
- एक उचित अनुसंधान का संचालन करें
- महत्वपूर्ण दस्तावेजों की प्रतियां अपने पास रखें
- अपने परिवेश से सावधान रहें
- अपने प्रियजनों को सूचित रखें
- प्रतिष्ठित परिवहन सेवाओं का लाभ उठाएं
- क्रॉस-बॉडी बैग्स का इस्तेमाल करें
- अजनबियों पर भरोसा न करें
- यात्रा ताले अपने पास रखें
- आपातकालीन नंबर सहेजें
- वित्त को स्मार्ट तरीके से प्रबंधित करें
- सोलो ट्रेवल्स से बचें
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
क्या तुम रेलगाड़ी में बैठे हो? कब-कब?
|
रेलगाड़ी आओ बच्चों खेल दिखाएँ, छुक-छुक करती रेल चलाएँ। सीटी देकर सीट पर बैठो, एक-दूजे की पीठ पर बैठो। आगे-पीछे, पीछे-आगे, लाइन से लेकिन कोई न भागे। सारे सीधी लाइन में चलना, दोनों आँखों मीचे रखना। बंद आँखों से देखा जाए, आँख खुले तो कुछ न पाए।
तड़क-भड़क, लोहे की सड़क, यहाँ से वहाँ, वहाँ से यहाँ। छुक-छुक, छुक-छुक, लाइट्स आती, पर कर जाती। बालू रेत, आलू का खेत, बाजरा धान, बुड्ढा किसान। हरा मैदान, मंदिर मकान, चाय की दुकान.....
पुल पगडंडी, टीले पे झंडी, पानी का कुंड, पंछी का झुंडा। झोपड़ी-झाड़ी, खेती-बड़ी, बादल धुआँ, मोठ कुआँ। कुएँ के पीछे, बैग बगीचे, धोबी का घाट, मंगल की हाट। गाँव में मेला, भीड़ झमेला, टूटी दीवार, टट्टु सवार...
|
तो कैसी लगी यह कविता!
क्या रेलगाड़ी कहि भी चल सकती है? क्यों?
इस कविता में 'लोहे की सड़क' किसके कहा गया है?
|
रेलगाड़ी आओ बच्चों खेल दिखाएँ, छुक-छुक करती रेल चलाएँ। सीटी देकर सीट पर बैठो, एक-दूजे की पीठ पर बैठो। आगे-पीछे, पीछे-आगे, लाइन से लेकिन कोई न भागे। सारे सीधी लाइन में चलना, दोनों आँखों मीचे रखना। बंद आँखों से देखा जाए, आँख खुले तो कुछ न पाए।
तड़क-भड़क, लोहे की सड़क, यहाँ से वहाँ, वहाँ से यहाँ। छुक-छुक, छुक-छुक, लाइट्स आती, पर कर जाती। बालू रेत, आलू का खेत, बाजरा धान, बुड्ढा किसान। हरा मैदान, मंदिर मकान, चाय की दुकान.....
पुल पगडंडी, टीले पे झंडी, पानी का कुंड, पंछी का झुंडा। झोपड़ी-झाड़ी, खेती-बड़ी, बादल धुआँ, मोठ कुआँ। कुएँ के पीछे, बैग बगीचे, धोबी का घाट, मंगल की हाट। गाँव में मेला, भीड़ झमेला, टूटी दीवार, टट्टु सवार...
|
कविता में रेलगाड़ी कहाँ-कहाँ से होकर गई है? सूचि बनाओ।
|
रेलगाड़ी आओ बच्चों खेल दिखाएँ, छुक-छुक करती रेल चलाएँ। सीटी देकर सीट पर बैठो, एक-दूजे की पीठ पर बैठो। आगे-पीछे, पीछे-आगे, लाइन से लेकिन कोई न भागे। सारे सीधी लाइन में चलना, दोनों आँखों मीचे रखना। बंद आँखों से देखा जाए, आँख खुले तो कुछ न पाए।
तड़क-भड़क, लोहे की सड़क, यहाँ से वहाँ, वहाँ से यहाँ। छुक-छुक, छुक-छुक, लाइट्स आती, पर कर जाती। बालू रेत, आलू का खेत, बाजरा धान, बुड्ढा किसान। हरा मैदान, मंदिर मकान, चाय की दुकान.....
पुल पगडंडी, टीले पे झंडी, पानी का कुंड, पंछी का झुंडा। झोपड़ी-झाड़ी, खेती-बड़ी, बादल धुआँ, मोठ कुआँ। कुएँ के पीछे, बैग बगीचे, धोबी का घाट, मंगल की हाट। गाँव में मेला, भीड़ झमेला, टूटी दीवार, टट्टु सवार...
|
तुम किस-किस वाहन पर बैठे हो? उनके नाम अपनी कॉपी में लिखो।
बच्चों ने किन-किन वाहनों के नाम लिए?

क्या तुम अनुमान लगा सकते हो कि बिस साल बाद लोग आने-जाने के लिए किस- किस तरह के वाहन का प्रयोग करेंगे? अपने घर के लोगों और दोस्तों से पूछ कर दी गई तालिका भरो।
| किससे पूछा | क्या कहा |
| स्वयं से (मैं) | |
| दोस्त | |
| चाचा | |
| शिक्षिका | |
- चित्र में तम्हें क्या-क्या दिखाई दे रहा है?
- तुम्हें कौनकौन से वाहन दिखाई दे रहे हैं?
- एम्बुलेंस, पुलिस वेन, दमकल ट्र्क ये वाहन क्या-क्या काम कर रहे हैं?

ऊपर के खानों को देखकर नीचे उन्हें क्रम से बनाओ और रंग भरो। देखो क्या बनता है ! उसका नाम भी लिखो।




