मराठी

यात्रा में तुम खुद को सुरक्षित कैसे रखते हो? - Environmental Studies (पर्यावरण अध्ययन)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

यात्रा में तुम खुद को सुरक्षित कैसे रखते हो?

टीपा लिहा
Advertisements

उत्तर

  • एक उचित अनुसंधान का संचालन करें
  • महत्वपूर्ण दस्तावेजों की प्रतियां अपने पास रखें
  • अपने परिवेश से सावधान रहें
  • अपने प्रियजनों को सूचित रखें
  • प्रतिष्ठित परिवहन सेवाओं का लाभ उठाएं
  • क्रॉस-बॉडी बैग्स का इस्तेमाल करें
  • अजनबियों पर भरोसा न करें
  • यात्रा ताले अपने पास रखें
  • आपातकालीन नंबर सहेजें
  • वित्त को स्मार्ट तरीके से प्रबंधित करें
  • सोलो ट्रेवल्स से बचें
shaalaa.com
यहाँ से वहाँ
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 11: यहाँ से वहाँ - यहाँ से वहाँ [पृष्ठ ७२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 3
पाठ 11 यहाँ से वहाँ
यहाँ से वहाँ | Q 9. | पृष्ठ ७२

संबंधित प्रश्‍न

क्या तुम रेलगाड़ी में बैठे हो? कब-कब?


रेलगाड़ी

आओ बच्चों खेल दिखाएँ,

छुक-छुक करती रेल चलाएँ।

सीटी देकर सीट पर बैठो,

एक-दूजे की पीठ पर बैठो।

आगे-पीछे, पीछे-आगे,

लाइन से लेकिन कोई न भागे।

सारे सीधी लाइन में चलना,

दोनों आँखों मीचे रखना।

बंद आँखों से देखा जाए,

आँख खुले तो कुछ न पाए।

तड़क-भड़क, लोहे की सड़क,

यहाँ से वहाँ, वहाँ से यहाँ।

छुक-छुक, छुक-छुक,

लाइट्स आती, पर कर जाती।

बालू रेत, आलू का खेत,

बाजरा धान, बुड्ढा किसान।

हरा मैदान, मंदिर मकान,

चाय की दुकान.....

पुल पगडंडी, टीले पे झंडी,

पानी का कुंड, पंछी का झुंडा।

झोपड़ी-झाड़ी, खेती-बड़ी,

बादल धुआँ, मोठ कुआँ।

कुएँ के पीछे, बैग बगीचे,

धोबी का घाट, मंगल की हाट।

गाँव में मेला, भीड़ झमेला,

टूटी दीवार, टट्टु सवार...

तो कैसी लगी यह कविता!


क्या रेलगाड़ी कहि भी चल सकती है? क्यों?


इस कविता में 'लोहे की सड़क' किसके कहा गया है?

रेलगाड़ी

आओ बच्चों खेल दिखाएँ,

छुक-छुक करती रेल चलाएँ।

सीटी देकर सीट पर बैठो,

एक-दूजे की पीठ पर बैठो।

आगे-पीछे, पीछे-आगे,

लाइन से लेकिन कोई न भागे।

सारे सीधी लाइन में चलना,

दोनों आँखों मीचे रखना।

बंद आँखों से देखा जाए,

आँख खुले तो कुछ न पाए।

तड़क-भड़क, लोहे की सड़क,

यहाँ से वहाँ, वहाँ से यहाँ।

छुक-छुक, छुक-छुक,

लाइट्स आती, पर कर जाती।

बालू रेत, आलू का खेत,

बाजरा धान, बुड्ढा किसान।

हरा मैदान, मंदिर मकान,

चाय की दुकान.....

पुल पगडंडी, टीले पे झंडी,

पानी का कुंड, पंछी का झुंडा।

झोपड़ी-झाड़ी, खेती-बड़ी,

बादल धुआँ, मोठ कुआँ।

कुएँ के पीछे, बैग बगीचे,

धोबी का घाट, मंगल की हाट।

गाँव में मेला, भीड़ झमेला,

टूटी दीवार, टट्टु सवार...


तुम किस-किस वाहन पर बैठे हो? उनके नाम अपनी कॉपी में लिखो।


कुछ वाहनों के चित्र बने हैं। चित्र के सामने उनके नाम तथा वे किस काम आते हैं लिखो। खाली जगह में अन्य वाहनों के चित्र बनो। उनके नाम और काम भी लिखो। क्या ये सभी वाहन केवल हमारे आने-जाने के काम आते हैं?

वाहन  काम
 
 
 
 
 
 
   
   

नीचे दिए चित्र में कुछ वाहनों के नाम लिखे हैं। तुम्हें हर वाहन को एक तरफ़ उसके पहिए की संख्या से जोड़ना है। दूसरी तरफ़ उसी वाहन को वह जिससे चलता है, उससे जोड़ना है।


बड़ो से पूछ कर पता लगाओ - आज से पचास साल पहले लोग कैसे आते-जाते थे? क्या तब भी यही सब साधन थे?


यह तो थी एक-एक वाहन की आवाज़। जब सड़क पर एक साथ कई वाहन आवाज़ें करते हुए चलते हैं, तो कैसा लगता है? मचता है न कितना शोर!


क्या तुम्हें इतना शोर अच्छा लगता है? क्यों?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×