Advertisements
Advertisements
Question
व्यवस्थात्मकतः निम्नलिखित में संगत समविभव पृष्ठ का वर्णन कीजिए :
- z-दिशा में अचर विद्युत-क्षेत्र
- एक क्षेत्र जो एकसमान रूप से बढ़ता है, परन्तु एक ही दिशा (मान लीजिए z-दिशा) में रहता है।
- मूल बिन्दु पर कोई एकल धनावेश, और
- एक समतल में समान दूरी पर समान्तर लम्बे आवेशित तारों से बने एकसमान जाल।
Answer in Brief
Advertisements
Solution
- x-y समतल के समान्तर समतल।
- समविभव पृष्ठ x-y समतल के समान्तर होंगे, परन्तु बढ़ते क्षेत्र के साथ, भिन्न-भिन्न नियत विभव वाले समतल एक-दूसरे के समीप होते जाएँगे।
- संकेन्द्रीय गोले जिनके केन्द्र मूल बिन्दु पर हैं।
- ग्रिड के समीप, समविभव पृष्ठों की आकृति समय के साथ बदलेगी परन्तु ग्रिड से दूर जाने पर समविभव पृष्ठ ग्रिड (जाल) के अधिकाधिक समान्तर होते जाएँगे।
shaalaa.com
समविभव पृष्ठ
Is there an error in this question or solution?
RELATED QUESTIONS
10 cm भुजा वाले एक सम-षट्भुज के प्रत्येक शीर्ष पर 5 µC का आवेश है। षट्भुज के केंद्र पर विभव परिकलित कीजिए।
6 cm की दूरी पर अवस्थित दो बिंदुओं A एवं B पर दो आवेश 2 µC तथा -2 µC रखे है।
- निकाय के सम विभव पृष्ठ की पहचान कीजिए।
- इस पृष्ठ के प्रत्येक बिंदु पर विद्युत-क्षेत्र की दिशा क्या है?
