English

वर्तमान में ‘कन्यादान’ जैसी परंपरा के औचित्य-अनौचित्य पर अपने तर्कसंगत विचार लिखिए।

Advertisements
Advertisements

Question

वर्तमान में ‘कन्यादान’ जैसी परंपरा के औचित्य-अनौचित्य पर अपने तर्कसंगत विचार लिखिए।

Short/Brief Note
Advertisements

Solution

शास्त्रों में बताया गया है कि जब कन्या के पिता शास्त्राविधि विधान के अनुसार कन्यादान की रस्म निभाते हैं तो कन्या के माता-पिता तथा परिवार को भी सौभाग्य की प्राप्ति होती है। कन्यादान से मरणोपरांत मोक्ष की प्राप्ति भी होती है। दक्ष प्रजापति ने अपनी कन्याओं के विवाह करने के बाद कन्यादान किया था। हमारी दृष्टि से कन्या के साथ दान की बात करना सर्वथा अनुचित है। कन्या कोई वस्तु नहीं जिसका दान किया जा सके। उसका अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। यह तो पुरुष प्रधान समाज की नासमझी का परिचायक है कि जिन बेटियों को हम देवी मानते हैं; उन्हीं को दान करने की बात कहते हैं।

shaalaa.com
कन्यादान
  Is there an error in this question or solution?
2021-2022 (March) Delhi Set 1

RELATED QUESTIONS

'आग रोटियाँ सेंकने के लिए है।

जलने के लिए नहीं'

(क) इन पंक्तियों में समाज में स्त्री की किस स्थिति की ओर संकेत किया गया है?

(ख) माँ ने बेटी को सचेत करना क्यों ज़रूरी समझा?


'पाठिका थी वह धुँधले प्रकाश की

कुछ तुकों और कुछ लयबद्ध पंक्तियों की'

इन पंक्तियों को पढ़कर लड़की की जो छवि आपके सामने उभरकर आ रही है उसे शब्दबद्ध कीजिए।


माँ को अपनी बेटी 'अंतिम पूँजी' क्यों लग रही थी?


माँ ने बेटी को क्या-क्या सीख दी?


वैवाहिक संस्कार में कन्यादान खुशी का अवसर माना जाता है, पर यहाँ माँ दुखी क्यों थी?


कुछ तुकों और लयबद्ध पंक्तियों के आधार पर कन्या की मनोदशा स्पष्ट कीजिए।


‘कन्यादान’ कविता में ऐसा क्यों कहा गया है कि लड़की को दुख बाँचना नहीं आता?


‘आग रोटियाँ सेंकने के लिए है जलने के लिए नहीं’ कहकर कवयित्री ने समाज पर क्या व्यंग्य किया है?


‘कन्यादान’ कविता में नारी सुलभ किन कमजोरियों की ओर संकेत किया गया है?


‘कन्यादान’ कविता में माँ द्वारा जो सीख दी गई हैं, वे वर्तमान परिस्थितियों में कितनी प्रासंगिक हैं, स्पष्ट कीजिए।


‘कन्यादान’ कविता का प्रतिपाद्य लिखिए।


इस सत्र में पढ़ी गई किस कविता में कोरी भावुकता न होकर जीवन में संचित किए अनुभवों की अनिवार्य सीख है? कविता के नाम के साथ कथन की पुष्टि के लिए उपयुक्त तर्क भी प्रस्तुत कीजिए।


इस सत्र में पढ़ी गई किस कविता की अंतिम पंक्तियाँ आपको प्रभावित करती हैं और क्यों? तर्क सहित स्पष्ट कीजिए।


‘कन्यादान’ कविता में शाब्दिक भ्रम किसे और क्यों कहा गया है?


‘कन्यादान’ कविता में माँ की परंपरागत छवि से हटकर नए दृष्टिकोण से विचार किया गया है। उसमें नया क्या है? आप उन विचारों से कहाँ तक सहमत हैं और क्यों?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×