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Question
विश्लेषण द्वारा ज्ञात हुआ कि निकिल ऑक्साइड का सूत्र Ni0.98 O1.00 है। निकिल आयनों का कितना अंश Ni2+ और Ni3+ के रूप में विद्यमान है?
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Solution
Ni0.98 O1.00 नॉन- स्टॉइकियोमीटी यौगिक है। Ni आयन तथा ऑक्साइड आयनों का संघटन 98 : 100 है। माना Ni में x Ni2+ आयन तथा (98 – x) Ni3+ आयन हैं।
Ni2+ तथा Ni3+ पर उपस्थित धनावेश ऑक्साइड आयनों पर उपस्थित ऋणावेश के बराबर होगा, अतः
x × 2 + (98 – x )3 = 100 x 2
2 + 294 – 3x = 100 × 2
∴ x = 94
अत: 98 Ni आयनों में 94 Ni2+ आयन तथा 4 Ni3+ आयन होंगे।
∴ Ni2+ आयनों का प्रतिशत = `94/98 xx 100` = 96%
Ni3+ आयनों का प्रतिशत = 4%
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एक यौगिक दो तत्त्वों M तथा N से बना है। तत्त्व N, ccp संरचना बनाता है और M के परमाणु चतुष्फलकीय रिक्तियों के 1/3 भाग को अध्यासित करते हैं। यौगिक का सूत्र क्या है।
निम्नलिखित युग्मों के पदों (शब्दों) में कैसे विभेद करोगे?
षट्कोणीय निविड संकुलन एवं घनीय निविड संकुलन
निम्नलिखित जालक में से एकक कोष्ठिका में कितने जालक बिन्दु होते हैं?
फलक-केन्द्रित चतुष्कोणीय
निम्नलिखित को उचित उदाहरण से समझाइए –
12 – 16 और 13 -15 वर्गों के यौगिक
घनीय निविड संकुलन की एकक कोष्ठिका ________।
त्रिविमीय षट्कोणीय निविड संकुलित संरचना में बनाने वाली रिक्तिकाओं के बारे में कौन-से कथन सही नहीं हैं।
- जब प्रथम परत की त्रिकोणीय रिक्ति के ऊपर द्वितीय परत के गोले उपस्थित होते हैं तो चतुष्फलकीय रिक्ति बनती है।
-
सभी त्रिकोणीय रिक्तियाँ, द्वितीय परत के गोलों द्वारा आच्छादित नहीं होतीं।
- जब द्वितीय परत की त्रिकोणीय रिक्तियाँ, प्रथम परत की त्रिकोणीय रिक्तियों के ठीक ऊपर हों और इन रिक्तियों की त्रिकोणीय आकतियाँ अतिव्यापित न हों तो चतुष्फलकीय रिक्तियाँ बनती हैं।
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निम्नलिखित में से किस व्यवस्था में अष्टफलकीय रिक्तिका बनती है?
- hcp
- bcc
- सामान्य घनीय
- fcc
एक यौगिक में नाइट्रोजन (N) के परमाणु घनीय निविड संकुलित संरचना बनाते हैं और धातु के परमाणु (M) एक तिहाई चतुष्फलकीय रिक्तिकाओं में उपस्थित हैं। M एवं N द्वारा बने यौगिक का सूत्र ज्ञात कीजिए?
कॉलम I में दिए गए संकुलन के प्रकारों को कॉलम II में दिए गए मदों से सुमेलित कीजिए-
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) द्विविमा में वर्गीय निविड संकुलन | (a) त्रिकोणीय रिक्ति |
| (ii) द्विविमा में षट्कोणीय निविड संकुल | (b) प्रत्येक चौथी परत में गोलों का पैटर्न पुनरावृत्त होता है। |
| (iii) त्रिविमा में षट्कोणीय निविड संकुलन | (c) उपसहसंयोजन संख्या 4 |
| (iv) त्रिविमा में घनीय निविड संकुलन |
(d) एकान्तर परत में गोलों का पैटर्न पुनरावृत्त होता है । |
दर्शाइए कि घनीय निविड संकुलित संरचना में प्रति एकक कोष्ठिका आठ चतुष्फलकीय रिक्तियाँ उपस्थित होती हैं।
