Advertisements
Advertisements
Question
निम्नलिखित युग्मों के पदों (शब्दों) में कैसे विभेद करोगे?
चतुष्फलकीय रिक्ति एवं अष्टफलकीय रिक्ति
Advertisements
Solution
चतुष्फलकीय रिक्ति – ये रिक्तियाँ चार गोलों द्वारा घिरी रहती हैं जो एक नियमित चतुष्फलक के शीर्ष पर स्थित होते हैं। इस प्रकार जब भी द्वितीय परत का एक गोला प्रथम परत की रिक्ति के ऊपर होता है, तब एक चतुष्फलकीय रिक्ति बनती है। इन रिक्तियों को चतुष्फलकीय रिक्तियाँ इसलिए कहा जाता है। क्योंकि जब इन चार गोलों के केन्द्रों को मिलाया जाता है, तब एक चतुष्फलक बनता है। चित्र-4 में इन्हें “T’ से अंकित किया गया है। ऐसी एक रिक्ति को अलग से चित्र-5 में दिखाया गया है।
T - चतुष्फलकीय रिक्ति
O - अष्टफलकीय रिक्ति
निविड संकुलित गोलों की दो परतों का एक स्तम्भ और उनमें जनित होने वाली रिक्तियाँ
अष्टफलकीय रिक्ति – ये रिक्तियाँ सम्पर्क में स्थित तीन गोलों द्वारा संलग्नित रहती हैं। इस प्रकार द्वितीय परत की त्रिकोणीय रिक्तियाँ प्रथम परते की त्रिकोणीय रिक्तियों के ऊपर होती हैं और इनकी त्रिकोणीय आकृतियाँ अतिव्यापित नहीं होतीं। उनमें से एक में त्रिकोण का शीर्ष ऊर्ध्वमुखी और दूसरे में अधोमुखी होता है। इन रिक्तियों को चित्र-4 में ‘O’ से अंकित किया गया है। ऐसी रिक्तियाँ छह गोलों से घिरी होती हैं। ऐसी एक रिक्ति को अलग से चित्र- 5 में दिखाया गया है।
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
| (क) | (ख) | (ग) |
चतुष्फलकीय और अष्टफलकीय रिक्तियाँ
RELATED QUESTIONS
एक अणु की वर्ग निविड संकुलित परत में द्विविमीय उप-सहसंयोजन संख्या क्या होगी?
एक यौगिक दो तत्त्वों M तथा N से बना है। तत्त्व N, ccp संरचना बनाता है और M के परमाणु चतुष्फलकीय रिक्तियों के 1/3 भाग को अध्यासित करते हैं। यौगिक का सूत्र क्या है।
निम्नलिखित जालक में से एकक कोष्ठिका में कितने जालक बिन्दु होते हैं?
फलक-केन्द्रित चतुष्कोणीय
निम्नलिखित में से किस संकुलित संरचना में धनायन तथा ऋर्णायन के लिए उपसहसंयोजन संख्या समान होगी?
द्विविमीय वर्ग निविड संकुलित संरचना में उपसहसंयोजन संख्या क्या होती है?
निम्नलिखित में से कौन-सा दोष प्रभंश दोष भी कहलाता है?
घनीय निविड संकुलन की एकक कोष्ठिका ________।
निम्नलिखित में से किस व्यवस्था में अष्टफलकीय रिक्तिका बनती है?
- hcp
- bcc
- सामान्य घनीय
- fcc
फ़्रेंकेल दोष को यह भी कहते हैं-
- स्टॉइकियोमीट्री दोष
- प्रभ्रंश दोष
- अशुद्ध दोष
- नॉन-स्टॉइकियोमीट्री दोष
कॉलम I में दिए गए संकुलन के प्रकारों को कॉलम II में दिए गए मदों से सुमेलित कीजिए-
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) द्विविमा में वर्गीय निविड संकुलन | (a) त्रिकोणीय रिक्ति |
| (ii) द्विविमा में षट्कोणीय निविड संकुल | (b) प्रत्येक चौथी परत में गोलों का पैटर्न पुनरावृत्त होता है। |
| (iii) त्रिविमा में षट्कोणीय निविड संकुलन | (c) उपसहसंयोजन संख्या 4 |
| (iv) त्रिविमा में घनीय निविड संकुलन |
(d) एकान्तर परत में गोलों का पैटर्न पुनरावृत्त होता है । |






