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वह शर इधर गांडीव-गुण से भिन्न जैसे ही हुआ। धड़ से जयद्रथ का उधर सिर छिनन वैसे ही हुआ। - काव्य पंक्ति में अलंकार पंहचानकर उसका नाम लिखिए। - Hindi Course - A

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Question

वह शर इधर गांडीव-गुण से भिन्न जैसे ही हुआ।

धड़ से जयद्रथ का उधर सिर छिनन वैसे ही हुआ। - काव्य पंक्ति में अलंकार पंहचानकर उसका नाम लिखिए।

Grammar
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Solution

अतिशयोक्ति अलंकार

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2025-2026 (March) 3/2/3

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