English

“वे कहते हैं, मानव! सीखो, तुम हमसे जीना जग में” कविता में पक्षी मनुष्य से कैसा जीवन जीने के लिए कहते हैं?

Advertisements
Advertisements

Question

“वे कहते हैं, मानव! सीखो, तुम हमसे जीना जग में” कविता में पक्षी मनुष्य से कैसा जीवन जीने के लिए कहते हैं?

1. चित्र में एक बच्ची घास पर लेटकर शांत भाव से सोचती हुई दिखाई दे रही है।

Options

  • आकाश में उड़ते रहना

  • बंधन में रहना

  • स्वच्छंद रहना

  • संचय करना

MCQ
Advertisements

Solution

स्वच्छंद रहना

स्पष्टीकरण:

स्वच्छंद रहना। कविता में पक्षी कहते हैं: हम स्वच्छंद क्यों नहीं, और तुमने पग में बेड़ी क्यों डाली है? अर्थात पक्षी मनुष्य से उनकी तरह स्वच्छंद (स्वतंत्र, बिना बंधन के) जीवन जीने को कहते हैं। वे खुले, सीमा-हीन आकाश में निर्भय होकर विचरण करते हैं, जबकि मनुष्य लोभ, संचय और स्वार्थ के बंधनों में बँध गया है। इसलिए पक्षी मनुष्य को मुक्त होकर जीवन जीने की सीख देते हैं।

shaalaa.com
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 9: चिड़िया - पाठ से [Page 119]

APPEARS IN

NCERT Hindi Malhar Class 7
Chapter 9 चिड़िया
पाठ से | Q (क) 3. | Page 119
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×