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प्रश्न
“वे कहते हैं, मानव! सीखो, तुम हमसे जीना जग में” कविता में पक्षी मनुष्य से कैसा जीवन जीने के लिए कहते हैं?

पर्याय
आकाश में उड़ते रहना
बंधन में रहना
स्वच्छंद रहना
संचय करना
MCQ
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उत्तर
स्वच्छंद रहना
स्पष्टीकरण:
स्वच्छंद रहना। कविता में पक्षी कहते हैं: हम स्वच्छंद क्यों नहीं, और तुमने पग में बेड़ी क्यों डाली है? अर्थात पक्षी मनुष्य से उनकी तरह स्वच्छंद (स्वतंत्र, बिना बंधन के) जीवन जीने को कहते हैं। वे खुले, सीमा-हीन आकाश में निर्भय होकर विचरण करते हैं, जबकि मनुष्य लोभ, संचय और स्वार्थ के बंधनों में बँध गया है। इसलिए पक्षी मनुष्य को मुक्त होकर जीवन जीने की सीख देते हैं।
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
