Advertisements
Advertisements
Question
वसंत ऋतु में नीलकंठ के लिए जालीघर में बंद रहना असहनीय क्यों हो जाता था?
Advertisements
Solution
वसंत ऋतु के आरम्भ होते ही अपने स्वभाव के कारण नीलकंठ अस्थिर हो उठता था। वर्षा ऋतु में जब आम के वृक्ष मंजरियों से लद जाते थे। अशोक का वृक्ष नए गुलाबी पत्तों से भर जाता, तो वह बाड़े में स्वयं को रोक नहीं पाता था । उसे मेघों के उमड़ आने से पूर्व ही इस बात की आहट हो जाती थी कि आज वर्षा अवश्य होगी। वह उसका स्वागत करने के लिए अपने स्वर में मंद केका करने लगता और उसकी गूँज सारे वातावरण में फैल जाती थी। उस वर्षा में अपना मनोहारी नृत्य करने के लिए वह अधीर हो उठता और जालीघर से निकलने के लिए छटपटा जाता था।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
दादी माँ को बीमारियों का ज्ञान कैसा था? इस विषय में विस्तार से लिखिए।
पढ़ो और समझो
शांति + प्रिय = शांतिप्रिय
पढ़ो और समझो
महा + पुरुष = महापुरुष
तुमने अब तक पाठ्यपुस्तकों के अतिरिक्त कौन-कौन सी पुस्तकें पढ़ी हैं? उनमें से कुछ के नाम लिखो।
मान लो तुम मिनी हो। अब अपनी कहानी पूरी कक्षा में सुनाओ।
विश्वेश्वरैया के मन में कौन-कौन से सवाल उठते थे?
क्या तुम किसी विकलाँग व्यक्ति को जानते हो? उसके बारे में बताओ।
कुछ ऐसे विकलाँग व्यक्तियों के नाम लिखो जिन्होंने जीवन में विशेष सफलता प्राप्त की है।
विजय बाबू एक ग्राहक थे और मुरलीवाला एक विक्रेता। दोनों अपने-अपने पक्ष के समर्थन में क्या तर्क पेश करते हैं?
रक्त के सफ़ेद कणों को 'वीर सिपाही' क्यों कहा गया है?
किन बातों से ज्ञात होता है कि माधवदास का जीवन संपन्नता से भरा था और किन बातों से ज्ञात होता है कि वह सुखी नहीं था?
दृढ़ निश्चय और अथक परिश्रम से सफलता पाने के बाद तोत्तो-चान और यासुकी-चान को अपूर्व अनुभव मिला, इन दोनों के अपूर्व अनुभव कुछ अलग-अलग थे। दोनों में क्या अंतर रहे? लिखिए।
तोत्तो-चान कौन थी? उसकी हार्दिक इच्छा क्या थी?
खानपान के मामले में शुद्धता का मसला काफ़ी पुराना है। आपने अपने अनुभव में इस तरह की मिलावट को देखा है? किसी फ़िल्म या अखबारी खबर के हवाले से खानपान में होनेवाली मिलावट के नुकसानों की चर्चा कीजिए।
बहुविकल्पी प्रश्न
पाव-भाजी किस प्रांत का स्थानीय व्यंजन है?
बहुविकल्पी प्रश्न
धनराज का बचपन कहाँ बीता?
लेखिका ने ड्राइवर को किस ओर चलने का आदेश दिया और क्यों?
लेखिका नीलकंठ को प्रवाहित करने के लिए संगम पर क्यों गई?
आप जानते हैं कि किसी शब्द को बहुवचन में प्रयोग करने पर उसकी वर्तनी में बदलाव आता है। जैसे-सेनानी एक व्यक्ति के लिए प्रयोग करते हैं और सेनानियों एक से अधिक के लिए। सेनानी शब्द की वर्तनी में बदलाव यह हुआ है कि अंत के वर्ण 'नी' की मात्रा दीर्घ 'ी' (ई) से ह्रस्व 'ि' (इ) हो गई है। ऐसे शब्दों को, जिनके अंत में दीर्घ ईकार होता है, बहुवचन बनाने पर वह इकार हो जाता है, यदि शब्द के अंत में ह्रस्व इकार होता है, तो उसमें परिवर्तन नहीं होता जैसे-दृष्टि से दृष्टियों।
नीचे दिए गए शब्दों का वचन बदलिए-
-
नीति ______
ज़िम्मेदारियों ______
सलामी______
स्थिति______
स्वाभिमानियों______
गोली______
नीचे लिखा वाक्य पढ़ो। उसमें इस्तेमाल हुए मुहावरे को अपने ढंग से इस्तेमाल करके कुछ और वाक्य बनाओ।
बलदेव के दिल में जो बात बैठ जाती; उसे पूरा करके ही छोड़ता।
