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Question
वसंत पर अनेक सुंदर कविताएँ हैं। कुछ कविताओं का संकलन तैयार कीजिए।
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Solution
वसंत पर कविता
आए महंत वसंत।
मखमल के झूल पड़े हाथी-सा टोला।
बैठे किंशुक छत्र लगा, बाँध पाग पीला,
सँवर सदृश डोल रहे सरसों के सर अनंत।
आए महंत बसंत।
श्रद्धानत तरुओं की अंजलि से झरे पात
कोयल के मुँदै नयन, थर-थर-थर पुलक गात,
अगरु धूम लिए, झूम रहे सुमन-दिग्-दिगंत।
आए महंत वसंत।
खड़-खड़ कर ताल बजा, नाच रही विसुध हवा,
डाल-डाल अलि-पिक के गायन का बधाँ समाँ।
तरु-तरु की ध्वजा उठी जय-जये का है न अंत।
आए महंत वसंत।
-सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
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नीचे लिखी चीज़ों जैसी कुछ और चीज़ों के नाम सोचकर लिखो–
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(क) |
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(ख) |
तारों जैसे झिलमिल | ____________ |
| (ग) | हीरों जैसे दमकते | ______________ |
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(घ) |
फूलों जैसे सुंदर |
_______________ |
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नीचे शब्दों के बदलते रूप को दर्शाने वाला नमूना दिया गया है। उसे देखो और अपनी सुविधानुसार तुम भी दिए गए शब्दों को बदलो।
नमूना → गिरना –गिराना –गिरवाना
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उठना |
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______ |
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पढ़ना |
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______ |
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करना |
______ |
______ |
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फहरना |
______ |
______ |
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सुनना |
______ |
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